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उत्तर प्रदेश

लाइव अपडेट: बाबरी विध्वंस केस में हर अपडेट देखें- आ गया फैसला, सभी आरोपी बरी

Janjwar Desk
30 Sep 2020 5:01 AM GMT
लाइव अपडेट: बाबरी विध्वंस केस में हर अपडेट देखें- आ गया फैसला, सभी आरोपी बरी
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File photo

सितंबर को सुनवाई पूरी होने के बाद आज लखनऊ की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने सभी आरोपियों को फैसले के समय कोर्ट में मौजूद रहने को कहा है।फैसले के मद्देनजर अयोध्या और लखनऊ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा चुके हैं....

जनज्वार। बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में 27 साल बाद आज आज 30 सितंबर को फैसले की घड़ी है। 1 सितंबर को सुनवाई पूरी होने के बाद आज लखनऊ की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने सभी आरोपियों को फैसले के समय कोर्ट में मौजूद रहने को कहा है।फैसले के मद्देनजर अयोध्या और लखनऊ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा चुके हैं।

देखिए हर अपडेट

Live: 10.03 बजे, फैसला सुनाने वाले जज कोर्ट पहुंच चुके हैं।

Live: 10.20 बजे, विनय कटियार पहुंच चुके हैं। एक टीवी चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जो फैसला होगा, उन्हें मंजूर है।

Live: 10.30 बजे: 11 से 1 बजे के बीच कोर्ट सुना सकती है फैसला

Live: 10.40 बजे: जज कोर्ट में मौजूद। आडवाणी, जोशी और उमा भारती वीडियो कॉन्फेन्सिंग से फैसला सुनेंगे। चंपत राय, साध्वी ऋतंभरा आदि अदालत में मौजूद हैं।

Live:10.45 बजे: कोर्ट में 16 कुर्सियां लगाई गईं हैं, बाकी लोग बाहर ही हैं।

Live: 10.50 बजे: आरोपी विनय कटियार, सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह, राम विलास वेदांती, पवन पाण्डेय, रामजी गुप्ता भी कोर्ट पहुंच गए हैं।

Live: 11.20 बजे: लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, महंत नृत्य गोपाल दास, उमा भारती, सतीश प्रधान को छोड़ शेष 26 आरोपी कोर्ट आ चुके हैं। सीबीआई कोर्ट के विशेष जज को सूचना दी गई।

Live : 12.10 बजे: सुनवाई जारी, किसी भी क्षण आ सकता है फैसला। लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती आदि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुन रहे हैं फैसला।

Live: 12.25 बजे: आ गया फैसला। सभी 32 आरोपी बरी।

बाबरी ध्वंस केस में कुल 49 आरोपी थे

इस मामले में कुल 49 आरोपी थे, जिनमें से 17 की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी है। पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, विनय कटियार जैसे कई बड़े नेता आरोपी हैं।

17 आरोपियों की हो चुकी है मृत्यु

अयोध्या के बाबरी विध्वंस मामले में कुल 49 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। इनमें से 17 का निधन हो चुका है। पहली एफआईआर फैजाबाद थाने में राम जन्मभूमि के एसओ प्रियंवदा नाथ शुक्ला जबकि दूसरी एफआईआर एसआई गंगा प्रसाद तिवारी ने दर्ज कराई थी।

कई अलग-अलग एफआईआर हुए थे दर्ज

इसके अलावा बाकी 47 एफआईआर अलग-अलग तारीखों पर पत्रकारों-फोटोग्राफरों सहित अन्य लोगों ने दर्ज कराई थी। इसके बाद इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।

सीबीआई ने बाबरी विध्वंस मामले की जांच करके एक साल से भी कम समय में 5 अक्टूबर 1993 को 49 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिए। लेकिन 13 अभियुक्तों को विशेष अदालत ने आरोप के स्तर पर ही डिस्चार्ज कर दिया। इसको पहले हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।

पहले 28 आरोपियों के विरुद्ध शुरू हुआ था केस

लखनऊ में सीबीआई की विशेष अदालत में फैजाबाद के तत्कालीन डीएम आरएन श्रीवास्तव समेत कुल 28 अभियुक्तों के खिलाफ केस शुरू हुआ। लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती समेत मुख्य 8 आरोपियों की सुनवाई रायबरेली की विशेष अदालत में शुरू हुई। हालांकि, बाद में अप्रैल 2017 को रायबरेली की विशेष अदालत में चल रही कार्यवाही को भी लखनऊ की सीबीआई कोर्ट को स्थानांतरित कर दिया गया।

जिन 13 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप विशेष अदालत ने डिस्चार्ज किए थे, उन अभियुक्तों के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट से मुकदमा चलाने का आदेश हुआ। 18 मई 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने इनमें से 6 को समन भेजा, कल्याण सिंह राजस्थान के गवर्नर थे। इसीलिए उन्हें समन नहीं भेजा गया जबकि शेष 6 का निधन हो चुका था।

इन धाराओं में चल रहा है केस

सीबीआई की विशेष अदालत ने बाबरी विध्वंस के आरोपी लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा व विष्णु हरि डालमिया पर धारा 120 बी यानी आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया। इन सबके खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी, 147, 149, 153ए, 153बी और 505 (1) के तहत मुकदमा चला।

विष्णु हरि डालमिया की मौत हो चुकी है। महंत नृत्य गोपाल दास, महंत राम विलास वेदांती, बैकुंठ लाल शर्मा उर्फ प्रेमजी, चंपत राय बंसल, धर्मदास और डॉ सतीश प्रधान पर भी आईपीसी की धारा 147, 149, 153ए, 153बी, 295, 295ए व 505 (1)बी के साथ ही धारा 120 बी के तहत आरोप तय हुए। कल्याण सिंह के राज्यपाल पद से हटने के बाद 17 सितंबर 2019 को उन पर भी उपरोक्त सभी धाराएं लगाई गईं। इस तरह 49 में से कुल 32 अभियुक्तों के मुकदमे की कार्यवाही शुरू हुई, शेष 17 अभियुक्तों की मौत हो चुकी है।

कौन-कौन हैं 49 आरोपी

49 आरोपितों में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्य गोपाल दास, डॉ। राम विलास वेदांती, चंपत राय, महंत धर्मदास, सतीश प्रधान, पवन कुमार पांडेय, लल्लू सिंह, प्रकाश शर्मा, विजय बहादुर सिंह, संतोष दुबे, गांधी यादव, रामजी गुप्ता, ब्रज भूषण शरण सिंह, कमलेश त्रिपाठी, रामचंद्र खत्री, जय भगवान गोयल, ओम प्रकाश पांडेय, अमर नाथ गोयल, जयभान सिंह पवैया, महाराज स्वामी साक्षी, विनय कुमार राय, नवीन भाई शुक्ला, आरएन श्रीवास्तव, आचार्य धर्मेंद्र देव, सुधीर कुमार कक्कड़ और धर्मेंद्र सिंह गुर्जर थे।

आरोपियों में किन-किन का हो चुका है निधन

सीबीआई की तरफ से बनाए गए 49 आरोपियों में से अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, विष्णु हरि डालमिया, मोरेश्वर सावें, महंत अवैद्यनाथ, महामंडलेश्वर जगदीश मुनि महाराज, बैकुंठ लाल शर्मा, परमहंस रामचंद्र दास, डॉ। सतीश नागर, बालासाहेब ठाकरे, तत्कालीन एसएसपी डीबी राय, रमेश प्रताप सिंह, महात्यागी हरगोविंद सिंह, लक्ष्मी नारायण दास, राम नारायण दास और विनोद कुमार बंसल का निधन हो चुका है।

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