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UP : 19 दिन से डीप फ्रीजर में रखा है बेटे का शव, रिटायर्ड फौजी पिता ने इस कारण नहीं कराया अंतिम संस्कार

Janjwar Desk
20 Aug 2021 10:46 AM GMT
UP : 19 दिन से डीप फ्रीजर में रखा है बेटे का शव, रिटायर्ड फौजी पिता ने इस कारण नहीं कराया अंतिम संस्कार
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मौत के 19 दिन बाद भी रखी है डेड बॉडी. (photo-social media)

फौजी शिव प्रसाद ने न्याय की गुहार लगाते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक तक बेटे की मौत की जांच और दोबारा पोस्टमार्टम की गुहार लगाई लेकिन किसी अधिकारी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। सभी इस मामले में अपना पल्ला झाड़ते दिखे...

जनज्वार, सुलतानपुर। यूपी के सुल्तानपुर (Sultanpur) में एक पिता ने अपने मृत बेटे के शरीर को 19 दिनों से डीप फ्रीजर में रख रखा है। रिटायर्ड फौजी पिता ने न्याय मिलने तक शव का अंतिम संस्कार न करने का निर्णय लिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि पिता को उसकी हत्या की आशंका है और शव का दोबारा पोस्टमार्टम करवाने की मांग है।

मृतक के पिता रिटायर्ड फौजी शिव प्रसाद ने न्याय की गुहार लगाते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक तक बेटे की मौत की जांच और दोबारा पोस्टमार्टम की गुहार लगाई लेकिन किसी अधिकारी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। सभी इस मामले में अपना पल्ला झाड़ते दिखे।

मामला जिले के कूरेभार थाना क्षेत्र के सरैया मझौवा गांव का है। यहां के रिटायर्ड फौजी शिव प्रसाद पाठक का बड़ा बेटा शिवांक पाठक (Shivank Pathak) दिल्ली में वर्ष 2012 से एक कॉल सेंटर में नौकरी करता था। उसी वर्ष 24 अप्रैल को एक व्यक्ति के साथ मिलकर कंपनी खोल ली। कंपनी के पार्टनर ने दिल्ली की एक युवती गुरमीत कौर को एचआर बना लिया। युवती और शिवांक के बीच दोस्ती हो गई और यह दोस्ती प्यार में बदल गई।

जवान बेटे की मौत के बाद गमजदा परिवार

साल 2013 में शिवांक ने उसी युवती से शादी भी कर ली। आरोप है कि कंपनी को मुनाफा होने पर पत्नी गुरमीत ने शिवांक पर अपने पिता व भाई को पार्टनर बनाने का दबाव बनाया। दबाव में आकर शिवांक ने दो फ्लैट पत्नी के नाम कर दिए। एक कीमती कार व 85 लाख रुपये के आभूषण भी पत्नी को दे दिए। इसी बीच बीते एक अगस्त को शिवांक की मौत की खबर परिजनों को मिली।

परिजनों का कहना है कि 19 जुलाई को शिवांक ने सुलतानपुर में रहने वाले अपने छोटे भाई इशांक को काॅल कर खुद के हत्या की आशंका जताई थी। 1 अगस्त को शिवांक की संदिग्ध परिस्थितियों में दिल्ली में मौत हो गई। शिवांक के पिता शिव प्रसाद ने बताया कि मौत की सूचना उन्हें दामाद से मिली तो वे छोटे बेटे के साथ दिल्ली पहुंचे।

बेटे की हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर एसएचओ बेगमपुर दिल्ली (SHO Begampur Dilli) को दी लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया गया। वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव सौंप दिया। पुलिस ने विसरा सुरक्षित रखने और जांच की बात कही है।

इसके बाद तीन अगस्त को शव लेकर गांव आ गए। पिता ने बेटे की मौत से पर्दा उठाने के लिए कूरेभार थाने को पूरे घटनाक्रम की सूचना दी लेकिन उनकी एक न सुनी गई। तब मजबूरी में बेबस पिता ने डीप फ्रीजर खरीदा और जिगर के टुकड़े का शव रखकर इंसाफ की लड़ाई शुरू कर दी।

पिता का कहना है कि स्थानीय थाना, एसपी डॉ. विपिन कुमार मिश्रा और डीएम रवीश गुप्ता तक गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद अब उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के साथ सुल्तानपुर दीवानी न्यायालय में दोबारा पोस्टमार्टम के लिये अर्जी लगाई है।

वहीं इस पूरे मसले पर सुलतानपुर पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन मिश्रा ने बताया कि मामला संज्ञान में आने पर दिल्ली पुलिस को प्रकरण से अवगत कराया गया है। विसरा रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई दिल्ली पुलिस को ही करनी है।

स्थानीय पुलिस मौके पर शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए लगाई गई है। एसओ कूरेभार श्रीराम पांडेय ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में है। अभी तक उच्चाधिकारियों की तरफ से कोई दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। कोर्ट से भी पीड़ित परिवार को कोई राहत अभी तक नहीं मिल सकी है।

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