Kanpur News : ग्राम प्रधानों ने सचिवों के साथ मिलकर डकार लिए 27 करोड़ से अधिक की रकम, जानिए कहां कितनी हुई बंदरबांट?

Kanpur News : ग्राम प्रधानों ने सचिवों के साथ मिलकर डकार लिए 27 करोड़ से अधिक की रकम, जानिए कहां कितनी हुई बंदरबांट?
Kanpur News : उत्तर प्रदेश के कानपुर में ग्राम प्रधानों का बड़ा गड़बड़ घोटाला सामने आया है। इनपुट है कि 207 पंचायतों के ग्राम प्रधानों ने विभिन्न विकास कार्यों के लिए आए 27 करोड़ रुपये गबन कर लिये। इस बड़ी हेरफेर में सचिवों ने भी प्रधानों का साथ दिया है। ग्राम प्रधानों और सचिवों ने मिलकर पैसे निकाले और कहां कब कितना खर्च हुआ इसका हिसाब न दे सके।
पैसे की बंदरबांट के बाद कई सचिवों ने अपनी पोस्टिंग दूसरे गांव में करवा ली तो कई अभी भी उसी गांव में डटे हुए हैं। इन सबमें जो सबसे बड़ा घोटाला हुआ वो भीतरगांव क्षेत्र में होना बताया जा रहा है। यहां की 68 पंचायतों में कुल नौ करोड़ 59 लाख रुपये का गबन हुआ है।
कहां कितना हुआ गबन?
साल 2019-20 में कल्याणपुर को छोड़कर बाकी नौ ब्लॉक की 153 ग्राम पंचायतों में 21 करोड़ की रकम हजम कर ली गई। सरसौल में 72 लाख 69 हजार, बिधनू में 1.94 करोड़, बिल्हौर में 1.06 करोड़, शिवराजपुर में 1.64 करोड़, चौबेपुर में 3.04 करोड़, ककवन में 1.60 करोड़, घाटमपुर में 1.78 करोड़, भीतरगांव में 8.28 करोड़ और पतारा में 9.33 लाख का गबन किया गया है। साल 2020-21 में भीतरगांव की 18 और शिवराजपुर की 36 पंचायतों में 6.37 करोड़ की धनराशि का कोई अता-पता नहीं है।
आपस में बांट ली रकम
पतारा के आगापुर में तो ऑडिट के बाद दो सौ रुपये के गबन का मामला सामने आया। प्रधान वीरेंद्र त्रिपाठी और सचिव शैलेंद्र कुमार को जिम्मेदार माना गया है। संचितपुर में 1890 रुपये का हिसाब नहीं मिला है। जिले में सबसे ज्यादा 52.52 लाख का गबन पतारा की मछैला ग्राम पंचायत में हुआ है। बिधनू की कठारा में 47.54 लाख, शंभुआ में 43.76 लाख,चौबेपुर में 42.48 लाख,ककवन में शाहपुर दूलू में 32.64 लाख की धनराशि सचिव और प्रधान ने आपस में बांट ली है।
डीपीआरओ कमल किशोर का कहना है कि ऑडिटरों ने ग्राम पंचायतों पर 27 करोड़ का अधिभार निकाला है। संबधित प्रधान और सचिवों को नोटिस देकर सप्ताह भीतर खर्च हुई धनराशि का हिसाब देने का समय दिया गया है। ऐसा न करने पर वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।











