Top
राजनीति

देखिए भीम आर्मी अध्यक्ष के भाई की हत्या में नामजद होने से पहले उपदेश राणा का धमकी भरा वीडियो

Janjwar Team
10 May 2018 3:57 PM GMT
देखिए भीम आर्मी अध्यक्ष के भाई की हत्या में नामजद होने से पहले उपदेश राणा का धमकी भरा वीडियो
x

उपदेश राणा ने भीम आर्मी के लोगों को धमकाया, बावजूद उसके प्रशासन ने उसे और उसके साथियों को सरेआम करने दी गुंडागर्दी

सहारनपुर, जनज्वार। भीम आर्मी के सहारनपुर जिलाध्यक्ष कमल वालिया के भाई सचिन वालिया की कल 9 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गयी। भीम आर्मी का कहना है कि सचिन वालिया की गोली से उस समय हत्या हुई जब वह रामनगर गांव से सहारपुर शहर की ओर आ रहे महाराणा प्रताप जुलूस के बगल से गुजर रहे थे।

महाराणा प्रताप दिवस पर भीम आर्मी के अध्यक्ष के भाई की गोली मारकर हत्या

प्रशासन की शह पर खुद को कट्टर हिंदू कहने वाले उपदेश राणा ने किस तरह गुंडागर्दी की, उसका प्रमाण यह वीडियो है, जिसमें वह कहना सुनाई दे रहा है कि महाराणा प्रताप जयंती जहां पर 9 मई को मनती आ रही है वहीं पर मनेगी और ठोक के मनेगी। सहारनपुर में महाराणा प्रताप जयंती मनाने वाले शूरवीर मर नहीं गए हैं। शूरवीर पश्चिमी उत्तर प्रदेश, सहारनपुर की धरती पर खत्म नहीं हो गए हैं, इसलिए जयंती तो वहीं मनेगी, वहीं के वहीं।

उपदेश राणा आगे कहता सुनाई दे रहा है कि भीम आर्मी ने कहा था कि टकराव हो जाएगा, तो एक मैसेज उपदेश राणा छोड़ के जा रहा है कि शेरों का टकराव शेरों से हुआ करता है, कुत्तों से नहीं।

जेल में बंद भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आज पांचवें दिन भूख हड़ताल पर

उपदेश राणा अपने शूरवीरों से अपील करता है कि मेरे मैसेज को शेयर करके भीम आर्मी के टट्टुओं तक भी पहुंचा दें कि जो वो कह रहे थे कि महाराणा प्रताप जयंती नहीं मनने देंगे तो वो सुन लें कि वो कुत्ते हैं उनकी औकात नहीं है हम शेरों से टकराने की, कुत्ते साइड से निकल लेते हैं जब शेर आते हैं तो। जो भी भीम आर्मी के समर्थन में पहुंचेगा उन्हें तोड़ दिया जाएगा। लट्ठो से स्वागत होगा विरोधियों का। जो कोई भी महाराणा प्रताप जयंती नहीं मनाने देगा उनका एक एक का इलाज कर देंगे, जरा हमारी रैली रोककर तो दिखाना। जो भी भीम आर्मी के साथ है उन्हें भी सबक सिखा देंगे।

देखिए मुजफ्फरनगर में हिंदुत्ववादियों ने किस बेरहमी से पीटा दलित युवा को

इस मामले में सचिन वालिया की मां ने 4 लोगों जिनमें उपदेश राणा भी शामिल के खिलाफ लिखवाई गई नामजद रिपोर्ट में कहा है कि प्रशासन की शह पर मेरे बेटे को मरवाया गया है। हमने प्रशासन से मांग की थी कि मल्हीपुर रोड पर महाराणा प्राताप जयंती के कार्यक्रम की अनुमति न दी जाए। यहां दलितों की बस्ती होने के कारण पहले से ही टकराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में जयंती कार्यक्रम में आने वाली भीड़ कुछ भी कर सकती है, लेकिन प्रशासन ने हमारी एक नहीं सुनी।

मैंने बेटा खोया है, प्रशासन की गलती मुझे भुगतनी पड़ रही है। सचिन की मां रोते हुए डीएम से अपना बेटा वापस मांगते हुए कह रही है कि आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।

पुलिस का हाथ ठाकुरों के साथ है सहारनपुर के बवाल में

सचिन के भाई और भीम आर्मी जिलाध्यक्ष कमल वालिया ने कहा कि हमलावरों का टारगेट मैं था। मेरे न मिलने पर उन्होंने मेरे भाई को मार डाला। 8 मई यानी मंगलवार शाम तक प्रशासन ने भी कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन शाम को अचानक कार्यक्रम की अनुमति दे दी गई। यह सब साजिशन हुआ है। वहीं मृतक के भाई और मां के सवालों पर जिलाधिकारी और एसएसपी बगलें झांकते नजर आए।

वीडियो :

Next Story

विविध

Share it