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मिर्जापुर में नमामि गंगे परियोजना का हाल, महज 3 साल में ही ध्वस्त होने लगे घाटों पर बने चेंजिंग रूम

Janjwar Desk
19 Aug 2021 4:07 PM GMT
मिर्जापुर में नमामि गंगे परियोजना का हाल, महज 3 साल में ही ध्वस्त होने लगे घाटों पर बने चेंजिंग रूम
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मिर्जापुर में नमामि गंगे परियोजना का बुरा हाल

मिर्जापुर में'नमामि गंगे' योजना के तहत कराए गए कार्य वर्षा और बाढ़ का प्रकोप नहीं झेल सके हैं और ध्वस्त होकर गंगा में समाहित होते जा रहे हैं...

मिर्जापुर। बहु प्रचारित नमामि गंगे परियोजना को लेकर कई तरह की शिकायतें सामने आ रहीं हैं। हालांकि ऐसी कोई शिकायत अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से आये तो मामले की गंभीरता समझी जा सकती है। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में सरकार की बहु-ख्यात 'नमामि गंगे' योजना के तहत कराए गए कार्य वर्षा और बाढ़ का प्रकोप नहीं झेल सके हैं और ध्वस्त होकर गंगा में समाहित होते जा रहे हैं।

इसे लेकर गांव-गरीब नेटवर्क नामक संस्था ने मिर्जापुर के जिलाधिकारी से शिकायत की है। संस्था द्वारा कुछ फोटोग्राफ्स आदि के साथ यह शिकायत की गई है कि मात्र 3 साल पहले हुए गंगाघाटों के सुंदरीकरण कार्य वर्षा से ध्वस्त हो रहे हैं तथा गंगा की बाढ़ में समाहित होकर अस्तित्व खो रहे हैं।


गांव-गरीब नेटवर्क ने जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार को इस संबन्ध में विस्तृत जानकारी दी। गंगा के विलीन हुए, उखड़ गए तथा बहते हुए चेंजिंग रूम का चित्र दिखाते हुए संस्था द्वारा आरोप लगाया गया कि मानक के विपरीत गैर-तकनीकी ढंग से हुए कार्यों के चलते यह नौबत आई है।

गांव-गरीब नेटवर्क की ओर से कहा गया है कि उन्होंने DM को बताया कि नगर के गंगाराम घाट तथा बाबाघाट सहित अनेक घाटों पर लगभग 75-80 हजार की लागत से फाइबर के 5×4 फीट के करीब के लगे रेडीमेड चेंजिंग रूम को मात्र 7-8 सेमी के लोहे के स्टैंड पर लागाकर 3 इंच की मोटाई के ईंट से जोड़ा गया था।

चेंजिंग रूम को गर्मी के दिनों में सामान्य जलस्तर से मात्र एक से डेढ़ मीटर ऊपर लगाया गया था। जब गंगा 3 मीटर ऊपर बहने लगीं तो चेंजिंग रूम गंगा की एक ही दहाड़ में हिलने लगा। इसके अलावा गंगाराम घाट पर सुंदरीकरण के तहत बनी दीवार के ध्वस्त होने की भी जानकारी दी गई।


डीएम का निर्देश- घाट पर तत्काल करें अस्थायी व्यवस्था

उक्त प्रकरण पर ADM.(F&R) यूपी सिंह को निर्देशित करते हुए DM ने चेंजिंग रूम बनाए जाने के लिए कहा। DM कक्ष में बैठे ADM यूपी सिंह ने कहा कि जिन घाटों पर चेंजिंग रूम ध्वस्त होकर बह गया है, वहां अस्थाई व्यवस्था तत्काल कराई जाएगी।

गांव-देहात नेटवर्क ने क्या कहा

नेटवर्क के संयोजक सलिल पांडेय ने कहा कि इसी महीने के 22 अगस्त को सावन पूर्णिमा, रक्षाबन्धन, 24 अगस्त को मां विन्ध्यवासिनी जयंती, 29 और 30 अगस्त को जन्माष्टमी पर्व पड़ने की वजह से घाटों पर भीड़ होगी। ऐसी स्थिति घाटों पर मरम्मत कार्य तेज गति से होना चाहिए ताकि महिला स्नानार्थियों को दिक्कत न हो। इसी के साथ घाटों पर बाढ़ घटने के बाद सीढ़ियों पर जमे बालू-मिट्टी की भी सफाई होनी चाहिए।

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