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राजनीति

सोशल मीडिया से नशे और हिंसा को महिमामंडित करने वाला कंटेंट हटवाए केंद्र सरकार

Prema Negi
27 Feb 2020 7:31 AM GMT
सोशल मीडिया से नशे और हिंसा को महिमामंडित करने वाला कंटेंट हटवाए केंद्र सरकार
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पंजाबी गीतों में हिंसा व शराब को महिमामंडन करने पर रोक लगाने की मांग पंजाब में समय-समय पर उठती रही है। इसी को लेकर अब सरकार ने यह कदम उठाया है...

चंडीगढ़, जनज्वार। पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से अपील की कि पंजाबी गानों में शराब और हिंसा को महिमा मंडन करने वाला कंटेंट हटाया जाए। राज्य सरकार के गृह विभाग की ओर से केंद्रीय सूचना मंत्रालय और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय को इस बाबत एक पत्र भेजा है। इसमें आग्रह किया है कि यूट्यूब और सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफार्म पर चल रहे हिंसा, शराब और नशे को बढ़ावा देने वाले गीतों पर रोक लगाई जाए। राज्य सरकार ने लाइव कार्यक्रमों के दौरान भी ऐसे गीत गाने या सुनाने पर रोक लगाने की मांग की है।

गृह विभाग ने इस संबंध में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा 2016 के एक मामले में जारी किए आदेश का भी हवाला दिया है। हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि लाइव कार्यक्रमों के दौरान ऐसे गीतों पर रोक को सुनिश्चित करें। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने जिला मजिस्ट्रेटों और सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को भी हाईकोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।

यह भी पढ़ें : पंजाबी गायक सिद्धू के खिलाफ FIR दर्ज कराने वाले एडवोकेट ने अब लगाया धमकाने का आरोप

गृह विभाग ने पत्र में आगे लिखा कि हाईकोर्ट के निर्देशानुसार सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। पत्र में केंद्र सरकार से अपील की गई है कि वह उक्त गीतों को यूट्यूब व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म से हटाने के लिए संबंधित व्यक्तियों और कंपनियों को निर्देश जारी करे, क्योंकि ऐसे गीत स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों पर बुरा असर डाल रहे हैं और युवा वर्ग इन गीतों के कारण गुमराह हो रहा है।

पंजाबी गीतों में शराब और हिंसा को काफी महिमामंडन किया जाता है। इसका असर युवा वर्ग पर काफी पड़ रहा है। यही वजह रही कि समय समय पर इस पर रोक लगाने की मांग उठती रही है। सरकार ने ऐसे गीतों के वीडियो और ऑडियो पर रोक लगाने की दिशा में काफी काम किया है। लेकिन सोशल मीडिया पर इस रोक लगाने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गृह विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि क्योंकि सोशल मीडिया पर केंद्र का कंट्रोल है, इसलिए हम सिर्फ पत्र लिख कर इस तरह की रोक लगाने की मांग ही कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आज सोशल मीडिया प्लेटफार्म युवाओं मे खासा लोकप्रिय है, इसलिए इस पर जब तक ऐसे गीत रोके नहीं जाएंगे हम अपने उद्देश्य में सफल नहीं होंगे।

ससे पहले बुधवार 26 फरवरी को पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए डीजीपी पंजाब को एक पत्र लिख कर उचित कार्यवाही की मांग की है। इससे पहले अरोड़ा ने गायक खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देने के वीडियो सोशल मीडिया पर डालने के आरोप में मामला दर्ज कराया है। इस मामले में मूसेवाल जमानत पर है।

ससे पहले भी सिद्धू मूसेवाल के खिलाफ पंजाब पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज कर रखी है। इस पर वह जमानत पर है। पंजाबी गीतों में हिंसा व शराब को महिमामंडन करने पर रोक लगाने की मांग पंजाब में समय समय पर उठती रही है। इसी को लेकर अब सरकार ने यह कदम उठाया है।

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