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पटना के महावीर मंदिर पर हनुमानगढ़ी अयोध्या ने ठोका दावा, प्रशासक आचार्य किशोर कुणाल ने बताया बेबुनियाद

Janjwar Desk
17 July 2021 6:02 AM GMT
पटना के महावीर मंदिर पर हनुमानगढ़ी अयोध्या ने ठोका दावा, प्रशासक आचार्य किशोर कुणाल ने बताया बेबुनियाद
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(पूर्व की परंपरा के अनुसार पटना के महावीर मंदिर में मंदिर प्रबंधन द्वारा समय-समय पर नए पुजारी नियुक्त किये जाते हैं। हनुमानगढ़ी अयोध्या सहित कई धर्मस्थलों से पुजारी नियुक्त होते रहे हैं।)

बताया जा रहा है कि हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत प्रेमदास ने हनुमानगढ़ी के पुजारी के जरिये महावीर मंदिर पर अपना स्वामित्व जताने की कोशिश की है....

पटना, जनज्वार। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाए जाने की तैयारियों के बीच बिहार की राजधानी पटना स्थित सुप्रसिद्ध महावीर मंदिर पर अयोध्या के हनुमानगढ़ी ने अपना दावा ठोक दिया है। अपने प्रबंधन और विभिन्न चिकित्सा संस्थानों को अनुदान और मैनेजमेंट को लेकर देशभर में चर्चित हो चुके पटना के महावीर मंदिर पर मालिकाना हक को लेकर अब लड़ाई छिड़ गई है।

बताया जा रहा है कि इसे लेकर हनुमानगढ़ी द्वारा एक महीने से हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा था। अब उस हस्ताक्षर अभियान को आधार बनाकर बिहार धार्मिक न्यास परिषद को पत्र भेजकर दावा किया गया है कि मंदिर पर मालिकाना हक हनुमानगढ़ी अयोध्या का है।

उधर हनुमान गढ़ी अयोध्या के इस दावे पर बिहार धार्मिक न्यास परिषद ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। न्यास परिषद के अध्यक्ष अखिलेश कुमार जैन ने कहा कि अयोध्या के हनुमानगढ़ी द्वारा पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर पर अपना दावा जताने के संबंध में रजिस्टर्ड पोस्ट से कुछ कागजात भेजे गए हैं। इस संबंध में हनुमान मंदिर ट्रस्ट को नोटिस भेजा जाएगा और दोनों पक्षों को सुनने के बाद पर्षद इस पर कोई निर्णय लेगा।

वहीं हनुमानगढ़ी अयोध्या के दावे के बाद बिहार मंदिर से जुड़े पूर्व आईपीएस आचार्य किशोर कुणाल ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के समय से ही पटना महावीर मंदिर बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहा है। पटना महावीर मंदिर राम मंदिर के निर्माण में हर साल 2 करोड़ रुपए की सहयोग राशि दे रहा है। इसके साथ ही अयोध्या में महावीर मंदिर की तरफ से चलाई जा रही राम रसोई ने भी देश भर में ख्याति प्राप्त की है।

उन्होंने महावीर मंदिर द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न संस्थानों और अस्पतालों की चर्चा करते हुए कहा कि महावीर मंदिर द्वारा न सिर्फ धार्मिक कार्य किए जा रहे हैं बल्कि पटना में कई बड़े अस्पताल चलाए जाते हैं। महावीर मंदिर के तरफ से ही पटना का कैंसर अस्पताल, बच्चों का वात्सल्य अस्पताल सहित कई सुविधाएं लोगों को दी जा रही हैं। किशोर कुणाल ने कहा कि कुछ लोग इसकी लोकप्रियता से परेशान हैं और ऐसा बेबुनियाद दावा कर रहे हैं।

पुजारी के जरिये मंदिर को हड़पने की कोशिश

बताया जा रहा है कि हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत प्रेमदास ने हनुमानगढ़ी के पुजारी के जरिये महावीर मंदिर पर अपना स्वामित्व जताने की कोशिश की है। उल्लेखनीय है कि पूर्व की परंपरा के अनुसार पटना के महावीर मंदिर में मंदिर प्रबंधन द्वारा समय-समय पर नए पुजारी नियुक्त किये जाते हैं। हनुमानगढ़ी अयोध्या सहित कई धर्मस्थलों से पुजारी नियुक्त होते रहे हैं। जब भी कोई शिकायत आती है तो हटाये भी जाते हैं। मंदिर से जुड़े लोग बताते हैं कि महावीर मंदिर एक न्यास समिति के द्वारा चलता है और कभी भी किसी पुजारी को मालिकाना हक नहीं दिया जाता। कुछ महीने पहले महावीर मंदिर प्रबंधन ने एक पुजारी उमाशंकर दास को निकाला था, जिसे सामने रखकर यह दावा किया जा रहा है।

कोर्ट ने घोषित कर रखा है सार्वजनिक मंदिर

ताजा विवाद को लेकर आचार्य किशोर कुणाल ने 15 अप्रैल 1948 को पटना हाईकोर्ट के खंडपीठ के एक निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट ने महावीर मंदिर को सार्वजनिक मंदिर पहले ही घोषित कर रखा है। किशोर कुणाल में कहा कि ऐसे दावों की जानकारी जून में ही लग गई थी। इसके बाद तमाम दस्तावेज बिहार धार्मिक न्याय पर्षद को दे दिया गया है।

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