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उत्तर प्रदेश

योगी के टोपी वार पर अखिलेश का तंज, खुद लाल टोपी पहनने वाले सीएम लाल टोपी से डरते क्यों हैं

Janjwar Desk
25 Feb 2021 4:19 AM GMT
योगी के टोपी वार पर अखिलेश का तंज, खुद लाल टोपी पहनने वाले सीएम लाल टोपी से डरते क्यों हैं
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अखिलेश बोले, आखिर मुख्यमंत्री को लाल टोपी से इतना डर क्यों लगता है, जबकि वह खुद लाल टोपी पहनते रहे हैं, सपा पार्टी मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश ने योगी आदित्यनाथ की उन तस्वीरों को प्रदर्शित भी किया जिसमें वह लाल टोपी लगाए नजर आ रहे हैं...

जनज्वार, लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधानसभा में टोपियों की सियासत को ड्रामा कम्पनी कह गए। उन्होंने कहा कि ऐसा तो ड्रामे में देखा करता था, कोई लाल टोपी, नीली टोपी, हरी टोपी, पीली टोपी और ना जाने कैसी-कैसी टोपियां लगाकर लोग सदन में चले आते हैं। योगी आदित्यनाथ के इस तंज पर अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को लाल टोपी से इतना डर क्यों लगता है।

योगी आदित्यनाथ ने टोपी पर तंज कसने के दौरान अपने एक दौरे को याद करते हुए कहा कि वह 6 माह की बच्ची को अन्नप्रासन करवा रहे थे, उसी समय लाल टोपी लगाकर सपाई विरोध करने आ गए। इस पर मासूम के ढाई वर्षीय भाई ने अपनी मां से चिपककर कहा कि लाल टोपी वाले गुंडे आ गए। योगी ने सपा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि जनता में कैसी धारणा बन गई है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वह अगर साफा पहनकर आते तो ज्यादा अच्छे लगते, उन्हें टोपी पहनने से परहेज करना चाहिए।

विधानसभा में आदित्यनाथ द्वारा सपा की लाल टोपी पर की गई टिप्पणी पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि आखिर मुख्यमंत्री को लाल टोपी से इतना डर क्यों लगता है, जबकि वह खुद लाल टोपी पहनते रहे हैं। सपा पार्टी मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश ने योगी आदित्यनाथ की उन तस्वीरों को प्रदर्शित भी किया जिसमें वह लाल टोपी लगाए नजर आ रहे हैं।

अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री की भाषा ठोंकने और पटकने वाली है। हत्याओं और फर्जी एनकाउंटर से डराकर राजनीति कर रहे हैं। अखिलेश ने कहा कि योगी आदित्यनाथ को बसों का रेजिस्ट्रेशन नम्बर याद है, लेकिन कितने मजदूरों की जान गई ये उन्हें याद नहीं होगा।

गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ ने मजदूरों के लिए बसें भेजने के कांग्रेस पार्टी के वादे पर वार किया था, कहा कि मजदूरों के साथ भद्दा मजाक किया गया था। बसों के नम्बर मोटरसाइकिलों और स्कूटरों के निकले थे।

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