Russia-Ukraine War Update: रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण जंग के बीच अब भी फंसे हैं 1000 से अधिक भारतीय छात्र

Russia-Ukraine War Update: रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण जंग के बीच अब भी फंसे हैं 1000 से अधिक भारतीय छात्र
Russia-Ukraine War Update: 24 फरवरी को यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पूरी दुनिया में जैसे अफरातफरी का माहौल का हो गया है। जैसे-जैसे यूक्रेन पर रूस की आक्रामकता बढ़ रही है वैसे वैसे पूरी दुनिया की चिंता भी बढ़ती जा रही है। अफरातफरी की इस स्थिति के बीच भारत के लिए बुरी खबर थी कि इस दौरान तकरीबन 18000 भारतीय छात्र युद्ध से ग्रस्त यूक्रेन में फंसे हुए थे। इनमें से ज्यादातर मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गए छात्र हैं।
भारत सरकार की ओर से यूक्रेन में फंसे छात्रों की स्वदेश वापसी के लिए ऑपरेशन गंगा चलाया जा रहा है इसके तहत कई केंद्रीय मंत्री यूक्रेन की सीमा से लगे देशों में जाकर वहां से लौटने वाले छात्रों की देश वापसी सुनिश्चित करने में लगे हैं। हालांकि इस दौरान यूक्रेन से लौटने वाले कई छात्रों ने स्वदेश वापसी की तैयारियों में कई खामियों को भी उजागर किया है इस बीच युद्ध प्रभावित यूक्रेन में कर्नाटक के रहने वाले एक भारतीय छात्र की रूस के हमलों में मौत भी हो चुकी है।
भारत सरकार के 2020 के आंकड़ों के अनुसार यूक्रेन के अलग-अलग विश्वविद्यालयों में भारत के करीब 18000 छात्र पढ़ाई कर रहे थे। वहीं साल 2019 के यूक्रेन सरकार के आंकड़ों के मुताबिक यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे 80000 विदेशी छात्रों में तकरीबन 22.2% छात्र भारतीय हैं। यह संख्या लगभग 18300 होती है। भारतीय छात्रों के बाद सबसे अधिक छात्र मोरक्को के हैं पर उनकी संख्या भारतीय छात्रों से करीब करीब आधी लगभग 10.23 प्रतिशत ही है। यूक्रेनियन सरकार के आंकड़ों के अनुसार 158 देशों के अंतरराष्ट्रीय छात्र देश के मुख्य रूप से 5 विश्वविद्यालयों में अपनी पढ़ाई कर रहे हैं। नॉर्थईस्ट यूक्रेन के खारकीव में मौजूद नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी और वीएन कर्जीन नेशनल यूनिवर्सिटी विदेशी छात्रों की पहली पसंद है। इन दोनों विश्वविद्यालयों में तकरीबन 5000- 5000 विदेशी छात्र अपनी पढ़ाई कर रहे हैं।
यूक्रेन से भारतीय छात्रों को निकालने के लिए भारत सरकार के ऑपरेशन गंगा के तहत अब तक 3352 छात्र देश लौट चुके हैं। रोमानिया से 1796 पोलैंड से 430 और हंगरी के रास्ते 1126 छात्रों की स्वदेश वापसी कराई गई है। हालांकि इस बीच यूक्रेन में फंसे कुछ छात्रों ने सरकार की ओर से किए जा रहे हैं प्रयासों को नाकाफी बताते हुए सरकार की आलोचना भी की है। यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र अबरार शेख के अनुसार वह अभी एक बंकर में फंसे हुए हैं बाहर लड़ाई चल रही है उनसे अभी तक किसी ने कोई संपर्क नहीं किया है ऐसे में वह बाहर निकल पाएंगे कि नहीं यह सोच कर वह काफी परेशान है।
भारत सरकार के अनुसार यूक्रेन में मौजूद करीब 20000 भारतीय नागरिकों में से 17000 अब तक देश छोड़ चुके हैं जिन की सकुशल वापसी कराई जा रही है। अब जो बचे हुए लोग हैं युद्ध से बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं उनकी वापसी के लिए भी सरकार प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है। ऑपरेशन गंगा के तहत रोमानिया में तैनात भारत के कैबिनेट मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अनुसार तकरीबन 13000 भारतीय छात्र यूक्रेन की सीमा से लगे सुरक्षित देशों में पहुंच चुके हैं जहां से उनकी स्वदेश वापसी की प्रक्रिया जारी है। वही लगभग 1000 छात्र अब भी युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं।











