अंधविश्वास

Rewa News : मंदिर में खेला गया अंधविश्वास का खेल, 1 महीने पहले मृत हुए बच्चे को दोबारा जिंदा करने की कोशिश, फूल से हड्डी बनने का दावा

Janjwar Desk
19 Aug 2022 10:00 AM GMT
Rewa News : मंदिर में खेला गया अंधविश्वास का खेल, 1 महीने पहले मृत हुए बच्चे को दोबारा जिंदा करने की कोशिश, फूल से हड्डी बनने का दावा
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Rewa News : मंदिर में खेला गया अंधविश्वास का खेल, 1 महीने पहले मृत हुए बच्चे को दोबारा जिंदा करने की कोशिश, फूल से हड्डी बनने का दावा

Rewa News : मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बक्छेरा गांव से आज अंधविश्वास का अनोखा मामला देखने को मिला है, यहां 1 महीने पहले मृत हुए 4 साल के बच्चे को दोबारा जीवित करने का दावा किया जा रहा है...

Rewa News : मध्‍य प्रदेश के रीवा ज‍िले से एक हैरान कर देने वाली खबर आई है। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बक्छेरा गांव से आज अंधविश्वास का अनोखा मामला देखने को मिला है, यहां 1 महीने पहले मृत हुए 4 साल के बच्चे को दोबारा जीवित करने का दावा किया जा रहा है। बता दें कि इसके लिए सैकड़ों ग्रामीण जन गांव में स्थित कुल देवी के मंदिर में बैठकर पूजा अर्चना कर रहे हैं।

फूल से बचे की हड्डी बनने का दावा

वहीं इस मामले में ग्रामीणों का कहना है कि सपने में आकर माता ने कहा कि जिस स्थान पर बच्चे को दफनाया गया है, वहां की मिट्टी लेकर आओ। साथ ही दावा क‍िया जा रहा है क‍ि जब मिट्टी लाई गई तो माता के चरणों में रखने के बाद भी वह मिट्टी फूल में परिवर्तित हो गई तथा बाद में फूल से हड्डी का टुकड़ा बन गई, जिसे टोकरी के अंदर छुपा कर रखा गया है। साथ ही साथ यह भी दावा किया जा रहा है कि जल्द ही उस हड्डी में जान आ जाएगी। अब 1 महीने पहले डॉक्टरों ने जिस बच्चे को मृत घोषित किया था और जिसे बाद में दफना दिया गया था, वह अब दोबारा जीवित हो जाएगा।

1 महीने पहले मृत हुए बच्चे को जीवित करने की कोशिश

हिंदू मान्यता के मुताबिक पौराणिक कथाओं में भी आपने यह कभी नहीं सुना होगा कि मृत व्यक्ति जीवित हो सकता है लेकिन मध्य प्रदेश के रीवा में इसे चुनौती देने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए कुल देवी के मंदिर में सैकड़ों लोग एकत्रित होकर एक मरे हुए बच्चे को जीवित करने की कोशिश कर रहे हैं। इस अंधविश्वास के खेल को देखने के लिए मंदिर में भारी मात्रा में लोगों की भीड़ भी जमा हो गई।


बीमारी के कारण 1 महीने पहले ही बच्चे की हुई थी मौत

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बीमारी के कारण 1 महीने पहले ही रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र के भीटी गांव के रहने वाले आदिवासी परिवार के बच्चे की संजय गांधी अस्पताल में मौत हो गई थी, जिसके बाद बच्चे को गांव में दफना दिया गया था। बाद में परिवारजनों के द्वारा यह दावा किया जाने लगा कि उन्हें देवी माता ने सपने में पुत्र के जीवित होने का वरदान दिया है, जिसके लिए वह बाकायदा सपने में आई हुई माता के कहे अनुसार गांव से 20 किलोमीटर दूर सगरा थाना क्षेत्र के बक्छेरा गांव में स्थित कुलदेवी की उपासना में लग गए।

मृत बच्चे के शरीर की मिट्टी देवी के चरणों में अर्पित

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कुलदेवी माता ने मृत बच्चे के परिजनों के सपने में आकर कहा कि जहां पर बच्चे को दफन किया गया है, वहां से उसके शरीर की मिट्टी लाकर कुलदेवी मंदिर में माता की चरणों पर रख दो। मृत बच्चे के परिवार जनों ने मिट्टी को देवी माता के चरणों में रख दिया, जिसके बाद उस मिट्टी का फूल में परिवर्तित होने का दावा किया जा रहा है।

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