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बिहार चुनाव 2020

2005 से पहले अफ्रीकी देशों से भी खराब थी बिहार की हालत, खुद को बिहारी कहलाने में आती थी शर्म : सुशील मोदी

Janjwar Desk
23 Sep 2020 3:50 PM GMT
2005 से पहले अफ्रीकी देशों से भी खराब थी बिहार की हालत, खुद को बिहारी कहलाने में आती थी शर्म : सुशील मोदी
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भाजपा नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के अनुसार बड़ी मुश्किल से उस अंधेरी सुरंग से आज बिहार निकल कर यहां तक आ पाया है...

पटना, जनज्वार। बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को भय सताने लगा है, आसन्न चुनाव में चित पड़ जाएंगे। फिर भी हिम्मत करके मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि अगर आगे मौका मिलता है तो वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व में मंत्रिपरिषद की पहली बैठक जरूर आयोजित की जाए ताकि पूरे देश का ध्यान आकृष्ट हो।

बिहार सरकार के सात विभागों की अनेक योजनाओं के उद्धाटन-शिलान्यास के लिए आयोजित वर्जुअल समारोह को सम्बोधित करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि 2005 से पहले बिहार की हालत अफ्रीकी देशों से भी ज्यादा खराब थी। उन्होंने यह भी कहा कि 2005 से पहले लोग बिहारी कहलाने में शर्म महसूस करते थे और अपनी पहचान छुपाते थे।

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने वर्चुअल समारोह को संबोधित करते हुए आगे कहा, 'बड़ी मुश्किल से उस अंधेरी सुरंग से आज बिहार निकल कर यहां तक आ पाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस तरह से बिहार की मदद कर हैं वैसे में अब बिहार का विकास कभी नहीं रूकेगा।

सुशील मोदी के अनुसार, प्रतिदिन डेढ़ लाख से ज्यादा कोरोना जांच हो रही है, एम्स सहित अन्य अस्पतालों के बेड खाली पड़े हैं। सरकार की सजगता की वजह से ही इस साल चमकी बुखार से बड़ी संख्या में बच्चों की जान बचाई जा सकी है। 15 लाख से ज्यादा मजदूरों को ट्रेन से उनके घरों तक पहुंचाया गया,उन्हें 8 महीने का मुफ्त अनाज दिया जा रहा है। 20 लाख बाढ़ पीड़ितों को उनके खाते में 6-6 हजार रूपये भेजे गए।

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के इस बयान पर ट्वीटर पाठकों ने भी खूब प्रतिकिया दी।

विवेक कुमार महेली कहते हैं, सुशील मोदी की मानसिकता अफ्रिकन देशों से भी खराब हो चुकी है। अब भी इन्हें सलग रहा है कि अभी भी लालू यादव मुख्यमन्त्री हैं। नरेंद्र मोदी जी से सादर निवेदन है कि इनका इलाज़ किसी प्राइवेट मेन्टल हॉस्पिटल में z plus सुरक्षा में कराई जाय....।'

डॉक्टर बालेन्द्र कुमार यादव लिखते हैं, 'यह सब बोलने से काम नहीं चलने वाला है इस बार। इस बार आप लोगों की विदाई तय है। जितना भय का माहौल 2005 के पहले का दिखा लो कुछ नहीं होगा। जनता परिवर्तन के मूड में आ चुकी है।'

श्रवन शर्मा के अनुसर, 'छोटे मोदी साहेब आप बिहार की सत्ता पर पिछले 15 सालों से चिपके बैठे हैं, लेकिन आपके दिमाग में वही 15 साल पहले की यादें घूमती रहतीं हैं, कभी तो आप अपने 15 सालों में किये कामों की गिनती भी करवा दें,शर्म न करें, जैसा भी बता सकते है बता डालें।'

राजद की नेता सुनीता देवी ने सुशील मोदी की इस टिप्पणी पर प्रतिकिया देते हुए कहा, 'बिहार के वित्त मंत्री हैं उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी। इनसे अपना विभाग नहीं संभल पा रहा है। इनके राज में राज्यकर्मियों काे नियमित वेतन नहीं मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष 2211 कर्मियों को मार्च 2020 से वेतन नहीं मिल रहा है। इस बार मांझी के रहते नइया डूबने वाला है।'

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