Begin typing your search above and press return to search.
उत्तर प्रदेश

UP Waqf Board: UP में मदरसों के बाद अब वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का सर्वे कराएगी योगी सरकार, एक महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश

Janjwar Desk
21 Sept 2022 10:24 AM IST
UP Waqf Board: UP में मदरसों के बाद अब वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का सर्वे कराएगी योगी सरकार, एक महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश
x

UP Waqf Board: UP में मदरसों के बाद अब वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का सर्वे कराएगी योगी सरकार, एक महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश

UP Waqf Board Property Survey: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सर्वे के बाद अब एक और आदेश दे दिया है. यूपी सरकार ने 7 अप्रैल 1989 के शासनादेश को निरस्त करते हुए 7 अप्रैल 1989 के उपरांत, दर्ज वक्फ प्रकरणों का पुनर्परीक्षण करने का नया फरमान जारी कर दिया है.

UP Waqf Board Property Survey: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सर्वे के बाद अब एक और आदेश दे दिया है. यूपी सरकार ने 7 अप्रैल 1989 के शासनादेश को निरस्त करते हुए 7 अप्रैल 1989 के उपरांत, दर्ज वक्फ प्रकरणों का पुनर्परीक्षण करने का नया फरमान जारी कर दिया है. पुनर्परीक्षण के उपरांत विहित प्रक्रिया के अनुसार राजस्व रिकार्ड दुरुस्त किए जाने का निर्देश दिया गया है.

1989 के शासनादेश के तहत सामान्य संपत्ति बंजर, ऊसर, भीटा इत्यादि को वक्फ संपत्तियों के रूप में राजस्व अभिलेखों में दर्ज कर लिए जाने की शिकायतों के मद्देनज़र पुनर्परीक्षण का आदेश जारी हुआ है. इसके लिए समस्त मंडलायुक्तों, डीएम को पुनर्परीक्षण करने के लिए नया शासनादेश जारी कर दिया गया है.

सरकार के इस आदेश के परिप्रेक्ष्य में अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ अनुभाग के उप सचिव शकील अहमद सिद्दीकी ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर इस तरह के सभी भूखंडों की सूचना एक माह में देने के लिए कहा है. साथ ही अभिलेखों को भी दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं.

बता दें कि तत्कालीन कांग्रेस की सरकार ने सात अप्रैल, 1989 को एक आदेश जारी कर कहा गया था कि यदि सामान्य संपत्ति बंजर, भीटा, ऊसर आदि भूमि का इस्तेमाल वक्फ यानी कब्रिस्तान, मस्जिद, ईदगाह के रूप में किया जा रहा हो तो उसे वक्फ संपत्ति के रूप में ही दर्ज कर दिया जाए. इसके बाद उसका सीमांकन किया जाए. इस आदेश के तहत प्रदेश में लाखों हेक्टेयर बंजर, भीटा, ऊसर भूमि वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज कर ली गईं.

अब प्रदेश सरकार का कहना है कि इन संपत्तियों के स्वरूप अथवा प्रबंधन में किया गया परिवर्तन राजस्व कानूनों के विपरीत है. बीते माह राजस्व परिषद के प्रमुख सचिव सुधीर गर्ग ने शासनादेश जारी कर कांग्रेस शासनकाल में जारी आदेश को समाप्त कर दस्तावेजों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे.

Next Story

विविध