Maharashtra : शिंदे गुट के विधायकों को केंद्र ने दी सुरक्षा, CRPF तैनात कर उद्धव को टकराव से दूर रहने की दी चेतावनी

Maharashtra News : महाराष्ट्र में खतरे में उद्धव सरकार, एकनाथ शिंदे ने 25 विधायकों के साथ सूरत में डाला डेरा
Maharashtra : महाराष्ट्र में शिवसैनिकों के दो गुटों के बीच जारी तनातनी और उद्धव ( Uddhav Thackeray ) गुट की ओर से तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद केंद्र सरकार ( Central Government ) ने भी इस मामले में सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। केंद्र सरकार ने ऐसा कर उद्धव ठाकरे को साफ संकेत दिया है कि वो टकराव को बढ़ावा न दें। साथ ही अपने शिवसैनिकों को हिंसक गतिविधियों से दूर रहने की हिदायत दें।
शिवसैनिकों की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेगी भाजपा
अभी तक महाराष्ट्र ( Maharashtra ) में सत्ता संघर्ष शिवसेना ( Shiv Sena ) के उद्धव ( Uddhav Thackeray ) और शिंदे ( Eknath Shinde ) गुट के बीच चल रहा था, वो अब भाजपा ( BJP ) और शिवसेना ( Shiv Sena ) के बीच आमने-सामने की लड़ाई में तब्दील होने के करीब पहुंच गया है। केंद्र सरकार ( Central Government ) ने बागी गुटों के 16 विधायकों को सीआरपीएफ सुरक्षा ( CRPF Security ) मुहैया कराकर स्पष्ट कर दिया है कि वो शिवैनिकों की गुंडागर्दी और बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
भाजपा अभी तक पर्दे के पीछे से खेल रही थी लेकिन केंद्र सरकार ने शिवसेना के बागी गुटों के 16 विधायकों के परिवारों को सीआरपीएफ सुरक्षा ( CRPF Security ) मुहैया कराकर साफ कर दिया है कि भाजपा ( BJP ) अब और चुप नहीं बैठ सकती। यही वजह है कि केंद्र सरकार ने बागी विधायकों के घर और दफ्तर के बाहर सीआरपीएफ के जवानों को तैनात करने का फैसला लिया है।
कब तक गुवाहाटी में छुपे रहोगे
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र की राजनीति मुंबई और गुवाहाटी में केंद्रित हो गई है। एकनाथ शिंदे गुट के बागी विधायक गुवाहाटी में जमे हुए हैं। वहीं मुंबई में ठाकरे की शिवसेना बैठकें कर रही हैं। शनिवार को शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई जिसमें 6 प्रस्ताव पास किए गए। बैठक के बाद स्पष्ट कहा गया कि बाला साहेब और शिवसेना के नाम का इस्तेमाल कोई अन्य नहीं कर सकता। संजय राउत ने कहा था कि लाखों शिवसैनिक एक इशारे का इंतजार कर रहे हैं। कब तक गुवाहाटी में रहोगे, मुंबई तो आना ही पड़ेगा।
शिंदे के समर्थन में धुले के मेयर ने दिया इस्तीफा
दूसरी तरफ एकनाथ शिंदे ने अपने बयान में महाविकास अघाड़ी को अजगर बताया और उसके चंगुल से शिवसेना को निकालने की बात फिर से दोहराई थी। शिवसेना के धुले मेयर सतीश महाले ने इस्तीफा दे दिया है। सतीश महाले ने एकनाथ शिंदे के समर्थन में इस्तीफा दिया है। सतीश महाले का दावा है कि संकट के समय शिंदे उनकी मदद कर रहे हैं। सतीश महाले हाल ही में ठाकरे द्वारा बुलाई गई जिला प्रमुखों की बैठक में भी शामिल हुए थे। इसके बावजूद शिंदे के समर्थन में इस्तीफा दिया है। एकनाथ शिंदे खेमे के समर्थकों ने ठाणे में सीएम उद्धव ठाकरे के समर्थन में लगाए गए पोस्टरों पर पेंट लगाए हैं।





