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राजनीति

प्रधानसेवक जी आप घोर स्त्री-विरोधी हैं

Prema Negi
29 Jan 2019 12:14 PM GMT
प्रधानसेवक जी आप घोर स्त्री-विरोधी हैं
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भाषा से लेकर व्यवहार तक आप घोर स्त्रीविरोधी हैं प्रधानसेवक जी। आरएसएस में वर्षों रहने के बाद आपकी कंडीशनिंग ही कुछ इस तरह हुई है कि आपकी नज़र में स्त्रियां तुच्छ, अछूत और त्याज्य हैं।

सुशील मानव की रिपोर्ट

मोदी जी, प्रियंका गाँधी के सक्रिय राजनीति में आने के औपचारिक ऐलान के बाद से आपकी भारतीय जनता पार्टी के छुटभैये से लेकर बड़े मंत्री तक उन पर बेहद अश्लील लैंगिक टिप्पणियां कर रहे हैं। सबसे बड़े सूबे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पुरुषैये दंभ में स्खलित होकर प्रियंका गांधी की काबिलियत पर सवाल खड़े करते हुए उन्हें ‘जीरो’ कहते हैं।

इससे पहले आपकी पार्टी के लोग बसपा अध्यक्ष मायवती को सार्वजनिक मंचों से गालियां देते आये हैं। लेकिन आपने या आपकी पार्टी हाईकमान ने उन अभद्र टिप्पणी करने वालों पर कोई कार्रवाई करना तो दूर एक छोटी सी प्रतिक्रिया तक नहीं दी। बात-बे-बात ट्वीट करने वाले प्रधानसेवक जी आपने इस पर एक ट्वीट तक करने की ज़रूरत नहीं समझी?

जाहिर है जिन महिला विरोधी अश्लील बातों, अभद्र टिप्पणियों से आपकी सहमति रहती है या फिर जो आपके मनोनुकूल होती हैं आप उन पर चुप्पी साधकर उन्हें बल प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री रहते हुए खुद आपने कई मौकों पर सार्वजनिक मंचों से बेहद ‘चीप’ बातें कहकर विपक्षी पार्टी की महिलाओं की गरिमा का हनन किया है।

पिछले साल संसद सभा में कांग्रेस की महिला नेता रेणुका चौधरी पर आप और आपके चाटुकार सासंदों की वो अश्लील हँसी देश भूला नहीं है, जिसमें आपने उनकी हँसी को रामायण की महिला पात्रों सूपर्णखा और ताड़का से तुलना करके सामूहिक अट्टाहास किया था, बिल्कुल वैसा ही अट्टाहास जैसा दुर्योधन और उसके भाइयों ने द्रोपदी को सभागार में खींचकर लाए जाने पर किया था।

इससे पहले आपने कांग्रेस की तुलना बूढ़ी औरत से करते हुए उसे 125 साल की बूढ़ी औरत बताया था, साथ ही आपने ये भी कहा था कि एक बुढ़िया नौजवानों का भाग्य बना सकती है क्या। वो बयान आपकी स्त्री-विरोधी प्रवृत्ति का ही परिचायक है। साथ ही आपका ये बयान बुजुर्गों के प्रति आपकी वैचारिक बर्बरता को भी उजागर करता है।

इतना ही नहीं आपकी मानसकिता आप तत्कालीन विपक्षी नेता सोनिया गाँधी को सार्वजनिक रूप से जर्सी गाय कहते हैं। जर्सी गाय कहने के पीछे आपनी मानसिकता कितनी नस्लवादी और घृणित थी। दरअसल पिछड़े और सामंती समाजों के शुद्धतावादी लोग आज भी जर्सी गाय से परहेज़ करते हैं, जबकि देशी गाय का गौदान करके अपने कुकर्मों से मुक्ति की कामना करते हैं।

लेकिन हद तब कर देते हैं आप जब शशि थरूर की जीवनसंगिनी को 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड कहते हो। आप औरत का पैसे से मोल लगाते हो। आप में और एक दल्ले में क्या फर्क है, जबकि दल्ला भी औरत की कीमत ही लगाता है?

प्रधानसेवक महोदय आप भले ही आज सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा एक्टिव रहकर खुद को टेकजेनकरेशन से टक्कर लेने वाला और आधुनिक साबित करने की जुगत में रहते हो लेकिन सच यही है कि आप बेहद पिछड़ी और ओछी मानसिकता के व्यक्ति हैं। जो स्त्री को आज भी नर्क का द्वार समझता है।

बेटी बचाओ, बेटा पढ़ाओ का नारा दरअसल आपकी सियासी मजबूरी का फरेबी स्टंट है, वर्ना पूरी दुनिया ने देखा कि आपके राज्य में छोटी छोटी बच्चियां यौन बर्बरता का शिकार हुई हैं। बलात्कार का ग्राफ आपके शासनकाल में बहुत ज्यादा बढ़ गया है। आपकी पार्टी और संगठन और सरकार के मंत्री बलात्कारियों के समर्थन में तिरंगा यात्रा निकालते हैं।

आप एक ओर तीन तलाक़ पर अध्यादेश लाकर मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने की बात करते हैं, जबकि अपनी जीवनसंगिनी जसोदा बेन के आजीवन उत्पीड़न को आपके लोग बलिदान बताकर जस्टीफाई करते हैं। पत्नी त्याग के पीछे ‘नारी नर्क का द्वार’ जैसी सड़ी हुई अद्वैतवादी सोच काम कर रही होती है। आप एक औरत के पीछे दो दो राज्यों के प्रशासन को लगाकार उसकी निजी जिंदग़ी की जासूसी करवाते हैं इसे ज्यादा शर्मनाक बात और क्या होगी।

दरअसल आरएसएस एक सामंतवादी संगठन है, जो औरतों को अयोग्य और तुच्छ समझता है। यही कारण है कि संघ ब्रह्मचर्य को एक ज़रूरी शर्त की तरह अपने प्रचारकों पर थोपता है। यौन-अनुभूति विहीन होने के चलते संघ के प्रचारकों में जबर्दस्त यौनकुंठा होती है जिसकी भरपाई वो अपने जिह्वा का शिश्निक इस्तेमाल करके करते हैं। उनकी भाषा के शब्द और मुहावरे लैंगिक और मर्दवादी होते हैं। वो अपने अभद्र और अश्लील बयानों के जरिए औरतों की गरिमा का हनन करते हैं।

प्रधानसेवक जी आपके निजी बयानों से साफ लगता है कि आप महिलाओं को सजावट, संभोग और बच्चे पैदा करने की मशीन से ज्यादा कुछ नहीं समझते। आपको गर मेरी बात से थोड़ी भी आपत्ति हो तो एक बार आपके इन बयानों को एक बार फिर से पढ़ने की जहमत उठायें-

“सोनिया गांधी ‘जर्सी गाय’ हैं। राहुल ‘हाइब्रिड’ बछड़ा हैं।”

“वाह क्या गर्लफ्रेंड है? आपने कभी देखा है 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड को?”

“(मनमोहन सिंह) रात के चौकीदार हैं, जो गांधी परिवार के लिए गद्दी गर्म रख रहे हैं।”

“ नीतीश कुमार के डीएनए में प्रॉब्लम है।”

"सभापति जी रेणुका जी को आप कुछ मत कहिए रामायण सीरियल के बाद ऐसी हंसी सुनने का आज सौभाग्य मिला है।"

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