बिहार चुनाव 2020

आधार वोटबैंक की कीमत पर राजद के समीकरण में सेंध की बीजेपी की कोशिश कहीं बैकफायर न कर जाय!

Janjwar Desk
12 Oct 2020 3:50 AM GMT
आधार वोटबैंक की कीमत पर राजद के समीकरण में सेंध की बीजेपी की कोशिश कहीं बैकफायर न कर जाय!
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File photo

जाति की राजनीति बिहार की चुनावी रण का एक ऐसा सच है, जिसे मानते तो सभी हैं, पर खुलकर कहते नहीं...

जनज्वार ब्यूरो, पटना। बिहार चुनावों के लिए बीजेपी ने अपने 46 प्रत्याशियों की तीसरी सूची जारी कर दी है। जाति की राजनीति बिहार की चुनावी रण का एक ऐसा सच है, जिसे मानते तो सभी हैं, पर खुलकर कहते नहीं। हालांकि कोई इसे सामाजिक न्याय तो कोई सोशल इंजीनियरिंग का मुलम्मा लगा कर इस शब्द को थोड़ा मोडिफाइड कर देता है, पर उसके मूल में बात वही होती है। जन अधिकार पार्टी के संरक्षक पप्पू यादव ने जब काफी समय पहले अपनी पार्टी के उम्मीदवारों की घोषणा की थी, उस वक्त उन्होंने जातिगत आधार पर अपने प्रत्याशियों की संख्या जरूर बताई थी।

आधी छोड़ सारी को धावे, आधी मिले न सारी पावे

इस बार बीजेपी द्वारा जारी की गई दूसरी सूची के 46 नामों पर नजर डालें तो एक बात चौंकाने वाली दिखती है कि अपने कोर वोटबैंक माने जाने वाले ब्राह्मण और भूमिहार वर्ग के उम्मीदवारों की अपेक्षा उस यादव वर्ग के उम्मीदवारों को ज्यादा टिकट दिया गया है, जो राजद के 'एमवाई' समीकरण के आधार हैं और उसके कोर वोटबैंक माने जाते हैं। इसे लेकर ब्राह्मण और भूमिहार वर्ग में नाराजगी दिख रही है। चूंकि पिछले चुनावों की अपेक्षा इस बार उनके समाज के लोगों को कम टिकट दिए जा रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि कहीं आधी मिले न सारी पावे वाली हालत न हो जाए। ब्राह्मण और भूमिहार समाज के लोग सोशल मीडिया पर खुलकर ऐसी बातें कह भी रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यह राजद के आधार वोटबैंक में सेंध लगाने की बीजेपी की कोशिश कही जा सकती है, पर इससे उसके अपने आधार वोटरों की नाराजगी का खतरा भी है। उनका मानना है कि अगर कहीं यह कदम बैकफ़ायर कर गया तो बीजेपी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

46 में से 11 क्षत्रिय और 7 यादव वर्ग के लोगों को टिकट

बीजेपी की ओर से जारी आज की सूची को अगर जातिगत आधार पर देखें तो सर्वाधिक 11 टिकट क्षत्रिय वर्ग के उम्मीदवारों को दिए गए हैं, वहीं 7 यादव उम्मीदवारों को भी प्रत्याशी बनाया गया है। राजपूत उम्मीदवारों में मधुबन से राणा रंधीर सिंह, मुजफ्फरपुर के बरूराज से अरूण कुमार सिंह, पारू से अशोक कुमार सिंह, गोपालगंज से सुभाष सिंह, बरौली से रामप्रवेश राय, दरौंदा से करनजीत सिंह, तरैया से जनक सिंह, सोनपुर से विनय कुमार सिंह, लालगंज से संजय कुमार सिंह, मोहद्दीनगर से राजेश सिंह और फतुहा से सत्येंद्र सिंह शामिल हैं। जबकि यादवों को 7, भूमिहार को 6 और ब्राह्मणों को 4 सीट मिले हैं।

कहीं पे निगाहें, कहीं पे निशाना

इसके पीछे अपने वोट बैंक को साधने के साथ ही राजद के वोटबैंक में सेंधमारी का प्रयास दिख रहा है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो अगर यह प्रयोग बैकफायर कर गया तो चुनावों में इसका बड़ा नुकसान भी पार्टी को उठाना पड़ सकता है। इसके अलावा पांच भूमिहार और चार ब्राह्मणों को टिकट दिया गया है। दो उम्मीदवार कायस्थ वर्ग के हैं। जबकि चार वैश्य प्रत्याशी भाजपा के टिकट पर मैदान में होंगे। चार कुर्मी-कुशवाहों को टिकट दिया गया है। एक चौरसिया के अलावा सुरक्षित सीटों पर सात दलित प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे गए हैं।

4 मौजूदा विधायकों के टिकट कटे, अमनौर के विधायक हुए बागी

भाजपा के चार मौजूदा विधायकों का टिकट कट गया है। तीन जगह जहां उम्मीदवार बदल गए हैं, वहीं सुगौली सीट गठबंधन में पार्टी ने वीआईपी को दे दी है। ऐसे में चार विधायक बेटिकट हो गए हैं। जिन विधायकों का टिकट कटा है, उनमें चनपटिया से प्रकाश राय का टिकट काटकर उमाकांत सिंह को दिया गया है। सीवान से व्यासदेव प्रसाद की जगह पूर्व सांसद ओमप्रकाश यादव को प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं अमनौर से शत्रुघ्न तिवारी उर्फ चोकर बाबा की जगह कृष्णा कुमार मंटू को प्रत्याशी बनाया गया है। चोकर बाबा ने सारण के सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी के विरुद्ध सीधा मोर्चा खोल दिया है और निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का एलान कर दिया है।

बीजेपी प्रत्याशियों की सूची

1.नौतन से नारायण प्रसाद,

2. चनपटिया से उमाकांत सिंह,

3. बेतिया से रेणु देवी,

4. हरसिद्धि (सुरक्षित) से कृष्णानंद पासवान,

5. गोविंदगंज से सुनील मणि त्रिपाठी,

6. कल्याणपुर से सचिनेंद्र प्रसाद सिंह,

7. पिपरा से श्यामबाबू प्रसाद यादव,

8. मधुबन से राणा रणधीर सिंह,

9. सीतामढ़ी से डा. मिथलेश कुमार,

10. राजनगर (सुरक्षित) से रामप्रीत पासवान,

11. झंझारपुर से नीतीश मिश्रा,

12. बरुराज से अरुण कुमार सिंह,

13. पारू से अशोक कुमार सिंह,

14. बैकुंठपुर से मिथलेश तिवारी,

15. बरौनी से रामप्रवेश राय,

16. गोपालगंज से सुभाष सिंह,

17. सीवान से ओमप्रकाश यादव,

18. दरौली (सुरक्षित) से रामायण मांझी,

19. दरौंधा से करनजीत सिंह,

20. गोरियाकोठी से देवेशकांत सिंह,

21. तरैया से जनक सिंह,

22. छपरा से डा. सीएन गुप्ता,

23. गरखा (सुरक्षित) से ज्ञानचंद मांझी,

24. अमनौर से कृष्णा कुमार मंटू,

25. सोनपुर से विनय कुमार सिंह,

26. हाजीपुर से अवधेश सिंह,

27. लालगंज से संजय कुमार सिंह,

28. राघोपुर से सतीश कुमार यादव,

29. उजियारपुर से शील कुमार राय,

30. मोहिउद्दीनपुर से राजेश सिंह,

31. रोसड़ा (सुरक्षित) से वीरेंद्र पासवान,

32. बछवाड़ा से सुरेंद्र मेहता,

33. बेगूसराय से कुंदन सिंह,

34. बखरी (सुरक्षित) से रामशंकर पासवान,

35. बिहपुर से कुमार शैलेंद्र,

36. पीरपैंती (सुरक्षित) से ललन कुमार पासवान,

37. भागलपुर से रोहित पांडे,

38. बिहाररशरीफ से डा. सुनील कुमार,

39. बख्तियारपुर से रणविजय सिंह,

40. दीघा से संजीव चौरसिया,

41. बांकीपुर से नितिन नवीन,

42. कुम्हरार से अरुण कुमार सिन्हा,

43. पटना साहिब से नंदकिशोर यादव,

44. फतुहा से सत्येंद्र सिंह,

45. दानापुर से आशा सिन्हा,

46. मनेर से निखिल आनंद।

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