नवाब मलिक ने समीर वानखेडं की मां का डेथ सर्टिफिेकेट किया जारी, कहा - एक और फर्जीवाड़ा, अंतिम संस्कार के लिए मुसलमान और सरकारी दस्तावेज के लिए हिन्दू?
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक को ED ने किया गिरफ्तार
मुंबई क्रूज शिप ड्रग्स केस ( Mumbai cruise ship Drugs case ) में आर्यन खान ( Aryan Khan ) को स्थायी जमानत मिलने के बावजूद महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ( Nawab Malik ) और एनसीबी मुंबई के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ( Sameer Wankhede ) के बीच जारी संघर्ष कम होने का नाम नहीं ले रहा है। नवाब मलिक की ओर से समीर दाउद वानखेड़े पर आरोप लगाने का सिलसिला जारी है। आज उन्होंने एक और ट्विट किया है। इस ट्विट में उन्होंने समीर वानखेड़े की मां का डेथ सर्टिफिकेट भी अटैच किया है।
यह तो कमाल है - ऐसा तो समीर दाउद वानखेड़े ही कर सकता है
साथ ही उन्होंने अपने ट्विट में लिखा है - एक और फर्जीवाड़ा, अंतिम संस्कार के लिए समीर वानखेड़े की मांग मुसलमान और सरकारी दस्तावेज में हिंदू कैसे हो सकती हैं। धन्य है Dawood Dnyandeo। यह तो कमाल है। ऐसा तो समीर दाउद वानखेड़े और उनके पिता ही ऐसा कर सकते हैं। इसके बावजूद उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। साफ है कि नवाब मलिक एनसीबी के जोनल डायरेक्टर का सच सामने लाने की हर संभव कोशिश में जुटे हैं। वहीं, समीर उसका जवाब देने में भी पीछे नहीं है। इतना ही नहीं वो हर आरोपों के खिलाफ जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा भी खटखटा रहे हैं।
मलिक के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच पहुंचे ज्ञानदेव
दूसरी तरफ एक दिन पहले नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारी समीर वानखेड़े के पिता ज्ञानदेव वानखेडे की तरफ से महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे में बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें कोई राहत नहीं दी थी। अब उन्होंने ने इस मामले को बॉम्बे हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में चैलेंज किया है। ज्ञानदेव वानखेड़े ने अपनी याचिका में यह मांग की है कि नवाब मलिक को राहत नहीं दी जानी चाहिए। साथ ही मलिक अपने बयानों में उनका नाम दाऊद ना पुकारें। इसके अलावा, मलिक उनके परिवार के खिलाफ में कोई भी आपत्तिजनक पोस्ट सोशल मीडिया पर न करें।
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक बीते डेढ़ महीने से लगातार नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और उनके अधिकारी समीर वानखेड़े के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। नवाब मलिक, एनसीबी और समीर वानखेड़े के खिलाफ न बोलें इसलिए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
धर्म पर विवाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने क्या कहा?
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया नवाब मलिक ने समीर वानखेड़े के नाम को लेकर जो आरोप लगाए हैं वह गलत नजर नहीं आते हैं। ऐसे में नवाब मलिक के ऊपर बोलने का प्रतिबंध लगाना ठीक नहीं। मलिक ने समीर वानखेड़े पर यह आरोप लगाया था कि वह असल में मुस्लिम धर्म से ताल्लुक रखते हैं लेकिन सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए उन्होंने खुद को दलित समाज का बताया और उससे जुड़े हुए फर्जी दस्तावेज बनवाएं।











