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अनुच्छेद 370 हटने के छह महीने बाद कश्मीर दौरे पर 25 देशों के राजनयिक, यूरोपीय संघ के सदस्य भी शामिल

Nirmal kant
13 Feb 2020 6:48 AM GMT
अनुच्छेद 370 हटने के छह महीने बाद कश्मीर दौरे पर 25 देशों के राजनयिक, यूरोपीय संघ के सदस्य भी शामिल
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विदेशी राजनयिकों का यह दूसरा बैच है जिसने पिछले एक महीने में जम्मू और कश्मीर का दौरा कर रहा है, प्रतिनिधिमंडल श्रीनगर पहुंचने से पहले उत्तरी कश्मीर में फल उत्पादकों से मुलाकात करेगा, जहां वे मीडिया प्रतिनिधियों, नागरिक समाज समूहों और जम्मू-कश्मीर के राजनेताओं से भी मुलाकात करेंगे...

श्रीनगर से फैजान मीर की रिपोर्ट

जनज्वार। जर्मनी, कनाडा, फ्रांस और अफगानिस्तान के लोगों सहित 25 विदेशी राजनयिकों का एक नया जत्था बुधवार को जम्मू और कश्मीर के दौरे पर पहुंचा और अनुच्छेद 370 हटने के करीब छह महीने बाद कश्मीर के हालातों का जायजा लिया।

ह विदेशी राजनयिकों का दूसरा बैच है जिसने पिछले एक महीने में जम्मू और कश्मीर का दौरा कर रहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल के सदस्य श्रीनगर पहुंचने से पहले उत्तरी कश्मीर में फल उत्पादकों से मुलाकात करेगा, जहां वे मीडिया प्रतिनिधियों, नागरिक समाज समूहों और जम्मू-कश्मीर के राजनेताओं से मिलने वाले हैं।

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सुरक्षा स्थिति के बारे में भारतीय सेना आने वाले राजनयिकों को भी हालातों के बारे में बताएगी। उम्मीद की जा रही है कि नए बने केंद्रशासित प्रदेश में आतंकवाद को रोकने और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के बारे में उन्हें जानकारी दी जाएगी।

बरों के मुताबिक, गुरुवार 13 जनवरी को जम्मू आने से पहले श्रीनगर में रात्रि विश्राम करेगा जहां उनकी लेफ्टिनेंट गवर्नर जीसी मुर्मू और नागरिक समाज समूहों से मुलाकात की उम्मीद है।

राजनयिकों के नए बैच में पोलैंड, बुल्गारिया और चेक गणराज्य के यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। हाल के ही नागरिकता संशोधन अधिनियम और कश्मीर पर संयुक्त मौसादा यूरोपीय संघ में मसौदा पेश किया जाएगा इसलिए इस दल की यह यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सके अलावा अगले महीने ब्रसेल्स में भारत-यूरोपीय संघ का शिखर सम्मेलन का शिखर सम्मेलन होने वाला है जहां विदेश मंत्री एस जयशंकर भाग लेंगे।

पिछले महीने 9 और 10 जनवरी को भारत में अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर और वियतनाम, दक्षिण कोरिया, ब्राजील, नाइजर, नाइजीरिया, मोरक्को, गुयाना, अर्जेंटीना, फिलीपींस, नॉर्वे, मालदीव, फिजी, टोगो, बांग्लादेश और पेरू से 15 देशों के दूत आए थे।

ब समाचार एजेंसी एएनआई ने कश्मीर का दौरा करने वाले कुछ दूतों से बात की थी। राजनयिकों ने स्थिति पर संतोष व्यक्त किया था और जल्द ही इस क्षेत्र में सामान्य स्थिति की वापसी की उम्मीद की थी।

समय भारत में वियतनामी राजदूत फम सनह चौ ने कहा था कि उन्होंने जम्मू और कश्मीर की यात्रा के दौरान 'लोगों के दैनिक जीवन में सामान्य स्थिति' देखी। मैं कहना चाहता हूं कि यह एक बहुत ही सार्थक यात्रा थी। हाथ कंगन को आरसी क्या। यह हमारे लिए यहां की स्थिति की एक पूरी तस्वीर है।'

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न्होंने कहा था, 'मेरा अवलोकन है कि हम लोगों के दैनिक जीवन में सामान्य स्थिति देख रहे हैं, जो एक बहुत ही सकारात्मक संकेत है।' उन्होंने कहा था कि इस क्षेत्र में विभिन्न समूहों के साथ उनकी बातचीत से उन्हें लगा कि वर्तमान स्थिति में वे "बहुत खुश हैं"।

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