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राज्यसभा उपसभापति के लिए पक्ष-विपक्ष दोनों ने उतारे बिहारी उम्मीदवार, जीतने का गणित हरिवंश के पास

Janjwar Desk
12 Sep 2020 5:51 AM GMT
राज्यसभा उपसभापति के लिए पक्ष-विपक्ष दोनों ने उतारे बिहारी उम्मीदवार, जीतने का गणित हरिवंश के पास
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राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए अपना नामांकन दाखिल करते विपक्ष के साझा उम्मीदवार राजद सांसद मनोज झा, साथ में विपक्षी दलों के अन्य नेता

मनोज झा 12 विपक्षी दलों के उम्मीदवार बने हैं, लेकिन राज्यसभा के संख्या बल को देखते हुए उनकी जीत मुश्किल नजर आ रही है...

जनज्वारराज्यसभा में उपसभापति पद के लिए एनडीए की ओर से जदयू के सांसद हरिवंश और विपक्ष की ओर से 12 दलों के साझा उम्मीदवार राजद के प्रो. मनोज झा के बीच टक्कर होगी। खास बात है कि दोनों बिहार से ही हैं।

हरिवंश जहां जाने-माने पत्रकार रहे हैं और एक दैनिक समाचार पत्र के संपादक भी रहे हैं। वहीं मनोज झा दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्राध्यापक रहे हैं। हालांकि विपक्ष के पास जरूरी संख्या बल का अभाव है, पर इसके बावजूद राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने 11 सितंबर को उपसभापति पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है।

वर्तमान में हरिवंश ही राज्यसभा के उपसभापति थे और एनडीए ने इस पद पर एक बार फिर से उन्हीं को उम्मीदवार बनाया है।

मनोज झा के नामांकन दाखिल करने के बाद अब उपसभापति पद के लिए जेडीयू और आरजेडी राज्यसभा में आमने-सामने है। मनोज कुमार झा ने कांग्रेस नेता अहमद पटेल समेत विपक्ष के अन्य नेताओं की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया है।

मनोज झा 12 विपक्षी दलों के उम्मीदवार बने हैं, लेकिन राज्यसभा के संख्या बल को देखते हुए उनकी जीत मुश्किल नजर आ रही है। दरअसल राज्यसभा के उप सभापति का चुनाव इसी सोमवार को होना है।

हरिवंश पहले भी राज्यसभा के उपसभापति थे। 2018 में वे कांग्रेस के बीके हरिप्रसाद को हराकर उप सभापति बने थे। लेकिन 2020 में ही उनका सांसद के तौर पर कार्यकाल खत्म हुआ। लिहाजा वे उप सभापति पद से मुक्त हो गये थे। हरिवंश फिर से सांसद चुने गये हैं। अब नये सिरे से उप सभापति का चुनाव हो रहा है और एनडीए ने उन्हें फिर से अपना उम्मीदवार बनाया है।

उधर कांग्रेस समेत 12 विपक्षी पार्टियां एनडीए उम्मीदवार का विरोध कर रही हैं। विपक्षी पार्टियों ने पहले डीएमके के तिरूचि सिवा को राज्यसभा चुनाव में उप सभापति का उम्मीदवार बनाने का फैसला लिया था। लेकिन डीएमके नेतृत्व ने अपना उम्मीदवार खड़ा करने से इंकार कर दिया था। लिहाजा गुरूवार को फिर से विपक्षी पार्टियों की बैठक हुई। इस बैठक में आरजेडी के सांसद मनोज झा को उप सभापति पद के चुनाव में विपक्ष का साझा उम्मीदवार बनाने का फैसला लिया गया।

आरजेडी के सांसद मनोज झा दिल्ली यूनिवर्सिटी में शिक्षक थे। 2016 में उन्हें पार्टी ने राज्यसभा सांसद बनाया था। तेजस्वी यादव के करीबी माने जाने वाले मनोज झा राज्यसभा में नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ मुखर होकर बोलते रहे हैं।

राज्यसभा उप चुनाव में जेडीयू और आरजेडी के बीच लडाई होने जा रही है, वह भी ठीक बिहार विधानसभा चुनाव से पहले। हालांकि दोनों चुनाव में आपस में कोई वास्ता नहीं है। राज्यसभा के समीकरण बता रहे हैं कि आरजेडी के उम्मीदवार की जीत संभव नहीं दिख रही।

244 सदस्यों वाली राज्यसभा में बीजेपी के 87 सांसद हैं। वहीं उसके सहयोगियों में AIDMK के 9, JDU के 5, अकाली दल के 3, LJP के एक, MDMK के एक, 4 मनोनीत सदस्यों के अलावा दो निर्दलीय सांसद शामिल हैं. ये संख्या 113 होती है।

जेडीयू के हरिवंश को कई दूसरी पार्टियों का भी समर्थन हासिल होने की बात कही जा रही है। बीजू जनता दल के नवीन पटनायक के 9, तेलंगाना राष्ट्र समिति के 7 और वाईएसआर कांग्रेस के 6 सांसदों का समर्थन भी उन्हें मिलने की संभावना है। ऐसे में जेडीयू उम्मीदवार के समर्थक सांसदों की संख्या 135 हो जाती है।

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