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कृषि कानूनों पर योगी आदित्यनाथ बोले - हम किसानों को समझाने में नाकाम रहे

Janjwar Desk
19 Nov 2021 6:54 AM GMT
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उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी माना कि हम किसानों को समझाने में सफल नहीं हुए।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों कृषि कानूनों की वापसी का ऐलान करने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी बयान आ गया है। सीएम योगी ने पीएम के महाऐलान के बाद अपनी प्रतिक्रिया में साफ तौर पर माना है कि हम किसानों को समझाने में नाकाम रहे। हालांकि, केंद्र सरकार इन कानूनों के पीछे मकसद किसानों की स्थिति को मजबूत करना था। इस बात को हम किसानों को समझा नहीं सके। यही वजह है कि हमने कृषि कानूनों की वापसी का फैसला लिया।

कानूनों की वापसी ऐतिहासिक काम

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कृषि कानूनों को लेकर हमारी सरकार ने किसानों से संवाद स्थापित करने की कोशिश की। 11 दौर की बातचीत हुई भी, लेकिन हम अंतिम नतीजे तक नहीं पहुंच पाए। अब कृषि कानूनों को वापस लेकर केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक काम किया है। सीएम ने कहा कि हमारी कमजोरी यह रही कि हम लोगों को समझा नहीं पाए। इसके पीछे हमारी नीयत सही थी और आज भी सही है।

कृषि सुधारों की दिशा में सबसे बड़ा झटका

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा था कि हमारी सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला करती है। पीएम के इस फैसले को कृषि सुधारों की दिशा में सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। पंजाब के किसानों ने पीएम के फैसले पर खुशी जताई है। साथ ही कहा है कि इसका किसानों के बीच अच्छा संकेत जाएगा। पीएम मोदी ने किसानों से माफी भी मांगी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने कृषि कानूनों को लेकर किसानों को समझाने का भरसक प्रयास किया लेकिन हम उन्हें समझाने में विफल रहे। इसलिए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला लिया है।

प्रकाश पर्व पर देश के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने किसानों से घर लौटने की अपील करते हुए कहा कि इसकी प्रक्रिया शीतकालीन सत्र में शुरू हो जाएगी। पीएम के इस ऐलान को उत्तर प्रदेश, पंजाब सहित पांच राज्यों में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के मद्देनज उठाया गया कदम माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि केंद्र सरकार ने सियासी समझदारी का परिचय देते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला लिया है।

पीएम ने समझदारी वाला फैसला लिया

शुक्रवार को प्रधानमंत्री का देश के नाम संबोधन खत्म होने के बाद अब कृषि क़ानून वापस लेने के उनके ऐलान पर टीवी चैनलों पर बीजेपी नेताओं के बयान आने लगे हैं। विनय कटियार और अनिल विज ने इसे सही फैसला बताया है। विनय कटियार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कुछ सोच कर ही फैसला लिया होगा। विज बोले- अब किसानों को अपने घर जाकर नियमित काम में लगना चाहिए।

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