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Swiss Bank: स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा रकम में 50 फीसदी का इजाफा, 14 साल के उच्चतम स्तर पर

Janjwar Desk
17 Jun 2022 3:10 AM GMT
Swiss Bank: स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा रकम में 50 फीसदी का इजाफा, 14 साल के उच्चतम स्तर पर
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Swiss Bank: स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा रकम में 50 फीसदी का इजाफा, 14 साल के उच्चतम स्तर पर

Swiss Bank: जारी आंकड़ों के मुताबिक, स्विस बैंकों पर 2021 के अंत तक भारतीय ग्राहकों की कुल देनदारी 383.19 करोड़ स्विस फ्रैंक (30500 करोड़) है। इसमें से 60.20 करोड़ स्विस फ्रैंक ग्राहकों की जमा राशि के रूप में है जबकि 122.5 करोड़ स्विस फ्रैंक अन्य बैंकों के जरिए रखे गए हैं ....

Swiss Bank: साल 2014 से पहले नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) जब विपक्ष में थे तो विदेशों में जमा कालेधन का मुद्दा जमकर उठाते थे और तत्कालीन केंद्र की कांग्रेस सरकार को घेरने की कोशिश करते थे। एक चुनावी सभा में तो उन्होंने यहां तक कहा था कि ये जो चोर-लुटेरों के पैसे स्विस बैंक में जमा हैं, उतने भी वापस लाए जाएं तो प्रत्येक व्यक्ति पंद्रह लाख रुपये यूं ही मुफ्त में मिल जाएंगे। लेकिन सत्ता में उनकी सरकार आने के बाद से स्विस बैंक भारतीयों का कालाधन प्रतिवर्ष बढ़ता ही जा रहा है। स्विस बैंक (Swiss Bank) की ओर से हाल ही में सालाना आंकड़े जारी किए गए हैं जिसके मुताबिक भारतीयों की जमा राशि में पचास फीसदी का उछाल आया है और यह 14 वर्षों में उच्चतम स्तर पर है।

इससे पहले साल 2020 के अंत तक स्विस बैंकों (Swiss Bank) में भारतीयों का धन 20,700 करोड़ रुपये था। इसके अलावा, भारतीय ग्राहकों के बजत या जमा खातों में जमा राशि दो साल की गिरावट के बाद 2021 में लगभग 4800 करोड़ रुपये के सात साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।

जारी आंकड़ों के मुताबिक, स्विस बैंकों पर 2021 के अंत तक भारतीय ग्राहकों की कुल देनदारी 383.19 करोड़ स्विस फ्रैंक (30500 करोड़) है। इसमें से 60.20 करोड़ स्विस फ्रैंक ग्राहकों की जमा राशि के रूप में है जबकि 122.5 करोड़ स्विस फ्रैंक अन्य बैंकों के जरिए रखे गए हैं और 30 लाख स्विस फ्रैंक न्यासों आदि के जरिए हैं।

बैंक (Swiss Bank) ने कहा कि सबसे ज्याद रकम बॉन्ड्स, प्रतिभूति और अन्य साधनों के जरिए जमा हैं जो करीबन 16000 करोड़ रुपये हैं। भारतीयों की सबसे ज्यादा रकम 2006 में यहां जमा थी जो 52000 करोड़ रुपये के करीब थी। इसके बाद इसमें गिरावट आती गई। हालांकि 2011, 2013, 2017, 2020 और 2021 में इसमें बढ़ते देखी गई। इसने कहा कि सभी चारों कंपोनेंट में 2019 और 2020 में गिरावट आई थी जबकि 2021 में सभी में इजाफा हुआ था।

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