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Jhansi Tribal News Hindi : आदिवासी मजदूरों को पुलिसकर्मियों ने पीटा, झोपड़ियों को तोड़कर गांव से खदेड़ा

Janjwar Desk
5 Oct 2021 8:00 AM GMT
Jhansi Adiwasi
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(मारपीट और धमकी के बाद डरे-सहमे खेतिहर आदिवासी मजदूर परिवार)

Jhansi News : मजदूरी करने के लिए लगभग 50 लोग परिवार सहित झोपड़ी बनाकर रहते हैं, सोमवार 4 अक्टूबर की रात करीब 11.30 बजे पर रक्सा थाने की पुलिस जीप से गांव पहुंची, जिसमें सात सिपाही और एक दारोगा मौजूद थे....

झांसी से लक्ष्मी नारायण शर्मा की रिपोर्ट

Jhansi News जनज्वार । उत्तर प्रदेश के झांसी के रक्सा थानाक्षेत्र के ग्राम डोमागोर में बाहर से आकर गांव में खेतों पर मजदूरी करने वाले आदिवासियों ने स्थानीय थाने की पुलिस पर पिटाई करने और उनकी झोपड़ियों को तहस-नहस कर देने के आरोप लगाए हैं। आज मंगलवार 5 अक्टूबर को गांव के पीड़ित आदिवासी परिवारों ने झांसी (Jhansi) के एसएसपी कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत सुनाई और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। गांव के कई आदिवासियों (Adiwasi) ने अपने चोटों के निशान और शरीर पर व कपड़ों पर मौजूद खून के धब्बे दिखाए। इस मामले में शिकायतकर्ताओं को पुलिस अफसरों ने आश्वासन दिया है कि सीओ सदर मामले की जांच कर कार्रवाई करेंगे।

अस्थाई झोपड़ी बनाकर रहते हैं मजदूर

शिकायतकर्ताओं ने एसएसपी के नाम संबोधित शिकायती पत्र अफसरों को देकर कहा है कि वे मूलरूप से झांसी के कटेरा थानाक्षेत्र के ग्राम पडरा के रहने वाले हैं और पिछले लगभग पन्द्रह सालों से फसल कटाई का काम करने के मकसद से रक्सा थानाक्षेत्र के डोमागोर गांव में रहते आये हैं। मजदूरी करने के लिए लगभग 50 लोग परिवार सहित झोपड़ी बनाकर रहते हैं। सोमवार 4 अक्टूबर की रात करीब 11.30 बजे पर रक्सा थाने की पुलिस जीप से गांव पहुंची, जिसमें सात सिपाही और एक दारोगा मौजूद थे।

गांव छोड़ने का पुलिस ने बनाया दवाब

आदिवासियों (Adiwasi) ने लिखित शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि जीप सवार सभी पुलिसवाले शराब के नशे में थे और गाड़ी से उतरने के बाद उन पर लाठी-डंडों से हमला कर उनकी झोपड़ियां व उनमें रखे सामान तहस-नहस कर दिए। पिटाई के दौरान पुलिसकर्मी इन आदिवासियों से यह कह रहे थे कि वे गांव छोड़कर कहीं और चले जाएं। घटना में उत्तम आदिवासी के दोनों हाथ फ्रैक्चर हो गए जबकि नेपाल, रानी, धनसिंह, मुकेश, कस्तूरी, कमलेश, प्रीति, पंचम, मैदा, राजू, सुनीता, मंजू, गीता, दुखूँ, फूला, रघुबीर आदि को चोट आई है।


कई मजदूरों को आई चोट

शिकायतकर्ता उत्तम आदिवासी के मुताबिक रात में पुलिसवालों ने उनकी पिटाई की। उस समय सभी लोग सो रहे थे। उन्होंने जगाया फिर मारपीट की। हम पडरा के रहने वाले हैं और डोमागोर में रहते हैं। हरकुंवर ने बताया कि रक्सा थाने के लोगों ने उनके साथ मारपीट की है। हम दिन भर मजदूरी करके आते हैं और रात में सो जाते हैं। वे लोग रात में आये और अचानक आकर सभी की पिटाई शुरू कर दी। एक व्यक्ति को तो ऐसा मारा कि उसके हाथ टूट गए।

दोषी पुलिसकर्मियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग

गांव के पूर्व प्रधान विमलेश राय बताते हैं कि ये लोग पिछले पंद्रह सालों से पडरा गांव से हमारे गांव डोमागोर मजदूरी करने आते हैं। हमें हमेशा इनकी जरूरत पड़ती है और हमारे बीच तालमेल है। ये सब हमारे यहां रहते हैं। रक्सा एसओ ने रात के समय इनके साथ मारपीट और इनकी झोपड़ियों में तोड़फोड़ की। नशे में इतनी मारपीट की कि एक व्यक्ति का हाथ ही टूट गया। रक्सा पुलिस का मकसद यह है कि बाहर के लोग यहां क्यों रह रहे हैं। अभी हमारी सीओ से मुलाकात हुई है और उन्होंने मौके पर जाकर निर्णय करने का आश्वासन दिया है। जिन पुलिसकर्मियों ने बदतमीजी की है, उन्हें सजा मिलनी चाहिए।

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