Up Election 2022

UP Election 2022 : सपा के मजबूत गढ़ वाले इलाकों में इंटरनेट स्पीड और कनेक्टिविटी को कमजोर करवा रहा प्रशासन, पार्टी नेताओं का बड़ा आरोप

Janjwar Desk
10 Jan 2022 6:48 AM GMT
Akhilesh Yadav News : राजनीति में विपक्ष को पास करनी होती है ED की परीक्षा, राहुल गांधी से पूछताछ पर अखिलेश यादव का BJP पर तंज
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Akhilesh Yadav News : राजनीति में विपक्ष को पास करनी होती है ED की परीक्षा, राहुल गांधी से पूछताछ पर अखिलेश यादव का BJP पर तंज

UP Election 2022 : चुनाव आयोग 15 जनवरी को समीक्षा की जानी है लेकिन समाजवादी पार्टी पूरे कैपेन को ही डिजिटल मीडियम से चलाने के प्लान पर विचार कर रही है.....

UP Election 2022 : उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों की तारीखों का चुनाव आयोग (ECI) ऐलान कर चुका है। साथ ही 15 जनवरी तक रोडशो, वाहन रैली आदि पर रोक लगाई गई है। इसके साथ ही डिजिटल कैंपन के लिए कहा गया है लेकिन जिस तरह से ओमिक्रॉन (Omicron) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं उससे लगता है कि पूरा कैंपेन ही डिजिटल हो सकता है।

वहीं डिजिटल कैंपने के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) ने भी अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए व्हट्सऐप को मुख्य हथियार बनाने का फैसला लिया है। सपा के रणनीतिकारों का कहना है कि उनका फोकस छोटे-छोटे वीडियोज पर होगा जो आसीन से डाउनलोड हो सकें और लोगों का डेटा भी कम खर्च हो। वहीं दूसरी ओर डोर-टू-डोर कैंपेनिंग भी शुरू की जा चुकी है।

जानकारी के मुताबिक शनिवार को पार्टी के मीडिया पैनलिस्ट समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने पार्टी के मीडिया पैनलिस्ट और कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग की। अखिलेश ने टीम से उनके सुझाव लिए।

चुनाव आयोग 15 जनवरी को समीक्षा की जानी है लेकिन समाजवादी पार्टी पूरे कैपेन को ही डिजिटल मीडियम से चलाने के प्लान पर विचार कर रही है।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि उनके वोटर बेस में बड़ी संख्या युवाओं और गरीबों की है। वे बड़े वीडियो डाउनलोड नहीं कर सकते क्योंकि उसमें ज्यादा डेटा खर्च होता है। इसलिए यह फैसला लिया गया है कि सौ एमबी तक के छोटे वीडियोज तैयार किए जाएं।

पार्टी के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया है कि सपा के मजबूत गढ़ वाले इलाकों में प्रशासन इंटरनेट स्पीड और कनेक्टिविटी को कमजोर करा रहा है ताकि कैंपने को प्रभावित किया जा सके। फेसबुक और यूट्यूब के अलावा समाजवादी पार्टी व्हट्सऐप पर भी मजबूती से काम कर रही है।

सपा की डिजिटल विंग ने कई व्हट्सऐप ग्रुप्स तैयार किए हैं और उनके माध्यम से कंटेंट को लाखों लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। हर विधानसभा में समाजवादी पार्टी की ओर से 8 से 10 व्हट्सऐप ग्रुप तैयार किए गए हैं। इनमें हर ग्रुप में 256 लोगों को जोड़ा गया है।

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