Jhansi News : मोर्चरी में रखे किसान के शव को नेवले ने नोंच डाला, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते परिजनों ने काटा हंगामा

Jhansi News : मोर्चरी में रखे किसान के शव को नेवले ने नोंच डाला, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते परिजनों ने काटा हंगामा
Jhansi news : यूपी के झांसी में एक किसान को खेत में जहरीला कीड़े के काटने से मौत हो गई। किसान की मौत के बाद शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया, जिसे नेवलों ने कुतर दिया। पोस्टमार्टम में परिजन शव देख भड़क गये और हंगामा काटने लगे। परिजन अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाये। घंटों चले हंगामे पर प्रशासन ने इस पूरे मामले में जांच बैठा दी है, कहा कि दोषियों पर कार्यवाही होगी।
जानकारी के मुताबिक झांसी के थाना तालबेहट के गांव हर्षपुर का रहने वाला अनंदी (65) अपनी ससुराल तालगांव में आया हुआ था। वह 22 जुलाई शुक्रवार को खेत में कीटनाशक दवा का छिड़काव कर रहा था। इसी दौरान उसे सांप ने डस लिया। हालत बिगड़ने पर मौजूद कुछ लोगों ने ससुरालियों के पास पहुंचा और सांप के डसने की बात बताई। किसान की इलाज दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए मोर्चरी में रखवा दिया।
दूसरे दिन शनिवार 23 जुलाई को अनंदी के परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। एसआई पंचनामा भरने के लिए आ गए। कर्मचारी ने जैसे ही मोर्चरी का दरवाजा खोला तो यहां मौजूद सभी के होश उड़ गए। मोर्चरी के अन्दर करीब आधा दर्जन नेवले थे, जो स्ट्रेचर पर रखे आनंदी के शव को खा रहे थे। चेहरे का दाहिनी तरफ का हिस्सा बुरी तरह से कुतर दिया था। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। हंगामे की जानकारी पर पहुंचे अधिकारियों ने समझा.बुझाकर शांत किया।
मोर्चरी में दो फ्रीजर
पोस्टमार्टम मोर्चरी हाउस में दो फ्रीजर हैं जो खराब बताये गये। इन्हें ठीक कराने की जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन पर है लापरवाही बरती गई। यही कारण रहा कि मोर्चरी में शव को स्ट्रेचर पर फ्रीजर के बजाय नीचे ही रखा गया था।
21 घंटे बाद हुआ पोस्टमार्टम
शुक्रवार 22 जुलाई की सुबह करीब साढे़ दस बजे किसान अनंदी की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद शव को मोर्चरी में रखवा दिया। शव का पंचायतनामा भरने के लिए शनिवार 23 जुलाई की सुबह कोतवाली में तैनात एक दरोगा मोर्चरी पहुंचता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला अस्पताल सहित पुलिस प्रशासन किस तरीके से काम कर रहा है।
पुलिस और अस्पताल प्रशासन की मिली लापरवाही
जब शनिवार 23 जुलाई को मोर्चरी में शव नोंच कर खाने की बात सामने आयी तो जिला अस्पताल प्रशासन व पुलिस प्रशासन अपने अपने तर्क रखकर जिम्मेदारी से बचता नजर आया। जिला अस्पताल प्रशासन का कहना है कि शुक्रवार को अनंदी की मौत होने की सूचना उन्होंने मेमो के माध्यम से पुलिस को भेज दी थी तो वहीं पुलिस का कहना है कि उन्हें अस्पताल से पंचायतनामा भरने की सूचना देर से मिल सकी।
मुख्य चिकित्साधीक्षक जिला अस्पताल राजेंद्र प्रसाद ने बताया मोर्चरी के अंदर रखे शव को जानवरों व अन्य जीव जंतुओं से बचाने के प्रबंध है, लेकिन चूहा व नेवले किसी प्रकार अंदर घुस जाते हैं। यही कारण हो सकता है कि यहां रखे शव को नेवले या चूहों ने कुतर दिया हो। इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने क्या कहा
पुलिस अधीक्षक निखिल पाठक ने बताया कि जिला अस्पताल परिसर में मोर्चरी होने के कारण शव को सुरक्षित रखने की व्यवस्था अस्पताल प्रशासन की है। कोतवाली पुलिस को देर शाम सूचना मिलने के बाद उसका सुबह पंचनामा भरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अस्पताल प्रशासन का आरोप गलत है।











