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तेजस्वी यादव ने कही बड़ी बात, पूरा विपक्ष आये एक साथ नहीं तो इतिहास नहीं करेगा माफ

Janjwar Desk
10 July 2021 3:04 PM GMT
तेजस्वी यादव ने कही बड़ी बात, पूरा विपक्ष आये एक साथ नहीं तो इतिहास नहीं करेगा माफ
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(तेजस्वी यादव ने कहा - हम अगर लोगों को समझा नहीं पाते, तो इसमें हमारी कमी है, शायद हम उन्हें एकजुट दिखाई नहीं देते।)

तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष के नेताओं को लगातार जनता के बीच जाना चाहिए। आरजेडी बिहार तक सीमित है, तो कोई पश्चिम बंगाल या सिर्फ़ महाराष्ट्र में अपना प्रभाव रखता है....

जनज्वार डेस्क। राजद नेता तेजस्वी यादव ने एक बार फिर कहा है कि विपक्षी दलों को अपने सारे मतभेद और अंहकार को भुलाकर एकसाथ आना चाहिए वरना इतिहास ऐसा न करने के लिए कभी माफ नहीं करेगा। यादव ने कहा कि विपक्ष के पास असल मुद्दों की कमी नहीं और उन्हें इन असल मुद्दों के इर्द गर्द अपनी रणनीति बनानी चाहिए।

द इंडियन एक्सप्रसे को दिए इंटरव्यू में यादव ने कहा कि कांग्रेस को भविष्य में किसी भी विपक्षी गठबंधन का आधार बनना होगा, क्योंकि वो एक राष्ट्रीय पार्टी है और बीजेपी के ख़िलाफ़ सीधे तौर पर 200 सीटों पर चुनाव लड़ती है।

उन्होंने आगे कहा कि ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और शरद पवार जैसे नेता देश की मौजूदा स्थिति को लेकर हमेशा चिंतित नज़र आते हैं और वो लगातार इसके बारे में बोलते भी रहे हैं, लेकिन इन सभी को एक टीम बनाने के बारे में सोचना चाहिए और अलग-अलग राज्यों में साथ में यात्राएं करनी चाहिए।

तेजस्वी यादव ने कहा, मुझे लगता है कि जल्द ही इस दिशा में कुछ होगा। विपक्ष के सभी प्रमुख नेता साथ बैठकर इस बारे में बात करेंगे। जब मुझसे कोई पूछता है, तो मैं कहता हूँ कि समय आ गया है और हमें जल्द से जल्द बीजेपी सरकार के ख़िलाफ़ एक मज़बूत गठबंधन तैयार करना चाहिए। बल्कि मैं कहूंगा कि हमें हार के अगले दिन से ही इस दिशा में काम करना चाहिए था।"

यादव ने कहा कि "विपक्ष के नेताओं को लगातार जनता के बीच जाना चाहिए। आरजेडी बिहार तक सीमित है, तो कोई पश्चिम बंगाल या सिर्फ़ महाराष्ट्र में अपना प्रभाव रखता है। ऐसे में हमें एकजुट होना होगा और मिलकर विभिन्न राज्यों में जाना होगा। हमें लोगों को मुद्दे समझाने होंगे, हमें मेहनत करनी होगी, हमें लोगों को याद दिलाना होगा कि किन वादों के साथ बीजेपी सत्ता में आयी थी जिन्हें उसने पूरा नहीं किया।"

आरजेडी नेता ने कहा कि 'हम अगर लोगों को समझा नहीं पाते, तो इसमें हमारी कमी है। शायद हम उन्हें एकजुट दिखाई नहीं देते। इसीलिए हमें अपने सारे मतभेद भुलाने होंगे, अपने-अपने अहंकार को साइड रखना होगा और ये देखे बिना आगे बढ़ना होगा कि अगर हम जीते तो हमें क्या मिलेगा। देश बचेगा, तभी तो नेतागिरी बचेगी। लेकिन बीजेपी वाले ज़्यादा वक़्त तक रहे, तो देश में कुछ नहीं बचेगा।'

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