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धर्मनिरपेक्षता भारत की संस्कृति और परंपराओं के लिए सबसे बड़ा खतरा : योगी आदित्यनाथ

Janjwar Desk
7 March 2021 4:05 AM GMT
धर्मनिरपेक्षता भारत की संस्कृति और परंपराओं के लिए सबसे बड़ा खतरा : योगी आदित्यनाथ
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योगी ने कहा, देश की छवि बिगाड़ने वाले लोग दुनिया के कुछ देशों से जूठन पाते हैं, चन्द पैसों के लिए ऐसे लोग अपनी आत्मा बेच चुके हैं, भारत के बारे में दुष्प्रचार करते हैं....

जनज्वार। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं, अब वह एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने लखनऊ में रामायण विश्व महाकोश की पूर्व पीठिका के विमोचन कार्यक्रम में सेकुलरिज्म को देश के लिए सबसे बड़ा खतरा करार दे दिया है।

गौरतलब है कि कल शनिवार 6 मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में रामायण विश्वमहाकोश की पूर्व पीठिका के विमोचन कार्यक्रम में कहा कि भारत की संस्कृति और परम्पराओं को विश्व के मंच पर लाने में सेकुलरिज्म बहुत बड़ा खतरा है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, हमें बहुत ही सात्विक ढंग से इसके लिए प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और परम्पराओं को विकृत रूप में पेश करने और देश की छवि बिगाड़ने वाले लोग दुनिया के कुछ देशों से जूठन पाते हैं। चन्द पैसों के लिए ऐसे लोग अपनी आत्मा बेच चुके हैं। दुनिया के कुछ देश ऐसे लोगों का इस्तेमाल करते हुए भारत के बारे में दुष्प्रचार करवाते हैं। ऐसा कुप्रचार करने वाले न घर के होते हैं न घाट के।

अयोध्या शोध संस्थान की तरफ से आयोजित रामायण विश्वमहाकोश की पूर्व पीठिका के विमोचन कार्यक्रम के बारे में योगी ने कहा कि इस विश्व महाकोश को शुरुआत से ही डिजिटल रूप में तैयार किया जाए। भाषा के बारे में कोई विवाद नहीं होना चाहिए, देश और विश्व की सभी भाषाओं में इसे तैयार किया जाए। यह महत्वपूर्ण संयोग है कि जब अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर का निर्माण शुरू हुआ है, ऐसे ही समय में रामायण विश्व महाकोश भी तैयार किया जा रहा है।

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योगी ने कहा, जब अयोध्या में भगवान राम के जन्मस्थल का विवाद चल रहा था तो कुछ इतिहासकारों ने तो यहां तक कह दिया था कि यह वह अयोध्या ही नहीं है, जहां राम का जन्म हुआ था। यही वह विकृत मानसिकता है जो भारत को अपने गौरव से वंचित करती रही है।

मुख्यमंत्री योगी ने अपने कंबोडिया दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वहां मंदिर के पत्थरों में चित्रों के माध्यम से पूरी रामायण को उकेरा गया है। लंका दहन के बाद हनुमान जी के अपनी पूंछ की आग बुझाने के ऐसे ही एक चित्र के बारे में स्थानीय गाइड ने उन्हें बताया कि यह गॉड मंकी हैं। गाइड ने कहा कि वह हिन्दू नहीं बौद्ध है, लेकिन बौद्ध धर्म हिन्दू धर्म से ही पैदा हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कंबोडिया में एक सामान्य 20 साल का वह युवक रामायण के उस चित्र को बताता है। अपनी बात व्यक्त करता है, ज​बकि हमारे यहां उपासना विधि को लेकर विवाद खड़े होते हैं। छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होता है।

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