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अपने ही उठा रहे नीतीश सरकार पर सवाल, BJP MLA बोले- मंत्रियों ने जमकर खायी मलाई, छापेमारी में मिलेंगे करोड़ों

Janjwar Desk
2 July 2021 9:31 AM GMT
अपने ही उठा रहे नीतीश सरकार पर सवाल, BJP MLA बोले- मंत्रियों ने जमकर खायी मलाई, छापेमारी में मिलेंगे करोड़ों
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बिहार की सुशासन बाबू की सरकार अपने ही मंत्रियों और विधायकों के निशाने पर है, ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर बीजेपी विधायक ने लगाये गंभीर आरोप, कहा-मंत्रियों के घर मिलेंगे करोड़ों रुपये

जनज्वार पटना। बिहार(Bihar) की सुशासन बाबू की सरकार अपने ही मंत्रियों और विधायकों के निशाने पर है। नीतीश सरकार (Nitish Kumar) पर नौकरशाही किस तरह हावी है, इसकी बानगी गुरुवार एक जुलाई को देखने को मिली जब नीतीश के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने बिहार सरकार (Bihar Government) की नौकरशाही की पोल खोलते हुए इस्तीफे की पेशकश कर डाली है। उन्होंने मीडिया से कहा कि ऐसे पद रहने से कोई फायदा नहीं, जब वो आम आदमी का कोई काम नहीं करा सकते। उनके विभाग में चपरासी भी उनकी बात नहीं सुनते तो मंत्री बने रहने से क्या फायदा।

वहीं ट्रांसफर-पोस्टिंग (Transfer-Posting) पर नीतीश सरकार सवालों के घेरे में है। दरअसल, मदन सहनी कोई पहले नेता नहीं है जिन्होंने नेतृत्व की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाये हैं। इनसे पहले दो बीजेपी नेताओं ने भी अपनी ही सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली थी। बीजेपी विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू (BJP MLA) ने तो तबादले के नाम पर मंत्रियों (Ministers) पर करोड़ों की रिश्वत लेने के आरोप लगाये। उन्होंने अपनी पार्टी भाजपा (BJP) के मंत्रियों पर ज्यादा भड़ास निकाली। अब इस पूरे मामले को लेकर विपक्ष को बैठ-बिठाये एक मुद्दा मिल गया है। और वो सरकार पर हमलावर है।

मंत्रियों के घर से मिलेंगे करोड़ोंः ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू

सूबे में बुधवार 30 जून को बड़े पैमाने पर ट्रांसफर-पोस्टिंग हुई। अब इस तबादले के खेल को लेकर राजनीति गरम है। बीजेपी विधायक ने बड़े पैमाने पर रिश्वतखोरी का आरोप लगाकर अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि मंत्रियों ने खूब मलाई मारी है। इस दौरान उन्होंने अपनी पार्टी को भी नहीं बख्शा और कहा कि इसमें ज्यादातर बीजेपी के मंत्री शामिल हैं। इसमें खुलकर पैसा लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक-एक अफसर को 5-5 बार फोन किया गया कि आप आइए, पैसा दीजिए तब आपका ट्रांसफर होगा।

साथ ही कहा कि तबादले के खेल में जेडीयू (JDU) के एक ही मंत्री शामिल हैं, नीतीश कुमार के कारण जेडीयू में इन सभी चीजों पर नियंत्रण है और जो एक मंत्री हैं जो कि बाहर से आए हैं वो अभी नीतीश को जान नहीं पाए हैं। बीजेपी विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तबीयत खराब होने की वजह से उनसे मुलाकात नहीं हो सकी है। जैसे ही वे ठीक होंगे उनसे मिलकर पूरी जानकारी दूंगा। उन्होंने कहा कि भाजपा मंत्रियों में तो किसी का डर भी नहीं है और इसलिए उन्होंने जमकर मनमानी की और अच्छी उगाही की।

अपनी सरकार की पोल खोलते हुए ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि अगर आज मंत्रियों के आवास पर छापेमारी की जाए, तो करोड़ों रुपए मिलेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मनचाही जगहों पर पोस्टिंग के लिए भारी-भरकम बोलियां लगवाई गईं।

ब्लॉक स्तर तक भ्रष्टाचार, नहीं सुनते अधिकारी- बचौल

दूसरी तरफ बिस्फी से बीजेपी के विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने भी नाराजगी जताई। और मंत्री मदन सहनी की तरह ही विधायक पद की स्थिति को लेकर शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में विधायकों की स्थिति चपरासी से भी बद्तर हो गई है। उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर तक पर भ्रष्टाचार है। लेकिन शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होती। अधिकारी तक विधायकों की बात नहीं सुनते। विधायक अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधि हैं, लोग उनके पास शिकायत लेकर आते हैं, लेकिन आखिर वे समस्याएं लेकर किसके पास जाएं। भाजपा विधायक ने कहा कि हम किसी से अनुरोध तक नहीं कर सकते। विधायकों का मान-सम्मान दांव पर है।

भ्रष्टाचार पर खोली सरकार की पोलः मृत्युंजय तिवारी

सरकार के अपने ही नुमाइंदों ने उसे सवालों के बीच खड़ा कर दिया है। इस पर विपक्ष ने भी तेवर तल्ख किये है। बीजेपी विधायक के भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद अब विपक्ष सरकार पर हमलावर है। आरजेडी (RJD) प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि सुशासन चाहे जितना ढोल पीटे लेकिन पोल खुल गई है। बीजेपी के विधायक ने भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है।

तेजस्वी याद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जो लगातार आरोप लगा रहे थे कि चारों ओर भ्रष्टाचार है। ये अब सत्ताधारी दल के नेता और बीजेपी के विधायक भी कह रहे हैं, 80 फीसद भ्रष्टाचारी लोग सरकार में हैं। इसका जवाब मुख्यमंत्री को देना चाहिए। बीजेपी विधायक ने जिस तरह आरोप लगाये हैं ये गंभीर सवाल है और जनता की गाढ़ी कमाई को लूटने वालो को इतनी छूट नहीं दी जाएगी।

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