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Uttar Pradesh News: करोड़पति रिक्शावाला! आयकर विभाग ने भेजा तीन करोड़ रुपए का नोटिस

Janjwar Desk
25 Oct 2021 12:18 PM GMT
Uttar Pradesh News: करोड़पति रिक्शावाला! आयकर विभाग ने भेजा तीन करोड़ रुपए का नोटिस
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Representative Image (Courtesy: Social Media)



रिक्शाचालक प्रताप सिंह के अनुसार उसे बाकलपुर के संजय सिंह के मोबाइल नंबर से रंगीन पैनकार्ड की प्रति मिली। वह पढ़ा-लिखा नहीं है इसलिए वह मूल पैन और उसकी रंगीन प्रति में अंतर नहीं समझ पाया...

Uttar Pradesh News: यूपी के मथुरा जिला में एक अजब गजब मामला सामने आया है। यहां आयकर विभाग ने एक रिक्शा चालक को तीन करोड़ रुपए के इनकम टैक्स का नोटिस भेजा है। रिक्शा चालक का दावा किया है कि उसे आयकर विभाग (Income Tax Department) ने लगभग तीन करोड़ रुपये का नोटिस भेजा है। तीन करोड़ का नोटिस मिलने के बाद परेशान रिक्शा चालक ने पुलिस से संपर्क किया है। बाकलपुर क्षेत्र की अमर कॉलोनी के रिक्शा चालक प्रताप सिंह ने राजमार्ग थाने में ठगी के तहत मामला दर्ज करवाया है। इधर, मामले के बाद आयकर विभाग की लापरवाही पर तरह तरह की चर्चा हो रही है।

मामले के बारे में कहा जा रहा है की मथुरा के अमर कालोनी निवासी प्रताप सिंह को 19 अक्तूबर को आयकर विभाग से एक नोटिस मिला। जिसमें उससे 3,47,54,896 रुपये बतौर टैक्स जमा करने को कहा गया। आयकर विभाग से मिले नोटिस के अनुसार उसने जीएसटी नंबर (GST Number) लेकर व्यवसाय किया, जिसमें साल 2018-2019 का उसका टर्नओवर 43,44,36,201 रुपये का है। प्रताप सिंह ने बताया कि ना तो उनका कोई पैतृक व्यवसाय है और ना ही आज तक उसने अपना कोई व्यवसाय किया है। वर्ष 1997 से वह अमर कालोनी में रहता है। पहले टोंटी फैक्ट्री में मजदूरी करता था और अब रिक्शा चलाकर परिवार का पालन पोषण कर रहा है।

रिक्शा चालक प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया (Social Media) पर एक वीडियो डालकर अपनी आपबीती बतायी। वीडियो के जरिए रिक्शावाले ने बताया कि उसने बाकलपुर में तेज प्रताप उपाध्याय के जन सुविधा केंद्र में पैन कार्ड (PAN Card) के लिए आवेदन दिया था क्योंकि उसके बैंक ने उससे पैनकार्ड जमा करने को कहा था।

रिक्शाचालक प्रताप सिंह के अनुसार उसे बाकलपुर के संजय सिंह के मोबाइल नंबर से रंगीन पैनकार्ड की प्रति मिली। वह पढ़ा-लिखा नहीं है इसलिए उसने मूल पैन और उसकी रंगीन प्रति में अंतर नहीं समझ पाया। प्रताप सिंह के अनुसार उसे अपना पैनकार्ड पाने के लिए तीन महीने तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़े। फिर 19 अक्टूबर को आयकर अधिकारियों से फोन आया और उसे नोटिस दिया गया कि उसे 3,47,54,896 रूपये का भुगतान करना है। पीड़ित ने अपने साथ हुए जालसाजी के मामले की घटना थाना हाईवे पहुंच कर दी और पुलिस ने पीड़ित द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

वहीं, थाना प्रभारी अनुज कुमार ने कहा कि प्रताप सिंह ने अपने साथ हुई जालसाजी की तहरीर दी है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य निकलकर सामने आएंगे उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिस जीएसटी नंबर से यह जालसाजी हुई है वह अभी ट्रैक नहीं हो पाया है।

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