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पत्रकार नलिन चौहान की गुमशुदगी पर रवीश कुमार के बाद पीसीआई ने भी लिखा पत्र

Janjwar Desk
19 Dec 2020 6:13 AM GMT
पत्रकार नलिन चौहान की गुमशुदगी पर रवीश कुमार के बाद पीसीआई ने भी लिखा पत्र
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प्रेस काउंसिल के सदस्य आनंद प्रकाश राणा ने अपने लिखे पत्र में नलिन की पत्नी अल्पना चौहान के फेसबुक पोस्ट का जिक्र करते हुए लिखा है कि नलिन 10 दिसंबर 2020 से लापता हैं..

नई दिल्ली, जनज्वार। नलिन को गुम हुए आज नौवां दिन है। पत्नी बच्चे, दोस्त, रिश्तेदार सब परेशान हैं। उनके लौटने की राह देखते देखते बेचारे थककर सो जाते हैं, बस इसी उम्मीद में की कल जब वो सोकर जगेंगे तो नलिन उनके साथ होंगे। कल शुक्रवार को जाने माने पत्रकार रवीश कुमार ने नलिन को लेकर एक फेसबुक पोस्ट लिखी थी। जिसके बाद भारतीय प्रेस परिषद ने भी दिल्ली पुलिस के कमिश्नर को पत्र लिखा है।

प्रेस काउंसिल के सदस्य आनंद प्रकाश राणा ने अपने लिखे पत्र में नलिन की पत्नी अल्पना चौहान की फेसबुक पोस्ट का जिक्र करते हुए लिखा है कि नलिन 10 दिसंबर 2020 से लापता हैं। सभी परिजनों सहित नलिन के चाहने वाले भी उनके अचानक लापता हो जाने से परेशान हैं।

दरअसल नलिन कोविड -19 के अवसाद से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। नलिन राजपुर रोड स्थित अपने सरकारी आवास से कुछ देर में वापस आने की बात कहकर निकले थे, लेकिन लौटकर नहीं आये। उनके गुमशुदा होने की रिपोर्ट सिविल लाइन थाने में दर्ज है।

बताते चलें कि नलिन चौहान सरकारी सेवा के दौरान दिल्ली के उपराज्यपाल तथा दिल्ली सरकार के विभिन्न मंत्रियों के सूचना अधिकारी रह चुके हैं। उनके परिवार के सदस्य पिछले 9 दिनों से बेहद परेशान हैं। जनसंपर्क विभाग में कार्यरत नलिन का दिल्ली के तमाम पत्रकारों से भी करीबी संपर्क था।

दिल्ली के कई पत्रकार उनके लापता होने से अचंभित और परेशान हैं। पीसीआई ने अपने लिखे पत्र में किसी डीसीपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में नलिन की गुमशुदगी की जांच कराने के लिए आग्रह किया है।

इससे पहले जाने माने पत्रकार रवीश कुमार ने भी नलिन के गुम होने पर लिखा है कि 'आपसे मदद की अपील है।'

उन्होंने लिखा कि नलिन चौहान की दुनिया किताबों की थी। एक दिन उठा और घर से निकल कर दूसरी दुनिया में चला गया। परिवार और उसके दोस्त बेहद फ़िक्रमंद हैं। नलिन मेरा क्लासमेट रहा है। व्हाट्स ग्रुप का साथी। हममें से किसी को पता नहीं चला कि वो बेचैनियों से घिरा हुआ है।

रवीश कुमार ने आगे लिखा था 'आप सभी की चौकस निगाहों से गुज़ारिश है कि लंबे चौड़े क़द का नलिन देखते रहिए। घर से जाना एक स्वाभाविक यात्रा है। मानसिक दुनिया के रास्तों का पता नहीं चलता। आप कोशिश करेंगे तो लौटने का रास्ता मिल जाएगा। हम समझते हैं और आप भी समझिए। यह होता है और हो सकता है। मुझे यक़ीन है कि आपकी कोशिशों से नलिन लौट आएगा। मिल जाएगा।'

नलिन के परिवार और दोस्तों ने भी अपील की है-

दिल्ली सरकार में उप-निदेशक (सूचना) नलिन चौहान 10 दिसंबर की दोपहर से लापता हैं। वे corona के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुए थे और 5 दिसंबर को डिस्चार्ज होकर राजपुर रोड के ट्रांज़िट हॉस्टल स्थित अपने सरकारी फ़्लैट पर आए थे।

वे सामने के ही एक ख़ाली फ़्लैट में होम isolation में रह रहे थे। उनका फ़ोन घर पर ही है और उनके पास किसी तरह का सामान नहीं है। मोहल्ले के सुरक्षा गार्ड को उन्होंने जाते समय बताया था कि थोड़ी देर में लौट रहे हैं। नलिन की उम्र 47 साल है।

सरकारी नौकरी में आने से पहले वे इंडिया टुडे और पीटीआई-भाषा में काम कर चुके हैं। उनके परिवार में 15 साल की बेटी और 13 साल का बेटा है। 70 पार के पिताजी और एक छोटा भाई भी है। दिल्ली के सिविल लाइंस थाने में 10 तारीख़ को ही शिकायत दर्ज की गयी थी। नलिन पढ़ने लिखने के बेहद शौक़ीन हैं और दरियागंज में हर रविवार लगने वाली पुस्तक बाज़ार में भी वे अमूमन हर हफ़्ते जाते हैं। उनके ग़ायब होने का किसी को कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। पत्रकारिता और प्रशासन में उनके बहुत दोस्त हैं और सब परेशान हैं।

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