अंधविश्वास

Bihar News : पति की मौत के बाद पत्नी ने लिया जादू टोने का सहारा, जिंदा करने के लिए घंटों खेला अंधविश्वास का खेल

Janjwar Desk
20 April 2022 11:35 AM GMT
Bihar News : पति की मौत के बाद पत्नी ने लिया जादू टोने का सहारा, जिंदा करने के लिए घंटों खेला अंधविश्वास का खेल
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पति की मौत के बाद पत्नी ने लिया जादू टोने का सहारा, जिंदा करने के लिए घंटों खेला अंधविश्वास का खेल

Bihar News : पत्नी, पति को अस्पताल ले जाने के बजाय शव के साथ कमरे में बंद हो गई बंद कमरे में मृत को जीवित करने के लिए घंटों जादू-टोना का पाखंड चला, कुछ अन्य महिलाएं भी स्वांग में साथ दे रही थीं...

Bihar News : बिहार (Bihar) के बिहारशरीफ से अंधविश्वास (Blind Faith) की हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। बता दें कि यहां नगर थाना क्षेत्र के रेलवे क्वाटर में बीते सोमवार की रात संदिग्ध हालत में युवक की मौत हो गई। रेलकर्मी पत्नी घटना को खुदकुशी बता रही है, जबकि, परिजन इसे हत्या बता रहे हैं। अपने पति को जिन्दा करने के लिए पत्नी ने घंटों जो ड्रामा किया, शायद वो सबको हैरान कर देगा।

पति को जिंदा करने के लिए किया जादू टोना

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस घटना के बाद पत्नी, पति को अस्पताल ले जाने के बजाय शव के साथ कमरे में बंद हो गई। बंद कमरे में मृत को जीवित करने के लिए घंटों जादू-टोना का पाखंड चला। कुछ अन्य महिलाएं भी स्वांग में साथ दे रही थीं। करीब चार घंटे तक मुर्दा को जिंदा करने का पाखंड होता रहा। सुबह होने पर अंधविश्वासियों ने हार मानी। तब सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गई। शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया।

सदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत

बता दें कि मृतक थरथरी थाना क्षेत्र के भतहर गांव निवासी 30 वर्षीय सूर्य प्रकाश पासवान है। पत्नी नीलम सिंह रेलवे में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत है। पहले पति की की मौत के बाद उसे नौकरी मिली थी। दूसरे पति के छोड़ने के बाद उसने सूर्य प्रकाश से प्रेम विवाह किया था। इस मामले में मृतक के भाई साजन कुमार का कहना है कि इस घटना की सूचना के बाद वह सुबह 4 बजे रेलवे क्वाटर पहुंच गए। कमरे में भाई की लाश पड़ी थी।

जादू टोना कर मृतक को जीवित करने का दावा

भाभी कुछ अन्य महिलाओं के साथ मृतक को जीवित करने का दावा करते हुए जादू-टोना कर रही थीं। मौके पर पूजन सामग्रियां रखी थी। चार घंटे तक जिंदा करने का अंधविश्वासियों ने पाखंड किया। कभी धड़कन तो कभी नब्ज चलने का दावा किया जा रहा था। काफी समय बीत जाने के बाद अधंविश्वासियों ने हार मानी।

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