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उत्तर प्रदेश

रामलला के दर्शन के बाद भूमि पूजन कर रहे पीएम मोदी, बजरंग दल-विहिप ने लगाए जय श्री राम के नारे

Janjwar Desk
5 Aug 2020 8:08 AM GMT
रामलला के दर्शन के बाद भूमि पूजन कर रहे पीएम मोदी, बजरंग दल-विहिप ने लगाए जय श्री राम के नारे
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 वर्षों बाद अयोध्या की धरती पर कदम रखा है, प्रधानमंत्री बनने के बाद आज पहली बार वह आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के साथ दिखे.....

अयोध्या। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या हनुमानगढ़ी मंदिर में हनुमान और रामलला का पूजन और दर्शन किया। अब वह राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन कर रहे हैं। इस दौरान उनके साथ आरएसएस प्रमुख मोहनभगवत भागवत भी मौजूद हैं।

वैदिक आचार्य ने भूमि पूजन प्रारंभ कर दिया है। प्रधानमंत्री पूर्व की दिशा में मुख कर पूजन में शामिल हो चुके हैं। भगवान श्री गणेश की स्तुति के साथ प्रधानमंत्री ने आचमन किया। इस दौरान सभी देवताओं का ध्यान किया गया।

बाबा भैरवनाथ का स्मरण कर भूमि पूजन की अनुमति ली गई। इसी के साथ नौ शिलाओं का पूजन प्रारंभ हुआ। इस दौरान उन्होंने परिसर में पारिजात का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

श्रीराम मंदिर शिलान्यास के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने श्रीराम के नारे लगाए और जमकर खुशी मनाई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 वर्षों बाद अयोध्या की धरती पर कदम रखा है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए आयोजित भूमि पूजन को लेकर अपनी शुभकामनाएं दी है।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए शुभकामनाएं। हमें उम्मीद है कि आज का कार्यक्रम भाईचारे और राष्ट्रीय एकता की ओर बढ़ाएगा। जय सिया राम।'

अयोध्या में आधिकारिक समारोह के लिए कांग्रेस को आमंत्रित नहीं किया गया है। पार्टी की नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने उम्मीद जताई है कि अयोध्या का समारोह 'राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक मेल-मिलाप' का एक अवसर होगा।

उन्होंने कहा, 'भारतीय उपमहाद्वीप और दुनिया भर में रामायण ने हर दिमाग पर अपनी छाप छोड़ी है और भगवान राम की कहानी मानवता को जोड़ने के लिए एक उत्प्रेरक की तरह है।'

अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर के लिए 'भूमिपूजन' समारोह बुधवार दोपहर संपन्न हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार शुभ मुहूर्त में चांदी की ईंटें रखकर मंदिर की आधारशिला रखी।

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