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राजनीति

उन्नाव में शौच के लिए जा रही दलित नाबालिग लड़की से रेप की कोशिश, पिता ने किया विरोध तो कर दी हत्या

Prema Negi
20 Jan 2020 5:19 AM GMT
उन्नाव में शौच के लिए जा रही दलित नाबालिग लड़की से रेप की कोशिश, पिता ने किया विरोध तो कर दी हत्या
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आरोपी युवक ने दलित लड़की का बलात्कार करने के लिए बुरी तरह दबोच लिया तो उसने शोर मचाया, अपनी बेटी की आवाज सुन किशोरी के पिता राजेंद्र प्रसाद घटनास्थल पर आये और इसका विरोध किया, मगर आरोपी युवक ने पीड़िता के पिता की गला दबाकर हत्या कर दी...

मनीष दुबे की रिपोर्ट

जनज्वार। मोदी सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और स्वच्छ भारत अभियान की हकीकत आये दिन खुलती रहती है। हर घर में शौचालय और बेटियों को बचाने का दावा करने वाली मोदी और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की पोल उस समय खुल गयी जब एक नाबालिग दलित लड़की शौच के लिये बाहर गयी थी और उससे बलात्कार की कोशिश की गयी। मौके पर पहुंचे पिता ने जब बेटी को बचाने की कोशिश की तो छेड़खानी करने वाले युवक ने पिता की जान ले ली।

ह घटना उन्नाव के अजगैन थाना क्षेत्र के अहिमा खेड़ा गांव ​में कल 19 जनवरी को घटित हुई, जहां एक सनसनीखेज वारदात में 13 साल की किशोरी जब शौच के लिए जा रही थी तभी विनोद नाम के एक युवक ने उसका बलात्कार करने की कोशिश की। लड़की से छेड़खानी करने वाल युवक का अहिमा खेड़ा गांव में ननिहाल है और वह वहां आया हुआ था।

ब उस युवक ने किशोरी को बलात्कार करने के लिए बुरी तरह दबोच लिया तो उसने शोर मचाया। अपनी बेटी की आवाज सुन द​​लित जाति से आने वाले किशोरी के पिता राजेंद्र प्रसाद पासवान घटनास्थल पर आये और इसका विरोध किया, जिसके बाद आरोपी युवक ने पीड़िता के पिता की गला दबाकर हत्या कर दी। वहीं शोर सुन मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने आरोपी युवक को मौके पर ही दबोच लिया, जिसके बाद ग्रामीण लड़की के पिता को लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

ड़की के पिता की मौत से गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने अजगैन मोहन मार्ग में जाम लगा दिया और उनकी लाश रखकर प्रदर्शन करने लगे। घटना की सूचना पर वहां पहुंची पुलिस ने काफी देर तक ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। हंगामे की सूचना पर एडिशनल एसपी दक्षिणी और सीओ के साथ कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची, जिसके बाद प्रशासन की पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद के आश्वासन देने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जाम खोला।

पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एडिशनल एसपी दक्षिणी धवल जायसवाल ने बताया कि आर्थिक मदद के आश्वासन के बाद परिजनों ने जाम खोला है। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। तहरीर के आधार पर कार्यवाही की जाएगी।

गर इस घटना की जड़ में देखें तो घर में शौचालय न होना है, जिसका दावा केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की योगी सरकार करते रहते हैं। अपने तमाम भाषणों में मोदी मंच से दावा करते हैं कि देश के हर घर में शौचालय उपलब्ध करवाना और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ उनका मिशन है। योगी सरकार भी दावे करती है कि राज्य में हर गांव में शौचालय बन चुके हैं। यही नहीं राज्य को स्वच्छता और हर घर में शौचालय बनवाने के लिए खिताब से भी नवाजा जा चुका है। इस पर घटना पर गौर करे तो किशोरी घर में शौचालय न होने के कारण बाहर शौच के लिए गई थी। ऐसे में बड़ा सवाल जिला प्रशासन के हर घर शौचालय होने के दावों की हकीकत भी झूठी निकल गई।

गौरतलब है कि उन्नाव के अजगैन थानाक्षेत्र के अहिमा खेड़ा गांव में बेटी से हो रही बलात्कार और छेड़खानी का विरोध करना उसके पिता राजेंद्र प्रसाद को भारी पड़ गया। आरोपी युवक ने बेटी को बचाने आये पिता के साथ मारपीट की और फिर गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया। पिता के गले में पड़े गमछे से ही आरोपी ने उनकी गर्दन कसकर हत्या कर दी। किशोरी के शोर मचाने पर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने आरोपी युवक को धर दबोचा और पुलिस को सूचना देकर मौके पर बुलाया।

पुलिस ने हत्या के आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर करीब 2 घंटे तक जाम लगाए रखा, जिसके बाद एसडीएम हसनगंज ने मौके पर पहुंचकर सभी को समझाया और मुआवजा देने का अस्वासन देकर जाम खुलवाया।

जानकारी के मुताबिक आरोपी युवक अपने ननिहाल घूमने के लिए आया था, वहीं घटना में सबसे बड़ी लापरवाही जिला प्रशासन के उन अधिकारियों की है, जो गांव में हर घर मे शौचालय बन जाने के दावे करते हैं।

पीड़ित परिजन कहते हैं कि उनके परिवार को शौचालय का लाभ नहीं मिला और आर्थिक हालात सही न होने के कारण वे लोग शौचालय नहीं बनवा सके और खुले में ही शौच जाने को मजबूर हैं। ऐसे में उन लापरवाह अधिकारी और कर्मचारियों, जिनके जिम्मे सभी घरों में शौचालय बनवाने का दारोमदार था, उन पर क्या कार्रवाई होगी? देखते हैं जिलाधिकारी उन पर क्या कार्रवाई करते हैं, या​ फिर सरकार ने ही बजट पारित न हुआ हो तो उसके लिए कौन जिम्मेदार होगा, प्रधानमंत्री मोदी या फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

हीं इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हालांकि पुलिस इस पूरी घटना के दौरान पिता की मौत को संदिग्ध मान रही है। उसका कहना है कि किशोरी के पिता की मौत स्वास्थ्य कारणों से हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद चीजें स्पष्ट हो पायेंगी।

स पूरी घटना से दहशत में आयी पीड़ित किशोरी बताती है, 'मैं बाहर शौच के लिए गई थी। एक लड़के ने मेरा पीछा करते हुए मुझे पकड़ लिया तो मैंने चिल्लाते हुए अपने पापा को आवाज मारी। जब वो मुझे बचाने आये तो उस लड़के ने उनका गला दबाकर उनकी हत्या कर दी।' पीड़ित लड़की आगे बताती है, हमारे घर में शौचालय नहीं है। हमारे ही कया पूरे गाँव में एक आध घर को छोड़कर किसी के भी घर में शौचालय नहीं है।

हीं इस मामले में गाँव वालों में आक्रोश के साथ पुलिसिया कार्यप्रणाली पर भी उंगली उठाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने आनन फानन में पीड़ित लड़की के पिता की डेड बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। हम लोग गाँव के प्रधान को बुलाना चाह रहे थे, जिसका पुलिस ने इंतजार करना तक मुनासिब नहीं समझा। ऐसे में किसकी जिम्मेदारी होगी। कल को कोई और बात हो जाये तो क्या पुलिस इसी तरह कार्रवाई करेगी। किसी के आने तक का इंतजार नही किया गया।

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