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अंधविश्वास: प्रतापगढ़ में बना कोरोना माता मन्दिर, इकट्ठा होकर सुबह-शाम आरती उतार रहे ग्रामीण

Janjwar Desk
12 Jun 2021 8:51 AM GMT
अंधविश्वास: प्रतापगढ़ में बना कोरोना माता मन्दिर, इकट्ठा होकर सुबह-शाम आरती उतार रहे ग्रामीण
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(प्रतापगढ़ जिले के सांगीपुर का पूरे जूही गांव चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों ने कोरोना माता की मूर्ति स्थापित की।)

पूरे जूही (शुकुलपुर) में महामारी से हुई तीन मौत के बाद ग्रामीणों ने गांव के ही एक नीम के पेड़ के पास कोरोना माता का मन्दिर बनाने का निर्णय लिया गया.....

जनज्वार डेस्क। कोरोना महामारी से बचने के लिए ग्रामीण इलाकों की महिलाओं ने जल चढ़ाने और दिया जलाने का सिलसिला शुरू ही किया था कि प्रतापगढ़ के सांगीपुर के पूरे जूही (शुकुल पुर) के ग्रामीणों ने कोरोना माता मन्दिर की स्थापना कर अंधविश्वास के सभी मामलों को पीछे छोड़ दिया है। यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।

कोरोना महामारी के दौरान कोरोना से बचने के लिए ग्रामीण इलाके की अधिकांश महिलाएं सूरज ढलने के बाद सामूहिक रूप से गांव के किनारे लोटे मे जल लेकर जल चढ़ाने जाती थीं। जब यह महिलाएं लोटे मे जल लेकर निकलती थी तो घर के सभी लोग इन्हें रोकने-टोकने के बजाय घर में ही कैद हो जाते थे।

इनके चले जाने के बाद ही घर से बाहर निकलते थे। जल चढ़ाकर वापस आने के बाद यह महिलाएं घर के करीब नीम के पेड़ पर जल चढ़ाकर हाथ-पैर धोने के बाद ही घर मे प्रवेश करती थीं। कोरोना महामारी से बचने के लिए घर के बाहर सूरज ढलने पर दिया जलाती थीं। बहुत से गांव में तो घर में जितने पुरुष होते थे सबके नाम पर एक दिया जलता था। बड़े परिवार के घर के बाहर दीपावली जैसा नजारा देखने को मिलता था।

लेकिन पूरे जूही (शुकुलपुर) में महामारी से हुई तीन मौत के बाद ग्रामीणों ने गांव के ही एक नीम के पेड़ के पास कोरोना माता का मन्दिर बनाने का निर्णय लिया गया और आनन-फानन मे कोरोना माता की मूर्ति बनाने का ऑर्डर दिया गया। इधर मूर्ति स्थापित करने के लिए चबूतरा बनकर तैयार हुआ ही था कि मूर्ति बनकर भी आ गयी। गांववालों की भारी-भरकम उपस्थिति के बीच कोरोना माता का मन्दिर तैयार हो गया।

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सुबह-शाम आरती भी शुरू हो गई और आज प्रतापगढ़ जिले के सांगीपुर का पूरे जूही गांव चर्चा का विषय बन गया है।

ताजा अपडेट मिलने तक हालांकि प्रशासन ने इस मंदिर को हटवा दिया है। पुलिस ने एक शख्स को हिरासत में भी लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला अंधविश्वास जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे गिराने का फैसला किया।

सांगीपुर पुलिस शुक्रवार 11 जून की रात जेसीबी भी लेकर गांव पहुंची और कोरोना माता की मूर्ति व मंदिर समेत बोर्ड जमीदोंज कर दिया। सारा मलबा गांव से 5 किलोमीटर दूर फेंकवा दिया गया। मामले में मंदिर स्थापित करने वाले आरोपी के एक भाई को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

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