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Uttarakhand Election 2022 : 'जनज्वार' की टीम को कथित ARTO ने CM धामी के चुनावी क्षेत्र की कवरेज करने से क्यों रोका? जेल भेजने की दी धमकी

Janjwar Desk
7 Feb 2022 10:53 AM GMT
Uttarakhand Election 2022 : जनज्वार की टीम को कथित ARTO ने CM धामी के चुनावी क्षेत्र की कवरेज करने से क्यों रोका? जेल भेजने की दी धमकी
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(जनज्वार की टीम को चुनावी कवरेज से रोका, गाड़ी जब्त कर जेल भेजने की दी धमकी)

Uttarakhand Election 2022 : उत्तराखंड के चुनाव को कवर करने जा रही जनज्वार की टीम को एआरटीओ ने रोका, टीम खटीमा जा रही थी, एआरटीओ ने गाड़ी का अधिग्रहण कर जेल भेजने की धमकी भी दे डाली....

Uttarakhand Election 2022 : उत्तराखंड की 70 विधानसभा सीटों पर 14 फरवरी को चुनाव (Uttarakhand Election 2022) होना है। मतदान के लिए ठीक एक सप्ताह का समय बचा है। ऐसे में 'जनज्वार' की टीम लोगों का मिजाज जानने के लिए लोगों के बीच पहुंच रही थी कि एक कथित एआरटीओ (ARTO) ने टीम को बीच रास्ते में ही रोक दिया। यहीं नहीं सवाल पूछने पर जबरन गाड़ी का अधिग्रहण कर लिया गया।

दरअसल जनज्वार के संस्थापक संपादक अजय प्रकाश के नेतृत्व में जनज्वार की टीम अपनी चुनावी यात्रा प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) के विधानसभा क्षेत्र खटीमा से करना चाहती थी। लेकिन जनज्वार की टीम की गाड़ी को रोककर उसका अधिग्रहण कर लिया गया। यही नहीं कथित एआरटीओ, जो अपना नाम वीके सिंह बताते हैं, अजय प्रकाश को जेल भेजने की धमकी भी देने लगा। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहे हैं कि मुख्यमंत्री के क्षेत्र को कवर करने से जनज्वार की टीम को क्यों रोका गया है? क्या कुछ सच्चाई को छिपाया जा रहा है? या वहां मौजूद एआरटीओ लोगों से जबरन उगाही करना चाहता था?

यह पूरा मामला उत्तराखंड-बरेली रोड पर हुआ। कथित एआरटीओ से कई बार जब पूछा गया तो उसने अपना नाम वीके सिंह बताया। गाड़ी अधिग्रहण करने को लेकर लेकर जैसे ही अजय प्रकाश ने पूछा कि ये कौन सा तरीका है, हम कैसे आगे जाएंगे तो कथित एआरटीओ ने धमकी भरे लहजे में कहा..जाओ पैदल जाओे। कथित एआरटीओ ने उन्हें जेल भेजने की धमकी भी दे डाली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडिया के डिजिटल होने के तमाम दावे करते आए हैं लेकिन उनकी ही सरकार में एक कथित अधिकारी गाड़ी के कागज और लाइसेंस चेक कर रहे हैं। यही नहीं लाइसेंस अपने पास ही रख दे रहे हैं। हद तो तब हो गई जब एआरटीओ ने ड्राइवर के मालिक नाम पूछा कि क्या यह गाड़ी छाबड़ा की है?

कथित ARTO ने ड्राइवर का लाइसेंस रख लिया और धमकाते हुए गाड़ी को RTO ले जाने की बात अपने सिपाही को कही। इस दौरान वहां कुछ भीड़ भी जुट जाती है। जिसके बाद कथित ARTO ने इलाके की एसपी को फ़ोन कर कहा कि यहां कुछ लोग हंगामा कर रहे हैं, एक पत्रकार भी हैं...फ़ोर्स भेज दीजिये।

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