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Morena news : MP के मुरैना में 8 साल का बच्चा 2 साल के भाई की लाश लेकर करता रहा एंबुलेंस का इंतजार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

Janjwar Desk
10 July 2022 6:12 PM GMT
Morena news : MP के मुरैना में 8 साल का बच्चा 2 साल के भाई की लाश लेकर करता रहा एंबुलेंस का इंतजार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
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Morena news : MP के मुरैना में 8 साल का बच्चा 2 साल के भाई की लाश लेकर करता रहा एंबुलेंस का इंतजार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

Morena news : गुलशन अपने 2 वर्षीय मासूम भाई की लाश लिए नाले के पास बैठा था, जहां उन पर मक्खियां भी भिनभिना रही थीं, अस्पताल प्रशासन ने राजा की लाश को गांव तक ले जाने के लिए यह कहते हुए मना कर दिया गया कि उनके पास शव ले जाने के लिए कोई वाहन नहीं है, किराये पर गाड़ी हायर कर लाश ले जाओ...

Morena news : मध्य प्रदेश के मुरैना से MP के मुरैना से आज इंसानियत को तार-तार करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसमें 8 साल का मासूम अपने 2 साल के भाई की सफेद कपड़े से ढकी लाश पर से मक्खियां उड़ाता नजर आ रहा है। पिता लाश ले जाने के लिए एम्बुलेंस का इंतजाम करने गया है, मगर किस्मत देखिये जीते जी नवजात को इलाज नहीं मिला और मरने के बाद भी एम्बुलेंस नसीब नहीं हो पायी। बिना इलाज के 2 साल के मासूम की मौत और उसके बाद यह भयावह मंजर देखकर कंपकंपी छूट जाती है।

जानकारी के मुताबिक दो दिन पहले यानी शुक्रवार 8 जुलाई को अंबाह के बड़फरा निवासी पूजाराम जाटव के 2 वर्षीय बेटे राजा की तबीयत खराब हो गई थी। राजा को अंबाह के सरकारी अस्पताल में ले गये तो हालत ज्यादा खराब होने के चलते डॉक्टरों ने बच्चे को जिला अस्पताल क लिए रेफर कर दिया। पूजाराम जाटव अपने 8 वर्षीय बेटे गुलशन के साथ राजा को लेकर जिला अस्पताल गये। अंबाह के सरकारी अस्पताल से उन्हें लेकर आयी एंबुलेंस तुरंत लौट गयी थी और इलाज के दौरान मासूम राजा की मौत हो गयी। डॉक्टरों ने बताया कि राजा को एनीमिया और पेट में पानी भरने की समस्या थी।

बच्चा तो खत्म हो ही गया, अब पूजाराम के सामने गंभीर समस्या अपने मासूम बच्चे की लाश को ले जाने की थी, क्योंकि प्राइवेट एंबुलेंस को देने के उसके पास पैसे नहीं थे और सरकारी एंबुलेंस उसे मिल नहीं पायी। प्राइवेट एम्बुलेंस के लिए पूजाराम को डेढ़ हजार रुपए की जरूरत थी। पूजाराम ने प्राइवेट और सरकारी एम्बुलेंस के लिए रोया-गिड़गिड़ाया, मगर कहीं से कोई मदद नहीं मिल पायी। थक हारकर पूजाराम बेटे राजा की लाश 8 वर्षीय बेटे गुलशन की गोद में लिटाकर कुछ कम रेट की एम्बुलेंस तलाशने के लिए चला गया। यह वीडियो उसी दौरान का है।

गुलशन अपने 2 वर्षीय मासूम भाई की लाश लिए नेहरू पार्क के सामने सड़क किनारे नाले के पास बैठा था, जहां उन पर मक्खियां भी भिनभिना रही थीं। अस्पताल प्रशासन ने राजा की लाश को गांव तक ले जाने के लिए यह कहते हुए मना कर दिया गया कि उनके पास शव ले जाने के लिए कोई वाहन नहीं है, किराये पर गाड़ी हायर कर लाश ले जाओ।

हालांकि इस दौरान पुलिस ने जरूर इंसानियत दिखायी। इस मामले की जानकारी मिलने पर कोतवाली TI योगेंद्र सिंह जादौन मौके पर पहुंचे और उन्होंने गुलशन की गोद से राजा का शव उठवाया। योगेंद्र सिंह शव के साथ गुलशन को अस्पताल में ले गये और पिता के साथ एंबुलेंस से शव काे बड़फरा उनके गांव तक भेजने की व्यवस्था की।

दिहाड़ी मजदूरी करने वाला पूजाराम रोते रोते कहता है, उसके चार बच्चे हैं। तीन बेटे और एक बेटी। राजा सबसे छोटा था। उसकी पत्नी तुलसा तीन महीने पहले घर छोड़कर अपने मायके चली गई थी और वह खुद ही बच्चों की देखभाल करता है।

इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का बयान भी सामने आया है। उन्होंने घटना को लेकर दुख जताते हुए शिवराज सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, 'मुरैना में 8 साल का मासूम बच्चा अपने 2 साल के छोटे भाई का शव लेकर अस्पताल में बैठा रहा। उसके पिता श्री पूजाराम जाटव बेटे का शव गांव ले जाने के लिए एम्बुलेंस के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन उन्हें घंटों तक एम्बुलेंस या शव वाहन नहीं मिला। जब लोगों ने यह करुण दृश्य देखा तब सामाजिक हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने एम्बुलेंस उपलब्ध कराई। मैं माननीय मुख्यमंत्री जी से जानना चाहता हूं कि आखिर क्यों मध्यप्रदेश में नियमित अंतराल पर एम्बुलेंस ना मिलने के मामले सामने आते रहते हैं। कभी किसी गर्भवती स्त्री को एम्बुलेंस ना मिलने से प्राण गंवाने पड़ते हैं, तो कभी लोगों को अपने बीमार परिजन को चारपाई पर लिटाकर अस्पताल ले जाना पड़ता है। कोरोना महामारी के समय हमने देखा कि लोगों को अस्पताल नहीं मिल सका, ऑक्सीजन नहीं मिल सकी, जरूरी इंजेक्शन नहीं मिल सके। हजारों लोगों की इलाज के अभाव में मृत्यु हो गई। लेकिन उस समय भी आप लोगों की मदद करने की जगह मृत्यु और बीमारी के आंकड़े छुपाने में व्यस्त रहे। चुनौतियों से भागने और सच्चाई को नकारने की आपकी और आपकी सरकार की यह प्रवृत्ति प्रदेश के पूरे चिकित्सा तंत्र को खोखला और संवेदनहीन करती जा रही है। मैं आपसे पुनः प्रार्थना करता हूं कि प्रदेश के मुखिया होने के नाते आप चिकित्सा तंत्र को मजबूत करिए ताकि प्रदेश की सात करोड़ जनता को आपकी लापरवाही की सजा ना भुगतनी पड़े।'

2 वर्षीय राजा की लाश को थामे 8 साल बड़े भाई के इस मार्मिक वीडियो को तमाम लोगों ने शेयर किया है। कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत ने ट्वीट किया है, 'मध्यप्रदेश के मुरैना के इस वीडियो में एक 8 साल का बच्चा अपने 2 साल के छोटे भाई के शव को लेकर सड़क किनारे बैठा है। ग़रीब हताश पिता को गाड़ी नहीं मिल रही थी। अगर यह देख कर भी रूह नहीं काँपती तो आपके अंदर का इंसान मर चुका है शिवराज जी, यह स्वास्थ्य व्यवस्था है आपकी?

युवा कांग्रेस अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने ट्वीट किया है, 'दिल दहला देने वाली ये तस्वीरें मुरैना, मप्र की है, 8 साल के इस मासूम की गोदी में उसके 2 वर्षीय छोटे भाई की लाश है, लाश को ले जाने के लिए पिता एम्बुलेंस ढूंढता रहा लेकिन नाकाम रहा, कई घण्टों तक ये मासूम सड़कों पर बैठा रहा। शर्म करो शिवराज सिंह चौहान।'

किसलय अग्रवाल ने ट्वीट किया है, 'सच कहूं हार्ड कोर बीजेपी सपोर्टर होने के बावजूद मेरी रूह कांप उठी। एक मासूम बच्चा जो खुद अभी जिंदगी को समझ नही पाया है उसके हाथो में उसके भाई का शव। सोचकर ही रूह कांप उठती है। ईश्वर भी कितने कठोर है। नेता जीवन की आनंद ले रहे और गरीब मरने के बाद भी दर दर की ठोकरें खा रहा।'

सुजीत कुशवाहा ने लिखा है, 'नोट किया जाए अभी तक मानवता को तार तार करती इस घटना पर उन तमाम सनातनी,राष्ट्रवादी, प्रगतिशील हिन्दुओं की भावना आहत नहीं हुई है। ये देखना भी दिलचस्प होगा कि कल परसों तक भी किसी की भावना आहत होती है या नहीं। हालांकि सत्ता लोलुप नेताओं से अब कोई उम्मीद रखना सरासर खुद से बेइमानी ही होगी।'

अमित पांडे ने ट्वीट किया है, 'हम कौन सी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं??? मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में आठ साल का ये बच्चा अपने दो साल के छोटे भाई के शव को लेकर सड़क के किनारे इसलिए बैठा है कि उसके पिता गरीब हैं इसलिए शव ले जाने के लिए वाहन नही मिला। घटना की तुरंत जांच हो शिवराज सिंह चौहान।'

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