संबित पात्रा इतने फसाद पसंद कि वो भूल ही गए हिंदुओं के सम्मान में होटलों पर लिखा होता है 'मुस्लिम होटल'

BJP प्रवक्ता संबित पात्रा भारतीय राजनीति का वो चेहरा है जिसने देश की अशिक्षित जनता के विवेक से खेल नफरत फैलाने का कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। संबित प्रतिदिन सोशल साइट्स पर तथ्यों की हत्या कर हिन्दू-मुस्लिम नफरत का प्रचार करते रहते हैं...
जनज्वार। BJP प्रवक्ता संबित पात्रा भारतीय राजनीति का वो चेहरा है जिसने देश की अशिक्षित जनता के विवेक से खेल नफरत फैलाने का कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। संबित प्रतिदिन सोशल साइट्स पर तथ्यों की हत्या कर हिन्दू-मुस्लिम नफरत का प्रचार करते रहते हैं।
ताज़ा मामला संबित के ट्वीट से जुड़ा है जिसमे झारखण्ड के एक फल विक्रेता ने "हिन्दू फल दुकान" लिखने पर पुलिस ने करवाई कर आरोपी विक्रेता पर मुक़दमा दर्ज कर लिया।
उसके बाद संबित ने पुरे मामले को साम्प्रदायिक रंग देने के लिए दो फोटो ट्वीट किया, "पक्षपात क्यों?" जिसमे सवाल किया गया कि जब मुस्लिम होटल लिखने पर कोई कोई मुकदमा दर्ज नहीं होता लेकिन हिन्दू फल की दुकान पर कानूनी करवाई की जाती है।
पक्षपात क्यों? pic.twitter.com/EHh7JqiNml
— Sambit Patra (@sambitswaraj) April 26, 2020
संबित पात्रा को पक्का गुमान है कि वह देश के बहुसंख्यक समुदाय के दिमाग से जब चाहे खेल सकता है। संबित ने जो साम्प्रदायिक प्रश्न उठाया वो बिलकुल निराधार है। देश में अधिकांश होटलों पर मुस्लिम होटल लिखा होता है उसका सांकेतिक अर्थ होता है की यहाँ बड़े का मांस (भैस का गोश्त) परोसा जाता है। इस लिए जो लोग बड़े का मांस नहीं खाते वो दूर रहें।
आपको बता दें कि देश में ऐसे सैकड़ों होटल हैं जिनके नाम के साथ मुस्लिम शब्द नहीं जोड़ा गया है। मुग़लई व्यंजनों के लिए मशहूर अलकरीम होटल के साथ मुस्लिम शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है।











