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राजनीति में कैकयी बनी कंगना रनौत, कहीं BJP को ही ना करा दे वनवास

Janjwar Desk
5 May 2021 1:06 PM GMT
राजनीति में कैकयी बनी कंगना रनौत, कहीं BJP को ही ना करा दे वनवास
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देर सबेर भाजपा अपनी इस परियोजना को भुना भी ले तो कंगना को क्या फायदा होगा, ये समझना मुश्किल भी है और आसान भी। मुश्किल इसलिए कि मोदी जैसे चतुर नेता के लिए हर कोई एक मोहरे की तरह है....

जनज्वार ब्यूरो। अमरबेल कंगना रनौत बंगाल हिंसा पर बुक्का फाड़-फाड़ रो रही हैं। बंगाल में भाजपा के चुनाव हारने के बाद कंगना का यह हाल है। हीरोइन के नफरती ट्वीट के चलते पहले तो ट्विटर ने उन्हें चलता किया बाद में दो फैशन कॉन्ट्रैक्ट कैंसल हो गए। कल कंगना के आंसुओं की धार इस कदर निकल रही थी जैसे ना पता कितना बड़ा पहाड़ पलट गया हो उनपर।

कंगना रनौत बीते कई दिनों से ममता बनर्जी और टीएमसी के खिलाफ जहर भरे बयान दे रही हैं। और ऐसा भाजपा का बंगाल चुनाव हारने के बाद हुआ है। कंगना ने ममता बनर्जी को राक्षसी, ताड़का तक बता डाला। और तो बंगाल को दूसरा कश्मीर बताकर वहां आतंकियों का कब्जा होना बताया था, जिसके बाद ट्विटर ने उनका एकाउंट सस्पेंड कर दिया। अब भी कंगना जिस तरह से बयान दे रही हैं उससे यही लग रहा है कि यह लड़ाई अभी और लंबी खिंचेगी।

दूसरी तरफ आज की 5 मई भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा बंगाल हिंसा पर धरना देने पहुंच गए हैं। चर्चा यह भी है कि भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिलने भी जा सकता है। राष्ट्रपति से मुलाकात इसलिए क्योंकि बंगाल हिंसा का हवाला देकर वहां राष्ट्रपति शाशन लगाया जा सके। इस बीच एक बड़ी बात यह है कि दीदी यानी ममता बनर्जी ने अभी सीएम पद की शपथ तो ली नहीं है, तो ऐसे में बंगाल में जो हिंसा हो रही उसकी जिम्मेदारी चुनाव आयोग और डीजीपी की है।

देर सबेर भाजपा अपनी इस परियोजना को भुना भी ले तो कंगना को क्या फायदा होगा, ये समझना मुश्किल भी है और आसान भी। मुश्किल इसलिए कि मोदी जैसे चतुर नेता के लिए हर कोई एक मोहरे की तरह है। उन्हें पता है कि कब और कैसे किसे आगे बढ़ाकर चलना है। अब फायदा यह हो सकता है कि भाजपा के सपोर्ट से महाराष्ट्र की उद्धव सरकार से पंगा ले चुकी कंगना को राहत मिल रही हो। आने वाले दिनों में भाजपा कंगना को महाराष्ट्र इत्यादि से अपने प्रोजेक्ट के तौर पर पेश कर सकती है।

लेकिन इस बीच तमाम राजनेताओं और खुद कंगना अगर इतनी निर्लज्ज ना होती तो पहले सरकार से सवाल करती की ऑक्सिजन के बगैर जो इतने लोग मर रहे हैं उनपर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा है। कंगना अगर इतनी ही देशप्रेमी टाइप की होती तो उस एक भी लाश पर क्यों नहीं रोई जो कोविड के चलते मरे। पत्नी पति को तो बेटी मां को ऑक्सिजन की कमी में मुंह से सांस दे रही है, तब कंगना क्यों नहीं रोई। हजारों हजार लोग रोज मर रहे हैं कंगना के आंसू कहां हैं। जनता नाम की भी कोई चीज है जो सारे ड्रामे, सभी हथकंडे रजिस्टर में दर्ज कर रही, ध्यान रखिएगा।

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