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Char Dham Yatra : कुत्ता लेकर केदारनाथ पहुंच गया यह तीर्थयात्री, नंदी को करवाया पंजों से स्पर्श तो पुजारी ने भी कर डाला कुत्ते का तिलक

Janjwar Desk
18 May 2022 8:30 AM GMT
Char Dham Yatra : कुत्ता लेकर केदारनाथ पहुंच गया यह तीर्थयात्री, नंदी को करवाया पंजों से स्पर्श तो पुजारी ने भी कर डाला कुत्ते का तिलक
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Char Dham Yatra : कुत्ता लेकर केदारनाथ पहुंच गया यह तीर्थयात्री, नंदी को करवाया पंजों से स्पर्श तो पुजारी ने भी कर डाला कुत्ते का तिलक

Char Dham Yatra : अपने कुत्ते को कंधे पर रखकर केदारनाथ धाम में भ्रमण कर रहा यह व्यक्ति अगले दिन कुत्ते के साथ और जूते पहनकर फिर बाबा केदारनाथ मंदिर परिसर पहुंच गया, जहां इसकी नंदी भगवान को कुत्ते के पंजे स्पर्श कराते हुए एक और वीडियो सामने आई...

सलीम मलिक की रिपोर्ट

Char Dham Yatra : चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) के दौरान आस्था की आड़ में मौज-मस्ती करने आ रहे लोग पावन तीर्थस्थलों की पवित्रता से ऐसा खिलवाड़ कर रहे हैं कि एक व्यक्ति बाबा केदारनाथ के दर पर अपने कुत्ते को ही लेकर पहुंच गया। बच्चे की तरह अपने इस कुत्ते को गोद में उठाए केदारनाथ पहुंचे इस व्यक्ति ने मंदिर में न केवल कुत्ते के साथ प्रवेश किया बल्कि मंदिर परिसर में स्थित नंदी प्रतिमा को कुत्ते के पंजों से स्पर्श भी कराया। हैरानी की बाद यह भी रही कि मौके पर मौजूद पंडिज्जी ने इस पर कोई ऐतराज करना तो दूर उल्टे कुत्ते का भी अन्य श्रद्धालु की तरह तिलक कर डाला। इस व्यक्ति की पूरी प्रक्रिया का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।

बता दें कि उत्तराखंड में तीन मई से चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra 2022) शुरू हो गई है। देश-दुनिया से तमाम रिकॉर्ड तोड़ तीर्थयात्री इस यात्रा पर आने शुरू हो गए हैं। लेकिन इस यात्रा पर आने वाले अधिकांश यात्री धार्मिक पर्यटन व मौज-मस्ती वाले पर्यटन में बिल्कुल भी अंतर नहीं कर पा रहे हैं। विदेशी लोग फिर भी तमाम गरिमा का पालन करते हुए इस यात्रा में शामिल हैं लेकिन उत्तर भारतीय महानगरों के अधिकांश मध्यवर्गीय लोग इस गरिमा के साथ न्याय नहीं कर रहे हैं।

उनके लिए चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) भी महानगरों की तपिश भरी गर्मी से निजात दिलाने, मौज-मस्ती की आउटिंग, पहाड़ का ग्लैमर से अधिक कुछ नहीं है। अपने पैसे के बल पर सुगमता से बिना किसी कठिनाई के इन पवित्र स्थानों पर पहुंचे यह लोग तीर्थ स्थलों की पवित्रता भंग करते हुए यहां के अध्यात्मिक वातावरण को भी दूषित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

यात्रा मार्ग पर पड़ने वाली पवित्र नदियों के किनारे बरामद होती दारू बीयर की बोतलें इसका प्रमाण हैं। ऐसे में जहां इन तीर्थस्थलों में आने वाले सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों से उम्मीद की जाती है कि वह धार्मिक मर्यादाओं का पालन करे तो कुछ लोग धार्मिक मर्यादाओं को भंग करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें एक व्यक्ति जूते पहनकर और साथ में कुत्ता लेकर केदारनाथ मंदिर के प्रांगण में पहुंचा।

जानकारी के अनुसार अपने कुत्ते को कंधे पर रखकर केदारनाथ धाम में भ्रमण कर रहा यह व्यक्ति अगले दिन कुत्ते के साथ और जूते पहनकर फिर बाबा केदारनाथ मंदिर परिसर (Kedarnath Temple Campus) पहुंच गया। जहां इसकी नंदी भगवान को कुत्ते (Dog) के पंजे स्पर्श कराते हुए एक और वीडियो सामने आई। इस विडियो में तो मौके पर एक पुजारी बकायदा इस कुत्ते का तिलक भी कर रहा है। वीडियो वायरल होते ही लोगों ने इस व्यक्ति के कृत्य पर आपत्ति जताई और कार्रवाई की मांग की। लोग सवाल कर रहे हैं कि तमाम पुलिसकर्मी, तीर्थ पुरोहित, पुजारी आखिर वहां क्या कर रहे थे जो किसी ने उसे टोका नही। मंदिर समिति व मंदिर की सिक्योरिटी पर भी तमाम सवाल भी उठने लगे हैं।

बहरहाल मामले के तूल पकड़ने के बाद अब इस मामले में श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बद्रीनाथ केदारनाथ समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय ने उस यात्री पर कानून कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए पत्र में लिखा है कि सोशल मीडिया में वायरल हो रहे एक वीडियो का संज्ञान लें।

उक्त वीडियो में एक व्यक्ति श्री केदारनाथ धाम मन्दिर परिसर में एक कुत्ते को गोद में लेकर घूमता दिखाई पड़ रहा है। इसके साथ ही उक्त व्यक्ति मन्दिर के मुख्य द्वार के सम्मुख स्थापित भगवान नंदी की प्रतिमा को कुत्ते के पंजों से स्पर्श करा कर पूजन करते दिख रहा है। उक्त व्यक्ति का यह कृत्य घोर आपत्तिजनक है और उसके इस कृत्य से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

यह भी खेदजनक है कि बड़ी संख्या में मन्दिर समिति के कार्मिकों और पुलिसकर्मियों की मन्दिर परिसर में तैनाती होने के बावजूद किसी के द्वारा भी उक्त व्यक्ति के कृत्य का संज्ञान नहीं लिया गया। मन्दिर परिसर में किसी प्रकार की अवांछित गतिविधियों/क्रिया-कलापों पर रोक लगाने के लिए मन्दिर समिति के कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें। साथ ही भविष्य में ऐसे घटनाक्रमों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए इस व्यक्ति के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई करने के संबन्ध में आवश्यक कार्रवाई करें।

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