अंधविश्वास

बेटे की चाह में पड़ गई ढोंगी तांत्रिक के चक्कर में, ऊपरी साया भगाने के नाम पर चिमटे-सरियों से पीटकर ली जान

Janjwar Desk
6 Sep 2021 3:30 AM GMT
बेटे की चाह में पड़ गई ढोंगी तांत्रिक के चक्कर में, ऊपरी साया भगाने के नाम पर चिमटे-सरियों से पीटकर ली जान
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अंधविश्वास की इंतहा, बेटे की चाह में फंसी तांत्रिक के चक्कर में तो गंवायी जान (प्रती​कात्मक तस्वीर)

पाखंडी बाबा ने सहयोगी महिला और उसके पुत्र के साथ मिलकर पड़ोस की एक महिला को तंत्र मंत्र के कथित अनुष्ठान के नाम पर लोहे के चिमटे और सरियों से पीट-पीटकर मार डाला..


जनज्वार। 21वीं सदी में भी देश में अंधविश्वास कितना हावी है, इसकी बानगी देश के अलग-अलग हिस्सों से रोज आती खबरों से हो जाती है। अब ऐसी ही एक खबर राजस्थान से आई है। प्रदेश के श्रीगंगानगर जिले में पुत्र प्राप्ति की चाहत में एक महिला ढोंगी तांत्रिक के चक्कर में पड़ गई और उसे इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

घटना जिले के केसरीसिंहपुर थाना क्षेत्र के अरायण गांव की बताई जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस गांव में एक पाखंडी बाबा ने सहयोगी महिला और उसके पुत्र के साथ मिलकर पड़ोस की एक महिला को तंत्र मंत्र के कथित अनुष्ठान के नाम पर लोहे के चिमटे और सरियों से पीट-पीटकर मार डाला।

मृतक महिला की तीन पुत्रियां हैं। ढोंगी बाबा ओर उसकी सहयोगी महिला तीन-चार दिन से पुत्र प्राप्ति के लिए इस महिला का तंत्र मंत्र का अनुष्ठान कर रहे थे। पुलिस ने ढोंगी बाबा, महिला और उसके बेटे को हिरासत में ले लिया है। इन सभी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है।

खबरों के मुताबिक, अरायण गांव के निवासी प्रकाश बावरी की पत्नी रूपा (35) को उसके पड़ोस में रहने वाले रामलखन नाम के एक ढोंगी ने तंत्र मंत्र करने के बहाने अपने घर ले गया। वहां एक और महिला सुक्खा देवी तथा उसका बेटा गोपाल भी थे। रूपा की चूंकि तीन बेटियां हैं, इसलिए उस पर पुत्र के लिए परिवार जनों का काफी दबाव था। बाबा ने उसे कहा कि उसकी मन्नत पूरी हो चुकी है और निश्चित रूप से उसे बेटा ही होगा।

रूपा पुत्र प्राप्ति की कामना लिए ढोंगी बाबा रामलखन के चक्कर में आ गई। रिपोर्ट्स के अनुसार रामलखन ने भी तंत्र-मंत्र और ढोंग पाखंड का काम कुछ दिन पहले ही शुरू किया है। पूजा पाठ के नाम पर रामलखन, उसकी तथाकथित चेली सहयोगी सुक्खा देवी व पुत्र गोपाल, रूपा देवी को चिमटे और लोहे से पीटने लगे कि उसमें कोई बाहरी छाया है, जिसे वे बाहर निकालेंगे। बाहरी छाया को बाहर निकालने के चक्कर में उन्होंने बेतहाशा पीटना शुरू कर दिया।

रूपा देवी के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसकी बहन मीरा अपने दो बच्चों के साथ दौड़ कर आई। रूपा की बहन भी इसी घर में विवाहित है। मीरा और बच्चों ने बचाने का प्रयास किया तो उनके साथ भी मारपीट की। शोर शराबा हो जाने पर अड़ोस पड़ोस के लोग इकट्ठे हो गए लेकिन तब तक रूपा देवी को इतनी बुरी तरह से पीटा जा चुका था कि वह बेहोश हो गई थी।

इससे पहले कि रूपा को अस्पताल ले जाया जाता, उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। इसी बीच लोगों ने तीनों आरोपियों को पकड़ कर रखा था, जिन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। मीरा देवी की रिपोर्ट पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर इन को हिरासत में ले लिया।

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