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Up Vidhan Sabha Session: हंगामें से भरा रहा यूपी विधानमंडल सत्र का दूसरा दिन, अखिलेश के बाद मायावती ने योगी सरकार को घेरा

Up Vidhan Sabha Session: हंगामें से भरा रहा यूपी विधानमंडल सत्र का दूसरा दिन, अखिलेश के बाद मायावती ने योगी सरकार को घेरा
Up Vidhan Sabha Session: यूपी विधानमंडल सत्र के दूसरे दिन हंगामे के साथ कार्यवाही शुरू होने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष में सवाल-जवाब हुए। सदन के नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल उठाया और कहा कि अगर सरकार के पास बजट नहीं है तो मुख्यमंत्री को स्वीकार करना चाहिए। वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी प्रदेश की योगी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा सरकार विपक्ष के खिलाफ तानाशाही प्रवृत्ति अपना रही जो कि घातक है।
मायावती ने ट्वीट कर कहा कि विपक्षी पार्टियों को सरकार की जनविरोधी नीतियों व उसकी निरंकुशता तथा जुल्म-ज्यादती आदि को लेकर धरना-प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं देना भाजपा सरकार की नई तानाशाही प्रवृति हो गई है। साथ ही, बात-बात पर मुकदमे व लोगों की गिरफ्तारी एवं विरोध को कुचलने की बनी सरकारी धारणा अति-घातक है।
इसी क्रम में इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा फीस में एकमुश्त भारी वृद्धि करने के विरोध में छात्रों के आन्दोलन को जिस प्रकार कुचलने का प्रयास जारी है वह अनुचित व निन्दनीय है। यूपी सरकार अपनी निरंकुशता को त्याग कर छात्रों की वाजिब मांगों पर सहानुभतिपूर्वक विचार करे, यह बसपा की मांग है। महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, बदहाल सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य व कानून व्यवस्था आदि के प्रति यूपी सरकार की लापरवाही के विरुद्ध धरना-प्रदर्शन नहीं करने देने व उनपर दमन चक्र के पहले भाजपा जरूर सोचे कि विधानभवन के सामने बात-बात पर सड़क जाम करके आमजनजीवन ठप करने का उनका क्रूर इतिहास है।
बता दें कि सपा ने सोमवार को विधानमंडल सत्र के पहले दिन पार्टी कार्यालय से विधानभवन की ओर पैदल मार्च किया तो उन्हें रोक दिया गया था जिस पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने नाराजगी जताई थी और कहा था कि भाजपा सरकार ने लोकतंत्र की हत्या की है। सदन की कार्यवाही में शामिल होना विधायकों का संवैधानिक व लोकतांत्रिक अधिकार है। लोकतंत्र में ऐसा कभी नहीं हुआ है कि सरकार पुलिस बल लगाकर विधायकों को कार्यवाही में शामिल न होने दें।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार इससे साबित कर रही है कि वह जनाक्रोश के डर से कितना असुरक्षित महसूस कर रही है। सत्ता जितनी कमजोर होती है, दमन उतना ही अधिक बढ़ता है। अखिलेश ने एलान किया कि सपा लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने के लिए सदन और सड़क का रास्ता अपनाएगी। भाजपा सरकार की गलत नीतियों का विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार सभी स्वास्थ्य सेवाओं को प्राइवेट कर देना चाहती है जिससे इलाज आम लोगों से दूर जो जाएगा। उन्होंने इस दौरान सपा सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किए गए कार्यों का ब्यौरा दिया।
इसके पहले सदन की कार्यवाही प्रारंभ होते ही सपा विधायकों ने नारेबाजी करना शुरू कर दिया। हालांकि, हंगामे के कुछ देर बाद कार्यवाही शुरू हो गई। समाजवादी पार्टी आज विशेषाधिकार हनन का सामुहिक नोटिस सदन में देगी। कल विधानसभा की कार्रवाई में शामिल होने जा रहे सपा कार्यालय से विधानसभा तक विधायकों के पैदल मार्च को पुलिस ने रोक दिया था। जिस पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित सभी विधायक व कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए थे।
सपा विधायक राकेश सिंह ने कहा कि विधायक सदन में भाग लेने गाड़ी से जाएगा, पैदल जाएगा या साइकिल से जाएगा ये वो खुद तय करेगा। सरकार के इशारे पर सदन में जाने से विधायकों को रोकना अनैतिक व असंवैधानिक है। हमें विशेषाधिकार प्राप्त है इसलिए हम विशेषाधिकार नोटिस के माध्यम से सदन में इस मामले को उठाएंगे।











