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विमर्श

जघन्य आपराधिक घटनाओं पर नैनीताल एसएसपी से हाईकोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण

Prema Negi
15 July 2018 2:47 PM GMT
जघन्य आपराधिक घटनाओं पर नैनीताल एसएसपी से हाईकोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण
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आला प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा अपराध पर नियंत्रण और अपराधियों से निपटने के लिए करेंगे मिलकर काम, हल्द्वानी में की प्रेस कांफ्रेंस

राजेश सरकार

हल्द्वानी, जनज्वार। हल्द्वानी शहर व आसपास के क्षेत्रों में हुईं कई जघन्य आपराधिक घटनाओं से आम लोग काफी सहमे हुए हैं। लोग रात—रात भर जागकर अपने घरों की रखवाली करने को विवश हैं।

हाल ही में घटित कई आपराधिक घटनाओं का संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय ने जनपद नैनीताल के पुलिस कप्तान जन्मेजय खण्डूरी को 17 जुलाई को इसे लेकर तलब भी किया है। जनदबाव कहें या फिर हाईकोर्ट का डर की न्यायालय के संज्ञान लेने के बाद जनपद की पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी अब एक मंच पर आकर आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाने की योजना पर काम कर रहे हैं।

आज रविवार 15 जुलाई को इसकी बानगी तब देखने को मिली, जब नगर निगम के सभागार में जनपद नैनीताल के जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन, एसएसपी जन्मेजय खण्डूरी, एडीएम हरवीर सिंह, नगर आयुक्त सीएस मर्तोलिया, सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय के साथ ही एसडीएम एपी बाजपेयी कतार से एक मंच पर बैठे दिखे।

इन लोगों ने सबसे पहले सोशल मीडिया पर अफवाह न फैलाने व अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाई किये जाने के साथ ही जनसहयोग को लेकर बात की। पुलिस कप्तान ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि वे खुद रात को हो रही पुलिस गश्त पर नजर ही नहीं रखे हुए हैं, बल्कि खुद भी रात को गश्त कर लोगों से रू—ब—रू हो रहे हैं।

इस पर पत्रकारों ने सवाल भी किया कि यदि पुलिस पहले ही इतनी चौकन्नी हो जाती तो हल्द्वानी की कानून व्यवस्था इतनी दुर्दशा में नहीं होती।

जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने कहा, पिछले दिनों क्षेत्र में हुए आपराधिक घटनाओं का पुलिस खुलासा कर चुकी है और इस समय कानून व्यवस्था पूरी तरह कंट्रोल में है। पत्रकारों ने पुलिस—प्रशासन से कहा, पुलिस के हाथ अभी छैमार गिरोह के मात्र दो गुर्गे ही चढे हैं, जबकि असल हत्यारे अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। ऐसे में क्षेत्रवासी अपने आप को कैसे सुरक्षित महसूस कर सकते हैं? इस सवाल के जवाब में भी अधिकारियों ने 'जनसहयोग अपेक्षित' कहकर बात टाल दी।

पत्रकारों ने मंच पर निश्चिंत बैठे नगर निगम के नगर आयुक्त सीएस मर्तोलिया की तरफ इशारा करते हुए कहा की क्षेत्र में पिछले पांच दिनों से जगह जगह पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, बरसात के मौसम के चलते संक्रमण रोग फैलने की आशंका पनप रही है, नगर निगम क्या कर रहा है? मगर अधिकारीगण पहले तो बगले झांकने लगे, बाद में एडीएम हरवीर सिंह ने कहा की मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी वैकल्पिक व्यवस्था तलाशी जा रही है। जल्द इसका हल निकाल लिया जायेगा।

गौरतलब है कि बीते 5 जून की रात हल्द्वानी में राधा भट्ट की हत्या कर उनके पति को डकैतों ने बुरी तरह जख्मी कर लूटपाट की थी। इसके बाद 22 जून की रात रुद्रपुर के गंगापुर रोड के पास रहने वाले पंकज श्रीवास्तव के घर डकैती डालते हुए उनकी पत्नी अर्पणा की हत्या कर दी थी और उनकी बेटी को बुरी तरह जख्मी कर दिया था। घटना को अंजाम देने वालो की तलाश में जनपद नैनीताल व ऊधमसिंह नगर की पुलिस दिन रात एक किये हुए थी।

बाद में दोनों जनपदों की पुलिस ने छैमार गिरोह के दो गुर्गों (घटना से पहले रेकी करने वाले) को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा करने का दावा किया। हालांकि गिरोह के चार लोग (असल हत्यारे) अभी भी पुलिस की पहुंच से दूर हैं।

गौरतलब है कि उत्तराखण्ड में यह पहली बार हुआ है कि एक के बाद एक हो रहीं आपराधिक वारदातों पर नियंत्रण न होने के कारण माननीय न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए जनपद नैनीताल के एसएसपी को तलब कर स्पष्टीकरण माँगा है।

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