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संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक आज, MSP कानून से जुड़े Future Plan का हो सकता है खुलासा

Janjwar Desk
27 Nov 2021 3:38 AM GMT
संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक आज, MSP कानून से जुड़े Future Plan का हो सकता है खुलासा
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किसान आंदोलन।

संयुक्त किसान मोर्चा की सुबह 11 बजे होने वाली बैठक को कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महत्वपूर्ण इसलिए कि संयुक्त किसान मोर्चा आज अपने फ्यूचर प्लान ( Future Plan ) का ऐलान कर सकता है।

नई दिल्ली। पिछले एक साल से अधिक समय से खेती-किसानी की स्थिति को लेकर आंदोलन ( Kisan Andolan ) जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) तीनों कृषि कानूनों की वापसी ( Farm Laws Repealed ) का ऐलान 19 नवंबर को कर चुके हैं। शीतकालीन सत्र के दौरान कानून वापसी का प्रस्ताव भी संसद कराने की योजना है। इन सबके बावजूद किसान संगठनों का प्लान दिल्ली का चक्का जाम करने का है।

इसके अलावा, 29 नवंबर को दिल्ली के खुले हुए रास्तों पर बड़ी ट्रैक्टर रैली निकाली जाएगी। ट्रैक्टर रैली के जरिए किसान बॉर्डर से संसद की ओर कूच करेंगे। लिहाजा संयुक्त किसान मोर्चा ( Sanyukta Kisan Morcha ) ने शनिवार को 9 सदस्यीय समिति की बैठक बुलाई है। बैठक में एमएसपी कानून की मांग पर अंतिम रोडमैप ( Roadmap ) तैयार होने की संभावना है। शनिवार को सुबह 11 बजे होने वाली इस बैठक को कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महत्वपूर्ण इसलिए कि संयुक्त किसान मोर्चा आज अपने फ्यूचर प्लान ( Future Plan ) का ऐलान कर सकता है।

संयुक्त किसान मोर्चा कयास लगाए जा रहे हैं कि बैठक में किसान आंदोलन ( Kisan Andolan ) को लेकर, आगामी रणनीति तय की जाएगी। वहीं दोपहर 12 बजे संयुक्त किसान मोर्चा पूर्ण सभा की बैठक होगी। इसमें राजस्थान, हरियाणा और अन्य राज्यों में आंदोलन के प्रमुखों सहित, सभी कृषि संगठनों के नेताओं को शामिल होने के लिए कहा गया है।

एमएसपी पर कानून की मांग

दरअसल, किसान आंदोलन ( Kisan Andolan ) को एक साल पूरा हो गया है। इस दौरान कई नाटकीय मोड़ देखने को मिले हैं। लाल किला हिंसा और राकेश टिकैत के रोने वाले बयान सहित कई ऐसे मोड़ आए जिसकी वजह से यह आंदोलन देश और दुनियाभर में सुर्खियों में रहा। अब किसान आंदोलन के व्यापक विस्तार की संपूर्ण रणनीति तैयार हो चुकी है। किसानों की मांग है कि जब तक एमएसपी पर कानूनी गारंटी नहीं दी जाती, तब तक दिल्ली की घेराबंदी जारी रहेगी।

किसान संगठनों की मांगें

किसान संगठनों के नेताओं का कहना है कि कृषि कानूनों की वापसी उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता थी। काले कानून को तो मोदी सरकार ने वापस ले लिया है। अब हम उन मुद्दों पर सरकार से बात ​करना चाहते हैं कि जिनपर अभी तक कोई बात ही नहीं हुई। इनमें न्यूनतम समर्थन मूल्य ( MSP ) , ​750 मृतक किसानों को शहीद का दर्जा देने, मृतक किसानों के परिजनों में से किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी, बिजली ​बिल संशोधन, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की बर्खास्तगी, केसीसी व अन्य मांगें हैं।

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