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Haridwar Hate Speech : वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र त्यागी की रिहाई के लिए गंगा किनारे अनशन पर बैठे यति नरसिंहानंद

Janjwar Desk
15 Jan 2022 4:00 AM GMT
Yati Narsinghanand के खिलाफ अब भीम आर्मी ने भी खोला मोर्चा, देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग
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वसीम रिजवी की रिहाई को लेकर गंगा के किनारे अनशन पर बैठे हरिद्वार धर्म संसद के आयोजक यति नरसिंहानंद

हरिद्वार में धर्म संसद के आयोजक यति नरसिंहानंद अब गंगा किनारे धरने पर बैठे हैं। वह वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र त्यागी की रिहाई की मा्ंग कर रहे हैं।

हरिद्वार। हरिद्वार 'धर्म संसद' में हेट स्पीच ( Haridwar Hate speech ) देने के मामले में गिरफ्तार वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र त्यागी ( Wasim Rizvi alias Jitendra Tyagi ) रिहाई की मांग को लेकर गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ( Yeti Narasimhanand ) गंगा किनारे धरने पर बैठ गए हैं। धरनास्थल पर उनके साथ कई समर्थक भी मौजूद हैं। यति नरसिंहानंद जितेंद्र त्यागी की रिहाई की मा्ंग पर अड़े हैं।

इससे पहले उन्होंने उत्तराखंड पुलिस को धमकी दी थी कि तुम सब मरोगो। यह बयान उस समय दिया जब हेट स्पीच ( Hate Speech ) के मामले में हरिद्वार पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची थीं। यनि नरसिंहानंद के विरोध के बावजूद पुलिस ने जितेंद्र त्यागी को गिरफ्तार किया था। उन्होंने पुलिस से पूछा था कि इस मामले में अकेले वसीम गिरफ्तारी क्यों? वसीम रिजवी हमारे कहने पर हिंदू धर्म में शामिल हुए हैं।

जितेंद्र त्यागी के रिहा होने तक अन्न-जल ग्रहण नहीं करूंगा

हरिद्वार में धरना दे रहे डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा कि जब त्यागी को गिरफ्तार किया गया तो वह मेरे ही साथ थे। मैंने पुलिस से कहा कि मुझे भी गिरफ्तार कर लो, मैं भी सह आरोपी हूं लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी। अब मैं सत्याग्रह कर रहा हूं। जब तक त्यागी को रिहा नहीं किया जाता, मैं अन्न-जल नहीं ग्रहण करूंगा।

अल्पसंख्यकों के खिलाफ भड़काऊ और हिंसक भाषण

दरअसल, हाल ही में हरिद्वार में नरसिंहानंद द्वारा आयोजित धर्म संसद में महात्मा गांधी को भी बुरा-भला कहा गया था। कुछ संतों ने इस मौके पर नाथूराम गोडसे की तारीफों के पुल बांधे थे। इसके अलावा इस कार्यक्रम में अल्पसंख्यकों के खिलाफ भड़काऊ और हिंसक भाषण दिए गए थे। इस मामले में गुरुवार शाम पुलिस ने वसीम रिजवी को गिरफ्तार किया था। वसीम रिजवी उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके हैं। 6 दिसंबर, 2021 को उन्होंने हिंदू धर्म स्वीकार कर लिया था। साथ ही अपना नाम बदलकर जितेंद्र नारायण त्यागी रख लिया था। हरिद्वार में 17 से 19 दिसंबर के बीच आयोजित धर्म संसद में हेट स्पीच देने के मामले में रिजवी भी आऱोपी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी कर कहा था कि सरकारें इस तरह के नरसंहार की वकालत करने वाले कार्यक्रमों को रोकने में नाकाम रही हैं।

फिलहाल, हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक योगेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जितेंद्र त्यागी को कोर्ट से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। कुछ लोगों को समन भेजा गया है औऱ आने वाले दिनों में कुछ अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

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