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विकास दुबे एनकाउंटर केस : याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया जवाबी हलफनामा, SIT पर उठाए सवाल

Janjwar Desk
18 July 2020 3:08 PM GMT
विकास दुबे एनकाउंटर केस : याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया जवाबी हलफनामा, SIT पर उठाए सवाल
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उत्तर प्रदेश का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर में मारा जा चुका है लेकिन अब उसके एनकाउंटर का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच चुका है। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ घनश्याम उपाध्याय व अनूप प्रकाश अवस्थी की याचिका पर सुनवाई कर रही है...

जनज्वार। उत्तर प्रदेश का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर में मारा जा चुका है लेकिन अब उसके एनकाउंटर का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच चुका है। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ घनश्याम उपाध्याय व अनूप प्रकाश अवस्थी की याचिका पर सुनवाई कर रही है। शनिवार की सुबह यूपी सरकार ने विकास दुबे मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में कहा है कि पुलिस ने एनकाउंटर को लेकर शीर्ष कोर्ट के दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन किया था। यूपी सरकार के इस जवाब में अनूप प्रकाश अवस्थी ने आज सुप्रीम कोर्ट में जवाबी हलफनामा दायर किया है।

अनूप प्रकाश अवस्थी ने अपने जवाबी हलफनामा में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद मनमाना आदेश देने के बाद जस्टिस अग्रवाल को न्यायामूर्ति पद से इस्तीफा देना पड़ा था। उन्होंने जांच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) टीम को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि एसआईटी का गठन करते हुए जिन अधिकारियों को शामिल किया गया है, उनमें से एक अधिकारी पर फर्जी एनकाउंटर मामले में चार्जशीट दाखिल है। मामले का संस्थागत पूर्वाग्रह, न्यायिक जांच आयोग का गठन और मामले में एसआईटी की नियुक्ति अवैधता है। विकास एनकाउंटर की उच्चस्तरीय जांच की जानी चाहिए।

बता दें कि कोर्ट ने पिछली तारीख को कहा था कि इस मामले में हैदराबाद एनकाउंटर की तरह ही फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की जा सकती है लेकिन यूपी सरकार ने अपने हलफनामें में इससे इनकार करते हुए कहा कि दोनों केस में काफी अंतर है। यूपी सरकार ने कहा, हैदराबाद मामले में आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं थी लेकिन विकास पर 64 आपराधिक केस थे और पुलिस पार्टी पर गोलियां बरसाने का उसका रिकॉर्ड रहा है। अब इस मामले में 20 जुलाई को सुनवाई होगी।



बिकरू गांव में 2 जुलाई की रात हुए शूटआउट में जेल भेजी गई नवविवाहिता खुशी दुबे (अमर दुबे की पत्नी) जेल से नहीं छूटेगी। वहीं, दूसरी ओर 50 हजार रुपए के इनामी बदमाश शशिकांत पांडेय की पत्नी मनु उर्फ पिंकी को भी पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो उन्हें मनु के खिलाफ भी पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। फिलहाल मनु से पूछताछ चल रही है। दोनों पर आरोप है कि उन्हें वारदात होने की जानकारी थी। दरअसल, शशिकांत की पत्नी के तीन ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है।

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