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बंगाल चुनाव

बंगाल और असम में भाजपा नेताओं की रैलियों में घटती भीड़ कहीं मोदी से मोहभंग का संकेत तो नहीं?

Janjwar Desk
17 March 2021 4:46 AM GMT
बंगाल और असम में भाजपा नेताओं की रैलियों में घटती भीड़ कहीं मोदी से मोहभंग का संकेत तो नहीं?
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भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, कई स्थानीय नेताओं को पांच वाहनों को किराए पर लेने का निर्देश दिया गया था, लेकिन प्रत्येक ने केवल दो-दो वाहन किराए पर लिया और परिणामस्वरूप कई लोग रैली में नहीं आ पाये...

दिनकर कुमार की रिपोर्ट

जनज्वार। जिस तरह बंगाल और असम में भाजपा की चुनावी रैलियों में भीड़ घटती जा रही है और समस्त संसाधन झोंक देने पर भी लोगों को एकत्रित कर पाने में भाजपा के रैली मैनेजरों को परेशानी हो रही है उससे साफ नजर आ रहा है कि मोदी मैजिक के नाम पर गोदी मीडिया और कारपोरेट की आवारा पूंजी से फुलाए गए गुब्बारे की हवा निकलने लगी है।

बेरोजगारी, मंहगाई और कारपोरेट की लूट का दंश अब आम आदमी को अच्छी तरह महसूस होने लगा है। हिन्दुत्व के नशे में डूबे भक्तों की प्रजाति को छोड़ दिया जाये तो पूरे देश में मोदी सरकार के खिलाफ उबलते गुस्से को साफ देखा जा सकता है।

हाल के दिनों में असम में पीएम मोदी की रैली में पर्याप्त भीड़ नहीं जुट पाई। भले ही असम की भाजपा सरकार ने समूचे तंत्र को भीड़ का इंतजाम करने में लगा दिया था, लेकिन लोगों में कोई उत्साह नजर नहीं आया। बंगाल में तो खाली मैदान देखकर भाजपा नेताओं को उल्टे पांव भागने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को झाड़ग्राम की अपनी यात्रा रद्द कर दी और वर्चुअली रैली को संबोधित किया। भाजपा के अंदरूनी सूत्रों ने स्वीकार किया कि रैली में लोग कम आए थे। शाह ने वस्तुतः खड़गपुर से लगभग सात मिनट के लिए भाषण दिया। खड़गपुर आयोजन स्थल से मुश्किल से 42 किमी दूर है। औपचारिक रूप से हेलीकॉप्टर की खराबी को यात्रा रद्द करने का कारण बताया गया।

"आप लोग इस चिलचिलाती धूप में बड़ी संख्या में इकट्ठे हुए हैं। चुनाव प्रचार रैली के लिए मैं झाड़ग्राम का दौरा करने वाला था। लेकिन मेरा हेलीकॉप्टर खराब हो गया और मैं आपसे नहीं मिल सका ... इसके लिए मैं माफी चाहता हूं," तृणमूल के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की आलोचना करने और लोगों को कई लाभों का आश्वासन देने से पहले शाह ने कहा, कि चुनाव में उनकी पार्टी सत्ता में आएगी।

उसी दिन उन्होंने बांकुरा के खटरा में एक रैली में भाग लिया, जो रानीबांध विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहाँ उन्होंने कहा, "मुझे अपने हेलिकॉप्टर में एक खराबी के चलते देरी हो गई… हालाँकि, मैं यह नहीं कहूंगा कि यह एक साजिश थी क्योंकि हेलिकॉप्टर में कभी भी खराबी हो सकती है।"

शाह के स्पष्टीकरण के बावजूद, भाजपा के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि वास्तविक कारण "बहुत कम श्रोता" थे, जो उनके कद के नेता के लिए "पर्याप्त नहीं" थे। उन्होंने कहा कि पूरी तरह से व्यवस्थित कार्यक्रम में इस तरह के अभियान को रद्द करना पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एक "बुरा संदेश" देता है। चूंकि शाह सड़क मार्ग से आसानी से दूरी तय कर सकते थे।

"अगर हेलीकॉप्टर खराब हो गया था, तो वह सड़क से घंटे के भीतर आ सकते थे, क्योंकि वह केवल 42 किमी दूर थे। वस्तुतः रैली को संबोधित करने के बाद वह आसानी से बांकुरा की खटरा रैली में जा सकते थे।" भाजपा राज्य इकाई के एक पदाधिकारी ने कहा।

उन्होंने कहा, 'अगर यह बात होती कि दिल्ली में कोई आपातकालीन काम होता और उनको रैली को वर्चुअली संबोधित करना पड़ता तो कोई बात नहीं होती। लेकिन वह इस तरह से आए, केवल 42 किमी दूर थे और वह फिर भी नहीं पहुंचे ...भीड़ कम होने के चलते ऐसा हुआ। भीड़ उनके जैसे बड़े नेता के लिए पर्याप्त नहीं थी।'

हालांकि, शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को आश्वासन दिया कि चुनाव प्रचार समाप्त होने से पहले वह झाडग्राम के उसी स्थल पर एक और रैली में भाग लेंगे। भाजपा और प्रतिद्वंद्वी दलों में से कई ने फरवरी में झाड़ग्राम में एक सांस्कृतिक समारोह को याद किया जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कम श्रोताओं के कारण जानबूझ कर भाग नहीं लिया था।

भाजपा के सूत्रों ने कहा कि पार्टी ने सोमवार को शाह की रैली में 45,000 लोगों को लाने की योजना बनाई थी, लेकिन दोपहर तक 10,000 से कम लोग दिखाई पड़े, जबकि पहुंचने की समय सीमा 11 बजे तक थी।

"आधे घंटे के इंतजार के बाद एक भाजपा नेता ने घोषणा की कि शाह हेलिकॉप्टर में खराबी की वजह से नहीं आएंगे, और वह वर्चुअली संबोधित करेंगे। यह हमारे लिए चिंताजनक खबर थी, क्योंकि जो लोग आए थे, वे एक घंटे से इंतजार कर रहे थे। बाद में लगभग 1.05 बजे, उन्होंने हमें लगभग सात मिनट तक संबोधित किया। एक पार्टी नेता ने माइक्रोफोन में एक सेल फोन रखा," झाड़ग्राम के एक भाजपा नेता ने कहा।

उन्होंने कहा 'बड़ी संख्या में लोगों ने शाह का वर्चुअल भाषण शुरू करने से पहले मैदान छोड़ना शुरू कर दिया।'

सुखराम सतपथी, भाजपा की झाड़ग्राम इकाई के अध्यक्ष और एक उम्मीदवार से जब भीड़ एकत्रित न होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इनकार किया कि यह कम थी। "भीड़ कम नहीं थी। अमितजी ने अपने चॉपर में खराबी के कारण अपनी यात्रा रद्द कर दी। सबसे महत्वपूर्ण बात, उन्होंने मुझे आश्वासन दिया कि वह फिर आएंगे।"

यह पूछे जाने पर कि शाह 42 किमी सड़क मार्ग से क्यों नहीं आए, सतपथी ने कहा: "फिर उन्हें बांकुरा में अगली रैली रद्द करनी पड़ती।"

मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि झाड़ग्राम की तरह बांकुरा में भी भीड़ कम थी। एक पुलिस रिपोर्ट के अनुसार भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने 50,000 लोगों और लगभग 450 वाहनों को जुटाने के लिए कहा था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि वास्तविक संख्या बहुत कम थी। "हमें खटरा में लगभग 8,000 लोग नजर आए। वाहनों की संख्या मुश्किल से 120 थी," उन्होंने कहा।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि कई स्थानीय नेताओं को पांच वाहनों को किराए पर लेने का निर्देश दिया गया था। लेकिन प्रत्येक ने केवल दो-दो वाहन किराए पर लिया और परिणामस्वरूप कई लोग रैली में नहीं आ पाये।

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