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आरटीआई कार्यकर्ता को पीटने के बाद पुड़िया में पकड़ा दिये अंग विशेष के बाल, कहा जो योगी से उखड़वाना है उखड़वा लेना

Janjwar Team
18 April 2018 11:37 AM GMT
आरटीआई कार्यकर्ता को पीटने के बाद पुड़िया में पकड़ा दिये अंग विशेष के बाल, कहा जो योगी से उखड़वाना है उखड़वा लेना
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देवरिया में जिला विद्यालय निरीक्षक के भ्रष्टाचार को उजागर करने के अपराध में मिली आरटीआई कार्यकर्ता दिलीप चौरसिया को यह सजा, बड़ा सवाल यह कि क्या भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश योगी इसी हनक से बना पाएंगे, जहां जिला शिक्षा अधिकारी भी मुंबइया फिल्मों के गुंडों को देता हो मात

देवरिया से अरविंद गिरि की रिपोर्ट

अंसारी रोड में रहने वाले वरिष्ठ आरटीआई कार्यकर्ता का सरेराह दोपहर में अपहरण, जानलेवा मारपीट, उसके बाद कागज की पुड़िया में कार्यकर्ता को अंग विशेष के बाल नोचकर देते हुए यह कहना कि जाओ योगी से जो उखड़वाना है, वह उखड़वा लो, साबित करता है कि मुख्यमंत्री योगी की हनक प्रदेश के अदने से अधिकारियों और उनके कारिंदों में कितने पेंदी में बची है।

बड़ी बात यह है कि मुंबइया फिल्मी अंदाज की यह गुंडागर्दी किसी गुंडे—मवाली या गैंगेस्टर ने नहीं की, बल्कि एक स्कूल के प्रबंधक ने देवरिया विद्यालय जिला शिक्षा निरीक्षक के इशारे पर की है। देवरिया मे जिला विद्यालय निरीक्षक शिवचन्द्र राम अपने उपर आयोग में बार बार अर्थदण्ड लगने से परेशान था, इसलिए अपने द्वारा लाभान्वित किए जाने वाले स्कूल के प्रधानाचार्य गोपाल यादव को आरटीआई कार्यकर्ता को अपहरण और ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी सौंपी।

घटना 30 मार्च की दोपहर 12.30 बजे की है, जब दिलीप चौरसिया अपने घर अंसारी रोड से बाहर निकल शहर के कोआॅपरेटिव चौराहे पर पहुंचे। लेकिन मुकदमा 16 अप्रैल को घटना के 16 दिन बाद तब दर्ज हो पाया, जब शहर के एसएसपी ने हस्तक्षेप किया। एसएसपी को इसलिए हस्तक्षेप करना पड़ा, क्योंकि देवरिया के थानेदार रहे सत्येंद्र कुमार पांडेय की निगाह में यह कोई अपराध ही नहीं था, इसका एनसीआर तक पांडेय ने नहीं काटा था।

तीन दिन पहले 15 अप्रैल को थानेदार पांडेय सस्पेंड हो गए, क्योंकि वह बड़े से बड़े जुर्म पर सिर्फ एनसीआर दर्ज करते थे। याद होगी देवरिया के सकरापार की घटना, जिसमें कुछ युवक एक लड़के को पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीट रहे थे और वीडियो वायरल हुआ था, उस जघन्य वारदात में भी थानेदार साहब ने एनसीआर ही काटा था, मुकदमा नहीं दर्ज किया था।

आरटीआई कार्यकर्ता दिलीप चौरसिया का 30 मार्च को तीन लोगों के साथ मिलकर अपहरण करने वाला गोपाल यादव देवरिया के ही शाहपुर इलाके के बापू बालिका इंटर कॉलेज का प्रधानाचार्य है। दर्ज मुकदमे के अनुसार गोपाल यादव को समस्या यह थी कि दिलीप चौरसिया की आरटीआई की वजह से जिला विद्यालय शिक्षा निरीक्षक शिवचंद्र राम को राज्य शिक्षा आयोग से भ्रष्टाचार और गलत तरीके से निजी विद्यालयों को लाभ पहुंचाने के मामले में कई बार 25—25 हजार रुपए तक का फाइन हो चुका था।

जनज्वार से बातचीत में दिलीप चौरसिया ने कहा, जिला शिक्षा अधिकारी शिवचंद्र राम के कहने पर मेरा अपहरण कर हत्या की धमकी देने वाला गोपाल यादव मुझे अपने अंग विशेष के बाल पुड़िया में लपेटकर देते हुए बोला कि जिससे जो करवाना है करवा लो, योगी से जो उखड़वाना हो उखड़वा लो।

आरटीआई कार्यकर्ता का अपहरण कर प्रधानाचार्य उसे गौला चौराहे से होते हुए अपने गांव बभनी ले गया, जहां बंद कमरे में उसने अपने साथियों के साथ दारू पी और कार्यकर्ता को लात—घूंसे और झाड़ू से मारा। मारते वक्त गोपाल यादव यही चिल्लाता रहा कि तुम्हारी वजह से हमारे साहब शिवचंद्र राम परेशान हैं, उनके खिलाफ शिकायत करना बंद कर दे, नहीं तो मैं जान ले लूंगा।

इसी बीच गोपाल की मां आ गयी और कार्यकर्ता की जान बच गयी। दर्ज मुकदमे के अनुसार, दरवाजा खोलने से पहले निजी विद्यालय के प्रधानाचार्य ने अपने लिंग के आसपास से बाल नोंचे और उसे कागज की पुड़िया में बांध कार्यकर्ता को यह कहते हुए थमा दिया कि इसे रखना रात को सोते हुए, डर नहीं लगेगा।

साथ ही यह भी कहा कि अगर अबसे तुमने जिला शिक्षा विद्यालय निरीक्षक शिवचंद्र राम के खिलाफ कोई भी आरटीआई लगाई तो खैर नहीं। गोपाल यादव बार—बार कहता रहा कि शिवचन्द्र राम से सुचना मत मांगो और उनके ऊपर अर्थदण्ड मत लगवाओ, नहीं तो अबकी बार जान से भी हाथ धो दोगे।

इस संबंध में गोपाल यादव और शिवचंद्र से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

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