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Karnataka High Court : दुष्कर्म तो दुष्कर्म है, इससे फर्क नहीं पड़ता कि ऐसा करने वाला पति है या कोई और

Janjwar Desk
24 March 2022 4:09 AM GMT
कर्नाटक हाईकोर्ट : तलाक की याचिका वापस लेने के बाद भी पति से गुजारा भत्ता पाना पत्नी का अधिकार
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कर्नाटक हाईकोर्ट : तलाक की याचिका वापस लेने के बाद भी पति से गुजारा भत्ता पाना पत्नी का अधिकार

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी की सहमति के बगैर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाना बलात्कार की श्रेणी में रखा जाएगा।

बेंगलूरु। महिलाओं के साथ आये दिन होने वाली रेप की घटनाओं को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट ( karnataka High Court ) ने अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि दुष्कर्म तो दुष्कर्म ( Rape is Rape ) होता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि करने वाला कौन है। इस तरह की अमानवीय घटना को पति ही क्यों न अंजाम दे उसे रेप ही माना जाएगा। कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी की सहमति के बगैर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाना बलात्कार ( Rape ) की श्रेणी में रखा जाएगा।

हाईकोर्ट के जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने यह टिप्पणी एक ऐसे मामले में की जिसमें पति पर अपनी पत्नी के साथ बलात्कार का आरोप है। हाईकोर्ट की पीठ ने आरोपी पति पर पत्नी से बलात्कार के आरोप को बरकरार रखा है।

याची की दलील खारिज

इससे पहले याचिकाकर्ता पति की तरफ से पेश हुए वकील की दलील थी कि उसके मुवक्किल ने महिला के साथ शादी की है। वो उसके साथ शारीरिक संबंध बना सकता है। ऐसे संबंधों को बलात्कार की श्रेणी में नहीं डाला जा सकता। हाईकोर्ट ने उनकी दलील को दरकिनार करते हुए कहा कि आदमी आदमी है। बलात्कार का मतलब बलात्कार है। ऐसी हरकत को बलात्कार की श्रेणी में रखा जाएगा।

पुरानी मान्यता को बदलने की जरूरत

कर्नाटक हाईकोर्ट ( karnataka High Court ) की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि सदियों से माना जाता है कि औरत अपने पति की गुलाम होती है। उसकी हर चीज पर पति का हक होता है। वो जब चाहे जैसा चाहे उसके साथ वैसा कर सकता है। अब इस मान्यता को बदलने की जरूरत है। महिला के साथ हुए अन्याय के मामले में सख्त कदम की जरूरत है। ऐसा करना इसलिए भी जरूरी है कि इस तरह के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

ये है हाईकोर्ट का फैसला

कर्नाटक हाईकोर्ट ( karnataka High Court ) का कहना था कि हर एक महिला की अपनी एक जिंदगी होती है। बेशक उसकी शादी के बाद पति का उस पर अहम हक होता है। उसकी अपनी मनमर्जी भी होती है। पर, ये नहीं कि पति जब चाहे जैसे चाहे उसका इस्तेमाल करे। इस मामले में उसे पत्नी की इच्छा का सम्मान भी करना होगा। पति के ऐसी हरकत का महिला की मनोदशा पर प्रभाव पड़ता है।

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