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Viagra Benefits: Viagra ने बचाई Covid19 पॉजिटिव की जान, संक्रमित होने के बाद 45 दिनों तक थी कोमा में

Janjwar Desk
3 Jan 2022 2:01 PM GMT
Viagra Benefits: Viagra ने बचाई Covid19 पॉजिटिव की जान, संक्रमित होने के बाद 45 दिनों तक थी कोमा में
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Viagra Benefits: Viagra ने बचाई Covid19 पॉजिटिव की जान, संक्रमित होने के बाद 45 दिनों तक थी कोमा में

Viagra Benefits: कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण कोमा में चली गई एक महिला को वियाग्रा (viagra) के इस्तेमाल से बचा लिया गया. पेशे से नर्स 37 वर्षीय मोनिका उल्मेडा को इस अनोखे तरीके से बचाने का मामला सामने आया है.

Viagra Benefits: कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण कोमा में चली गई एक महिला को वियाग्रा (viagra) के इस्तेमाल से बचा लिया गया. पेशे से नर्स 37 वर्षीय मोनिका उल्मेडा को इस अनोखे तरीके से बचाने का मामला सामने आया है. वह 45 दिनों से कोमा में थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मोनिका को जब होश आया तो उसने डाक्टरों और अपने सहकर्मियों का आभार व्यक्त किया. मोनिका को होश में लाने के लिए डॉक्टरों ने इरेक्टाइल डिसफंक्शन की दवा का इस्तेमाल किया. कोरोना वायरस के कारण मोनिका का ऑक्सीजन लेवल काफी कम होता जा रहा था. इस कारण डाक्टरों ने उन्हें वियाग्रा का हेवी डोज देने का निर्णय लिया.

ब्रिटिश अखबार डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन के लिंकनशायर के गेन्सबोरो की रहने वाली 37 साल की महिला 31 अक्टूबर को कोरोना वायरस संक्रमित हुई थी। महिला पहले से ही अस्थमाकी मरीज है, लिहाजा उसकी तबीयत धीरे धीरे बिगड़ने गी और फिर 9 नवंबर को उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।16 नवंबर को जब महिला की स्थिति काफी खराब हो गई, तो फिर उसकी जान बचाने के लिए डॉक्टरों ने उसे कोमा में डाल दिया था और फिर उसके बाद से लगातार महिला की गहन देखभाल की जा रही थी। 37 साल की मरीज मोनिका अल्मीडा की जान बचाने के लिएडॉक्टर हर तरह की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कोई भी उपाय कारगर साबित नहीं हो पा रहा था।

मोनिका को वैक्सीन की दोनों खुराक पहले ही लग चुकी थी और उसके बाद भी वो काफी ज्यादा बीमार हो गई थी और उसे कोमा में भर्ती करना पड़ा था और वेंटिलेटर बंद होने से तीन दिन पहले 14 दिसंबर को मोनिका की तबीयत मेंसुधार होना शुरू हुआ और वह 14 दिसंबर को कोमा से बाहर आ गई। मोनिका ने बताया कि,काउंटिंग अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि, सब उसको लेकर हार मान लिए थे और तीन दिनों केबाद वेंटिलेटर को बंद करने वाले थे। मोनिका ने होश आने के बाद जब डॉक्टरों से पूछा कि, उसे कैसेहोश आया, तो डॉक्टरों ने बेहद हैरान करने वाली बात कही।

बता दें, मोनिका एनएचएस लिंकनशायर में कोरोना के मरीजों का इलाज करती थीं। उन्हें इसी दौरान अक्टूबर में कोरोना हो गया था. उनकी धीरे-धीरे तबीयत और ज्यादा बिगड़ने लगी और खून की उल्टियां भी होने लगीं। इसके बाद उन्होंने अस्पताल में अपना इलाज करवाया, वहां से उन्हें जल्द ही डिस्चार्ज भी कर दिया गया। लेकिन घर जाते ही मोनिका को सांस लेने में भी दिक्कत आने लगी, जिसके बाद वह सीधे लिंकन काउंटी हॉस्पिटल चली गईं। वहां उनका इलाज शुरू किया गया, लेकिन उनका ऑक्सीजन लेवल लगातार गिरता जा रहा था जिसके बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। 16 नवंबर को वह कोमा में ही चली गईं।

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