Loksabha Bypolls 2022 : सपा ने रामपुर से आजम खान के खास असीम राजा और आजमगढ़ से धर्मेंद्र यादव को मैदान में उतारा

Loksabha Bypolls 2022 : सपा ने रामपुर से आजम की पत्नी तंजीम फातिमा और आजमगढ़ से धर्मेंद्र यादव को मैदान में उतारा
Loksabha Bypolls 2022 : समाजवादी पार्टी ने आने वाले लोकसभा उपचुनाव (Loksabha Bypolls 2022) के लिए अपने दो उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। खबरों के मुताबिक समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के उम्मीदवारों के चयन को अंतिम रूप दे दिया गया है। समाजवादी पार्टी ने लोकसभा उपचुनाव (Loksabha Bypolls 2022) के लिए आजमगढ़ से पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव और रामपुर से आजम खान के खास माने जाने वाले असीम राजा को टिकट दिया है।
आज है नामांकन की आखिरी तारीख
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की दो सीटों के लिए लोकसभा उपचुनावों (Loksabha Bypolls 2022) के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से 30 मई को अधिसूचना जारी कर दी गई थी। आज नामांकन भरने की आखिरी तारीख है। दोनों लोकसभा सीटों पर मतदान 23 जून को होना है जबकि इसके नतीजे 26 जून को जाएंगे।
विधानसभा चुनावों में जीत के बाद अखिलेश ने आजमगढ़ जबकि आजम खान ने रामपुर सीट छोड़ी थी।
आपको बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में आजमगढ़ से अखिलेश यादव और रामपुर से सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान ने जीत दर्ज की थी। विधानसभा चुनाव 2022 में अखिलेश यादव ने करहल और आजम खान ने रामपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, जीत के बाद दोनों सपा नेताओं ने लोकसभा सीट छोड़कर राज्य में ही रहकर राजनीति करने का फैसला किया था। उसके बाद चुनाव आयोग की ओर से इन दोनों सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की गयी थी।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की सियासत में बीते कई दिनों से आजम खान और अखिलेश यादव के संबंधों पर खासी चर्चा होती रही है। राज्यसभा चुनावों के दौरान जब कपिल सिब्बल को समाजवादी पार्टी ने समर्थन दिया, उस समय कयास लगाए जा रहे थे कि अखिलेश यादव ने ये फैसला आजम खान के कहने पर लिया है। हालांकि आजम खान ने ऐसी खबरों को गलत करार दिया था। उसके बाद सपा सुप्रीमो आजम खान से मिलने दिल्ली के एक अस्पताल में भी पहुंचे थे, जहां सपा नेता का इलाज चल रहा था। ऐसे में लोकसभा उपचुनाव में (Loksabha Bypolls 2022) आजम खान के खास असीम राजा को रामपुर सीट से उतारना यह जाहिर करता है कि सपा सुप्रीमो किसी भी हालत में आजम को पार्टी से इतर लाइन नहीं चलने देना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि आजम खान और पार्टी के बीच मतभेद की कोई भी खबर मीडिया में सुर्खियां नहीं बने।





