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शहीद की पत्नी ने कहा योगी जी के आने से नहीं हुआ कोई फायदा

Prema Negi
19 Feb 2019 2:39 PM GMT
शहीद की पत्नी ने कहा योगी जी के आने से नहीं हुआ कोई फायदा
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मुख्यमंत्री की निगाह में औरत के प्रति यह हेठी बताती है कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग कितने मर्दवादी हैं

जनज्वार, देवरिया। पुलवामा हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों में एक नाम उत्तर प्रदेश स्थित देवरिया जिले के भटनी थाना क्षेत्र के छपिया जयदेव के विजय कुमार मौर्य का भी है। तमाम नातेदारों-रिश्तेदारों, शीर्ष नौकरशाहों के अलावा राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शहीद के घर शोक संवेदना व्यक्त करने गए थे।

राज्य के मुख्यमंत्री का शहीद के घर जाकर शोक व्यक्त करना और यह आश्वासन देना कि शहीद के परिवार की सभी मांगों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाएगा, निश्चित तौर पर अच्छी बात है, मगर योगी आदित्यनाथ भी पुरुष वर्चस्ववादी उसी समाज के प्रतिनिधि निकले जिनके लिए शायद महिलाओं की भावनाओं का कोई मतलब नहीं रहता या फिर महिला के साथ हमेशा दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है, यही उनकी मानसिकता में भी पैठा हुआ है।

नहीं तो ऐसा क्यों होता कि जिस औरत का हमसफर-सुहाग, उसका जीने का आसरा उससे छिन गया हो, शहीद हो गया हो, उससे मुख्यमंत्री दो सांत्वना के बोल न बोल पाए। शायद योगी जी को यह अपने मर्दवादी अहं का अपमान लगा हो कि वे एक महिला से सांत्वना के दो बोल बोलें, उनसे मिलें।

इसीलिए तो शहीद विजय कुमार मौर्य की पत्नी विजयलक्ष्मी ने कहा है कि उनके लिए मुख्यमंत्री के उनके घर तक आने का कोई मतलब नहीं है। विजयलक्ष्मी कहती हैं, मुख्यमंत्री को एक बार को मुझसे कुछ पूछना तो चाहिए था, आखिर सुहाग उजड़ा है मेरा। मगर योगी जी केवल मेरे ससुर जी से बात किए, हमसे उन्होंने कुछ नहीं पूछा। हम वहीं पर बैठे हुए थे।योगी आदित्यनाथ जी को हमसे भी पूछना चाहिए, पति शहीद हुए हैं मेरे। एक बच्ची है। कैसे रहोगी और आगे क्या करोगी, इस बारे में दो बोल तक न निकले उनके मुंह से।

यह सही है कि किसी के शोक संवेदना व्यक्त करने से विजयलक्ष्मी को अपना पति वापस नहीं मिल जाता, मगर एक उम्मीद जरूर बंधती कि मैं अकेले नहीं हूं या सरकार हमारे साथ खड़ी है। मेरी बच्ची का भविष्य अंधकारमय नहीं होगा। शायद योगी के मुंह से निकले बोल विजयलक्ष्मी के लिए मरहम का काम करते, मगर अपना मर्दवादी रवैया दिखा योगी ने उसे यह कहने को मजबूर कर दिया कि उनके लिए मुख्यमंत्री के उनके घर तक आने का कोई मतलब नहीं है।

गौरतलब है कि जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शहीद विजय कुमार मौर्य के घर गए थे तब उनके साथ कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी थे। योगी ने बेशक यह कहा कि मैं राज्य सरकार और केंद्र सरकार की तरफ से आश्वस्त करता हूं कि शहीदों के परिवार के साथ हम खडे़ हैं और उन्हें पूरा सहयोग दिया जाएगा, मगर ऐसा कौन सा सहयोग की मुख्यमंत्री शहीद की पत्नी से शोक संवेदना तक व्यक्त न कर पाये और न ही उसे वह आश्वस्ति दिला पाये जिसकी शायद वह उम्मीद कर रही थी।

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