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कोविड -19

गुजरात : 71 दिनों में जारी किए गए 1.23 लाख मृत्यु प्रमाण पत्र, लेकिन सरकारी आंकड़ों में कोरोना से सिर्फ 4 हजार मौतें

Janjwar Desk
14 May 2021 3:51 PM GMT
गुजरात : 71 दिनों में जारी किए गए 1.23 लाख मृत्यु प्रमाण पत्र, लेकिन सरकारी आंकड़ों में कोरोना से सिर्फ 4 हजार मौतें
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अखबार में गुजरात के सभी जिलों की तरफ से जारी मृत्यु प्रमाणपत्रों का आंकड़ा भी पेश किया है। साथ ही अख़बार में जिलावार कोरोना के सरकारी आंकड़ों को दर्शाया गया है...

जनज्वा डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहराज्य गुजरात में कोरोना की दूसरी लहर ने हाहाकार मचा रखा है। गुजरात में कोरोना संक्रमण के कारण मौत के डराने वाले आंकड़े सामने आए हैं। खबरों के मुताबिक एक मार्च से 10 मई 2021 के बीच करीब 71 दिनों में 1.23 लाख मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, जबकि सरकारी आंकड़ों में पिछले 71 दिनों में केवल 4 हजार मौतें दिखाई गई हैं।

गुजरात के प्रमुख समाचार पत्र दिव्य भास्कर में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक 1 मार्च से लेकर 10 मई 2021 के बीच राज्य में करीब 1.23 लाख मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए गए। जो पिछले साल से करीब 65,085 सर्टिफिकेट ज्यादा हैं। पिछले साल इतने दिनों के अंदर करीब 58 हजार मृत्यु प्रमाणपत्र ही जारी किए गए थे। वहीं सरकार के द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 1 मार्च से लेकर 10 मई के बीच सिर्फ 4,218 लोगों की मौत कोरोना महामारी की वजह से हुई है।

इस अखबार में गुजरात के सभी जिलों की तरफ से जारी मृत्यु प्रमाणपत्रों का आंकड़ा भी पेश किया है। साथ ही अख़बार में जिलावार कोरोना के सरकारी आंकड़ों को दर्शाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार अहमदाबाद में 1 मार्च से 10 मई के बीच 13,593 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए गए जबकि पिछले साल सिर्फ 7,786 जारी किए गए थे। वहीं सरकारी आंकड़ों के अनुसार इतनी अवधि में इस साल सिर्फ 2,126 लोगों की मौत कोरोना महामारी की वजह से हुई है।

इसके अलावा गुजरात के एक और बड़े शहर राजकोट में करीब 10,878 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए गए। हालांकि सरकार के अनुसार इतने दिनों के अंदर सिर्फ 288 लोगों की मौत कोरोना महामारी की वजह से हुई। जबकि पिछले साल 1 मार्च से लेकर 10 मई के बीच सिर्फ 2,583 मृत्यु प्रमाणपत्र ही जारी किए गए थे। ऐसा ही मामला गुजरात के हर जिले में देखने को मिला है. गुजरात के बड़े शहरों में इस साल काफी बड़ी संख्या में मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। वडोदरा में भी करीब 7,722 मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए जबकि सरकारी आंकड़ों में कोरोना महामारी की वजह से सिर्फ 189 मौतें ही दिखाई गई हैं।

इस रिपोर्ट के बाद से सरकारी आंकड़ो पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। कईयों का मानना है कि सरकार जानबूझ कर कोरोना से हुई मौतों का आंकड़ा छिपा रही हैं। बता दें कि पिछले दिनों न्यूयार्क टाइम्स में छपी रिपोर्ट में कहा गया था कि गुजरात सहित कई राज्यों में कोरोना से हो रही मौतों के आंकड़ो में छेड़छाड़ की जा रही है। मिशिगन यूनिवर्सिटी में महामारी एक्सपर्ट भ्रमर मुखर्जी ने न्यूयार्क टाइम्स में लिखा था कि सरकारी आंकड़ों से करीब 5 गुना ज्यादा मौतें इस महामारी की वजह से हो रही है।

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